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मोबाइल रिचार्ज के दाम 20 फीसदी बढ़ेंगे, महीना भी पता चल गया

Mobile Recharge Hike: आपका मोबाइल रिचार्ज 20 फीसदी तक महंगा हो सकता है. मोटा-माटी समझें तो आपको हर महीने कम से कम 300 रुपये का भुगतान करना होगा. ग्लोबल इनवेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी Jefferies के मुताबिक आपका मोबाइल रिचार्ज 20 फीसदी तक महंगा हो सकता है.

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Mobile Tariffs To Go Up By 20 In June 2026
मोबाइल रिचार्ज पर 20 फीसदी का फटका लगने वाला है
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सूर्यकांत मिश्रा
9 जनवरी 2026 (Published: 09:04 AM IST)
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मोबाइल रिचार्ज के दाम बढ़ने वाले हैं. इसको लेकर बहुत महीनों से कयास बाजी हो रही है. हालांकि ऐसा होना ही है. माने रिचार्ज महंगा होगा ही, बस तारीख का पता नहीं. लेकिन लगता है जैसे अब इसका वक्त पता चल गया है. जून 2026 से मोबाइल रिचार्ज के दाम बढ़ सकते हैं. ग्लोबल इनवेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी Jefferies के मुताबिक आपका मोबाइल रिचार्ज 20 फीसदी तक महंगा हो सकता है. इंडिया में मोबाइल रिचार्ज के दाम पिछली बार जुलाई 2024 में बढ़े थे जब Reliance Jio और Airtel ने मोबाइल टैरिफ को 20 फीसदी तक बढ़ा दिया था.

अब इसमें 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी और हो सकती है. मोटा-माटी समझें तो आपको हर महीने कम से कम 300 रुपये का भुगतान करना होगा. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि कुछ हफ्तों पहले Morgan Stanley ने भी रिचार्ज के दाम बढ़ने के बारे में बताया था.

2026 दाम बढ़ने का साल होगा

Jefferies और Morgan Stanley जैसी कंपनियों की रिपोर्ट से तय हो चुका है कि मोबाइल रिचार्ज के दाम जल्द ही बढ़ने वाले हैं. Jefferies की रिपोर्ट की माने तो एयरटेल तो दाम 20 फीसदी तक बढ़ा सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि डेटा की बढ़ती पहुंच, पोस्टपेड की बढ़ती पहुंच और डेटा के बढ़ते उपयोग से भारत में मोबाइल ARPU (प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व) में वृद्धि हो रही है. टैरिफ में भारी बढ़ोतरी भी इसका एक कारण है.  

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि जियो मोबाइल टैरिफ में 10-20 फीसदी की बढ़ोतरी करेगा, जिससे उसका मूल्यांकन भारती एयरटेल के करीब पहुंच जाएगा. नतीजतन उसके निवेशकों को डबल डिजिट में इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न मिलेगा.

बिजनेस की बातों से इतर आसान भाषा में समझें तो सारा खेल ARPU का है. Average Revenue Per User बोले तो एक यूजर का महीने का रिचार्ज. पिछले बार की बढ़ोतरी के बाद यह 250 रुपये पहुंच गया है. मगर टेलिकॉम कंपनियों का टारगेट 350 रुपये है. तो जब तक औसत रिचार्ज का दाम 350 रुपये महीने नहीं पहुंचता है, तब तक दाम बढ़ते ही रहेंगे. इसका यह मतलब एकदम नहीं कि चलो 350 रुपये ले लो और जान छोड़ो.

टेलिकॉम कंपनियों के मुताबिक 350 रुपये औसत से आने से उनका घाटा तकरीबन कम हो जाएगा. बिजनेस की भाषा में कहें तो break-even point (BEP). आगे आप समझ ही गए होंगे. स्मार्टफोन और लैपटॉप के दाम बढ़ने की शुरुवात हो चुकी है. कारों के दाम भी बढ़ गए हैं. आगे...

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