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WhatsApp पर सरकार का बड़ा फैसला, चैट करने के लिए आपको क्या करना होगा अभी जान लीजिए!

सरकार का निर्देश WhatsApp के साथ ही Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Arattai जैसे ऐप पर भी लागू होगा.

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Govt tells WhatsApp for mandatory SIM binding
WhatsApp को लेकर सरकार का जरूरी निर्देश
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सूर्यकांत मिश्रा
29 नवंबर 2025 (Published: 09:03 PM IST)
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सरकार ने WhatsApp को सिम से लिंक (Govt asked WhatsApp for mandatory SIM binding) करने के लिए कहा है. अगर 90 दिन के भीतर आपका नंबर आपके मोबाइल और वॉट्सऐप से लिंक नहीं हुआ तो अकाउंट बंद हो सकता है. वॉट्सऐप वेब इस्तेमाल करने वालों के लिए भी नया निर्देश है. अब ऐप को हर 6 घंटे में लॉग आउट होना होगा. Department of Telecommunications (DoT) ने ऐप को साफ-साफ निर्देश दिया है कि बिना एक्टिव सिम के कोई भी वॉट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाए. सरकार का निर्देश Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Arattai जैसे ऐप पर भी लागू होगा.

यहां तक पढ़कर आपको लग रहा होगा कि ये सब तो पहले से है. आखिर कहना क्या चाहते हो. बताते हैं -बताते हैं लेकिन इसके लिए पहले आपको वॉट्सऐप की लॉगिन प्रोसेस को एक बार फिर समझना होगा.

बिना सिम वाला वॉट्सऐप

सरकार के इस आदेश के पीछे दरअसल वॉट्सऐप या दूसरे मैसेजिंग ऐप्स का लॉगिन प्रोसेस है जो ऑनलाइन सेफ्टी पर सवाल खड़ा करती है. आप मोबाइल में सिम लगाते हैं और वॉट्सऐप डाउनलोड करते हैं. ऐप में आपका मोबाइल नंबर डालने के बाद आपको OTP और कॉल से कोड मंगाने का ऑप्शन मिलता है. अगर डिवाइस एंड्रॉयड है तो ऑटो कॉल का भी ऑप्शन मिलता है. आईफोन में SMS पर आई ओटीपी को इंटर करना होता है.

बस हो गया. एक बार जो आपने लॉगिन कर लिया तो फिर आप मोबाइल से सिम निकाल कर धर भी दीजिए तो वॉट्सऐप चलता रहेगा. उसे तो बस इंटरनेट चाहिए जो वाईफाई से मिले या दूसरी सिम से. आप जब तक मोबाइल बदलते नहीं या फॉर्मेट नहीं करते, सिम लगाने की जरूरत नहीं होती. अगर सिम बंद भी हो जाए तो अकाउंट चलता रहता है. दिखने में ये बड़ी सुविधा जैसा लगता है मगर यही दिक्कत भी है.

मान लीजिए वॉट्सऐप वाला सिम आपने दूसरे डिवाइस में लगा लिया और सिर्फ कॉल या SMS के लिए इस्तेमाल कर रहे तो फिर मामला दो डिवाइस का हो जाएगा. ऐसे में अगर कोई अपराध हुआ तो डिवाइस को ट्रैक करना बेहद मुश्किल होता है. पता चला सिम इंडिया में चल रहा और ऐप विदेश में क्योंकि वो तो दूसरे मोबाइल में था. ऐसे में कॉल रिकॉर्ड से लेकर लोकेशन का पता करना असंभव होता है. सरकार यही रोकना चाहती है. इसलिए उसने ऐप से कहा है कि ऐसी व्यवस्था करो कि जिस मोबाइल में ऐप चल रहा, सिम भी उसी में हो. लगातार भले ना सही मगर 90 दिन में एक बार तो उस मोबाइल में सिम लगना ही चाहिए. Telecommunication Cybersecurity Amendment Rules, 2025 के तहत यह निर्देश दिया गया है. 

वेब पर इस्तेमाल के लिए भी सरकार ने नया निर्देश दिया है. हर 6 घंटे में लॉग आउट और फिर QR कोड से लॉगिन. माने जो आप ऐप को लैपटॉप या डेस्कटॉप पर चलाते हैं तो लॉगिन सीज़न 6 घंटे का होगा. मामला यहां भी साइबर सेफ्टी का है.

सार ये है कि अगर आप भी ऐसा कोई तरीका इस्तेमाल करते हैं तो अब 90 दिन में सिम लगाना होगी. एक नंबर इस्तेमाल करने वालों को तो कोई दिक्कत नहीं होगी मगर दो नंबर इस्तेमाल करने वालों को दिक्कत हो सकती है जो दूसरा सिम निकाल कर धर देते हैं. 

वैसे एक्सपर्ट सरकार के इस निर्देश पर थोड़ा बटे हुए हैं. उनका मानना है कि जिसे फ्रॉड करना है वो फर्जी सिम से काम करेगा. ऐप बनाने वाली कंपनियों ने इस पर अभी तलक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. 
    

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