100 करोड़ से ज्यादा एंड्रॉयड डिवाइस पर साइबर हमले का खतरा, गूगल ने जारी की चेतावनी
Android 12 और उसके पहले के ऑपरेटिंग सिस्टम पर चल रहे सभी डिवाइस साइबर हमले (billion android phones are now at risk) की जद में हैं. रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 58 फीसदी डिवाइस ही एंड्रॉयड 13 या उससे ऊपर के ऑपरेटिंग सिस्टम पर रन हो रहे हैं. दुनिया-जहान के ऐसे 40 फीसदी से ज्यादा एंड्रॉयड डिवाइस पर Malware और Spyware के हमले का खतरा है.

1 बिलियन यानी 100 करोड़ से ज्यादा एंड्रॉयड डिवाइस खतरे में हैं. दुनिया-जहान के 40 फीसदी से ज्यादा Android डिवाइस पर Malware और Spyware के हमले का (billion android phones are now at risk) खतरा है. बिना कोई स्टोरी का मीटर बिठाए बता देते हैं कि खतरे की चेतावनी सीधे Google से आई है. एंड्रॉयड डिवाइस पर यह खतरा ऑपरेटिंग सिस्टम के स्लो अपडेट की वजह से मंडरा रहा है. दरअसल दुनिया भर में बहुत सारे यूजर्स ऐसे एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं जिसको अब गूगल से फुल सिक्योरिटी सपोर्ट नहीं मिलता है. हाल ही में आए गूगल प्ले के सिस्टम अपडेट ने इस खतरे को और बढ़ा दिया है.
कौन से डिवाइस पर खतराएंड्रॉयड 12 और उसके पहले के ऑपरेटिंग सिस्टम पर चल रहे सभी डिवाइस साइबर हमले की जद में हैं. शायद आपको लगे कि कौन ही 5 साल पुराने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करता होगा तो जनाब दुनिया भर में अभी भी 42 फीसद डिवाइस इसी सॉफ्टवेयर पर चल रहे. फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 58 फीसदी डिवाइस ही एंड्रॉयड 13 या उससे ऊपर के ऑपरेटिंग सिस्टम पर रन हो रहे हैं.
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि अभी एंड्रॉयड 16 लेटेस्ट है और 17 भी बस आने वाला है. लेकिन जैसा हमने कहा, 42 फीसदी तो एंड्रॉयड 12 के साथ चल रहे. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह एंड्रॉयड का ओपन सोर्स होना है. मतलब स्मार्टफोन मेकर्स अपने हिसाब से एंड्रॉयड अपडेट रिलीज करते हैं. मेरा फोन मेरी मर्जी टाइप मामला है.
कई स्मार्टफोन मेकर्स अपने फ्लैगशिप फोन को तो लगातार अपडेट देते हैं मगर बजट और मिड रेंज डिवाइस को दरकिनार कर देते हैं. कुछ कंपनियां तो देर से अपडेट देने को लेकर बदनाम भी हैं. यही वजह है कि एंड्रॉयड में बहुत से डिवाइस सालों पुराने वर्जन पर रन होते हैं. हालांकि आजकल अपडेट पॉलिसी में काफी बदलाव हुआ है. सैमसंग और गूगल जैसी कंपनियां 7 साल अपडेट का वादा कर रही हैं तो Vivo और Oppo पंचवर्षीय योजना का वादा करते हैं.
लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू भी है. लेटेस्ट एंड्रॉयड का हिस्सा भी कुछ अच्छा नहीं है. एंड्रॉयड 16 सिर्फ 7.5 फीसद डिवाइस में रन हो रहा है तो एंड्रॉयड 15 कुल 19.3 डिवाइस पर. 14 का हिस्सा 17.9 है तो 13 का 13.9 है. माने एंड्रॉयड 12 और उससे नीचे वाले करोड़ों डिवाइस अभी भी इस्तेमाल में हैं.
इनके ऊपर ही असल खतरा है क्योंकि अब गूगल ने भी इनको सिक्योरिटी सपोर्ट देने से मना कर दिया है. सिक्योरिटी सपोर्ट को आप ऐसे समझिए जैसे पुरानी गाड़ी पर नया पेंट. अब यह नहीं मिलेगा तो जाहिर सी बात है कि जंग को आने का मौका मिलेगा माने साइबर हमले का खतरा रहेगा.
वैसे इस खतरे की रेंज में Galaxy S21, S21 Plus, S21 Ultra जैसे डिवाइस भी हैं. अगर आपके पास भी ऐसा कोई डिवाइस है जो एंड्रॉयड 12 या उससे पहले के OS पर चल रहा तो अब बदल ही लीजिए. सेटिंग्स में About के अंदर आपको इसका पता-ठिकाना मिल जाएगा.
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