एसी की लाइफ बन जाएगी, स्विच ऑफ करने का ये तरीका अपना लीजिए
AC की ठंडी-ठंडी हवा ज्यादा लेने के लिए और उसको सालों तक सही से चलाने के लिए जरूरी है कि उसे ढंग से बंद (Best Way To Turn Off AC) किया जाए. आज आइए आपको सब बता देते हैं.

आप AC कैसे चालू करते हैं. क्या ही सवाल है. खटका (बटन) दबाकर या रिमोट से या फिर मॉडर्न वाला हुआ तो अलेक्सा को बोलकर. ठीक बात मगर आप AC ऑफ (Best Way To Turn Off AC) कैसे करते हैं. अरे वैसे ही. मतलब बटन दबाकर या प्लग में लगी एमसीबी गिराकर. ठीक बात नहीं, क्योंकि ऐसा करके आप एसी के साथ गलत कर रहे. उसके ऊपर एक्स्ट्रा प्रेशर डाल रहे तो उसकी उम्र भी कम कर रहे. एसी की ठंडी-ठंडी हवा ज्यादा लेने के लिए और उसको सालों तक सही से चलाने के लिए जरूरी है कि उसे ढंग से बंद किया जाए.
AC बंद करने का सही तरीकासही तरीका जानने से पहले ये जान लीजिए कि गलत तरीके से बंद करने पर क्या होता है. जब भी आप सीधे बटन बंद करके या एमसीबी गिराकर एसी बंद करते हैं तो उसका फैन और कंप्रेशर एक झटके में बंद हो जाता है. बेचारे का पूरा सिस्टम हिल जाता है. अरे भाई जब एसी ऑन होता है तो फैन पहले चालू होता है और कंप्रेशर थोड़े देर के बाद, तो बंद होते समय भी ऐसा ही होना चाहिए. बटन बंद करने से जब फैन और कंप्रेशर एक साथ बंद होते हैं तो पूरी मशीनरी पर असर पड़ता है. ऐसा अगर लगातार हुआ तो पूरे चांस है कि एक दिन कंप्रेशर का प्रेशर खत्म हो जाएगा. कंप्रेशर खत्म तो फिर बात ही खत्म.
रिमोट से बंद कीजिएAC बंद करने के लिए हमेशा रिमोट का इस्तेमाल कीजिए. आपने नोटिस किया होगा, अगर नहीं किया तो आज कर लेना. जब आप रिमोट से एसी बंद करते हैं तो सबसे पहले फैन बंद होता है, फिर फ्लैप बंद होते हैं और थोड़े देर बाद कंप्रेशर जी ठंडे पड़ जाते हैं. इसी आदत को आप भी अपनाइए. एसी सालों-साल चलेगा. और हां, जब एसी का इस्तेमाल ज्यादा टाइम के लिए नहीं होना है तो रिमोट से बंद करने के बाद बटन से भी बंद कीजिए. प्लग भी निकाल दीजिए.
गर्मी का सीजन खत्म होने के रिमोट से बैटरी निकालना मत भूलना. अगर ऐसा नहीं किया तो जब वापस से आप रिमोट ऑन करेंगे तो पता चला कि बैटरी का एसिड रिसकर उसको खराब कर चुका है.
बताइए कितना कुछ काम का बता दिया आपको.
इन्वर्टर एसी या नॉन इन्वर्टर एसी, कौन-सी लें?इसका फैसला करने के लिए non-inverter AC के नुकसान जानते हैं. ये वो परंपरागत AC हैं जिनका कंप्रेसर थोड़ी देर चलता है और थोड़ी देर बंद होता है. वो भी फिक्स स्पीड पर. जबकि इनवर्टर AC में कंप्रेसर लगातार चलता है. जब तक inverter AC नहीं था तो पुराना तरीका अच्छा माना जाता था. लेकिन बाद में पता चला कि ऐसा होने से तो ज्यादा बिजली खर्च होती है.
इसको कार या बाइक के उदाहरण से समझते हैं. कार हमेशा टॉप गियर में और एक फिक्स स्पीड पर सबसे बढ़िया माइलेज देती है. कहा जाता है कि हाइवे पर भी 80-100 पर चलो तो तेल कम जलता है. जब गाड़ी पहले गियर में होती तो इसके उलट होता है. गाड़ी का पूरा दम निकल जाता है. ऐसा ही कुछ प्रोग्राम inverter AC का है. इसमें कंप्रेसर एक बार टॉप गियर में चला जाता है तो फिर सब मक्खन हो जाता है. तापमान को मैनेज करने के लिए कंप्रेसर बंद नहीं होता बल्कि स्पीड कम ज्यादा करता है. 80-100 वाला गेम. ऐसा होने से बिजली की खपत कम होती है. कमरा ठंडा भी जल्दी होता है क्योंकि टॉप गियर में जाने में टाइम नहीं लगता.
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