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Google Gemma 4: क्या स्मार्टफोन में AI के लिए इंटरनेट की जरूरत खत्म होने वाली है?

Google ने कुछ दिनों पहले Gemma 4 नाम से एक नया AI टूल लॉन्च किया है जो वाकई में फोन में AI के होने की शुरुआत है. आईफोन और एंड्रॉयड पर चलने वाले ये टूल पूरी तरह से ऑफलाइन है. इस टूल के साथ आप जो भी करेंगे उसका डेटा भी आपके फोन में ही सेव होगा.

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8 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 8 अप्रैल 2026, 07:20 PM IST)
google gemma 4
फोन में AI आ ही गया.
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आपके फोन में सच्ची-मुच्ची में AI आ गया है. इतना पढ़कर आपके मन में दो ख्याल आने वाले हैं. क्या बात कर रहे हो यार, फोन में तो AI कब से आ रहा. कंपनियां AI फीचर्स का ढिंढोरा पीटती हैं और इसके नाम पर एक्स्ट्रा पैसा भी वसूल लेती हैं. दूसरा ये कि आजकल AI ने पूरी रैम सप्लाई को लील लिया है. इसलिए बेचारी कंपनियों को स्मार्टफोन का दाम बढ़ाना पड़ा है. हालांकि दोनों ही बातें आधी सही हैं. फोन में अभी वाला AI तो झुनझुना है. असल तो अब आया है.

Google Gemma 4 बनेगा ‘गामा पहलवान’

गूगल ने कुछ दिनों पहले Gemma 4 नाम से एक नया AI टूल लॉन्च किया है जो वाकई में फोन में AI के होने की शुरुआत है. आईफोन और एंड्रॉयड पर चलने वाला ये टूल पूरी तरह से ऑफलाइन है. इसको चलाने के लिए ना तो इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत है और ना किसी सब्सक्रिप्शन की. इस टूल के साथ आप जो भी करेंगे उसका डेटा भी आपके फोन में ही सेव होगा. डेटा वाली इस लाइन को ध्यान रखिएगा. इंटरनेट और वाईफाई तो छोड़िए, ये टूल फोन के एयरप्लेन मोड में होने पर भी काम करेगा. 

Gemma 4 का इस्तेमाल करने के लिए आपको ऐप स्टोर से Google AI Edge Gallery ऐप डाउनलोड करना होगा. आप इसकी मदद से ऑफलाइन चैट कर सकते हैं. टेक्स्ट, इमेज और ऑडियो का भी सपोर्ट है. Agent skills भी हैं, माने ये आपके कहने पर टिकट बुक कर सकता है या किराना ऑर्डर कर सकता है. Gemma E2B (2.5 GB) और E4B (3.6 GB) के साथ भी काम करता है. माने जो आपके फोन में 8 और 12 जीबी की रैम नहीं तो भी चिंता नक्को. 8 जीबी से कम रैम है तो बस ऑप्शन में E2B वर्जन सिलेक्ट कर लीजिए.  

Gemma 4 के लिए कोई साइन इन की जरूरत नहीं और कोई अलग से API key भी नहीं मांगता. इसके इस्तेमाल के बाद ChatGPT को 20 डॉलर और Claude Max को 200 डॉलर देने की भी जरूरत नहीं. इतना पढ़कर आपके मन में तीसरा ख्याल आया होगा. 8 जीबी रैम वाली बात छोड़ दें तो ये सब तो हमारे फोन के दूसरे ऐप में भी होता है. होता है, मगर इंटरनेट का बटन दबाना पड़ता है.

बिन इंटरनेट सब सून

आपके स्मार्टफोन में आप अभी तक AI वाला जो काम करते हैं उसके लिए इंटरनेट चाहिए ही चाहिए. बिना नेटवर्क या वाईफाई के AI वाले फीचर काम ही नहीं करते. इतना ही नहीं, आप जो भी काम करते हैं वो संबंधित कंपनी के सर्वर पर भी स्टोर होता है. माने डेटा जाता है क्लाउड पर. क्लाउड में सेव आपका डेटा AI कंपनियों के लिए ट्रेनिंग टूल का काम करता है. आगे कुछ कहने की जरूरत नहीं.

स्मार्टफोन कंपनियां अभी इसी नाम का पैसा आपसे ले रही हैं. कम से कम 8 जीबी रैम तो चाहिए, वर्ना AI नहीं चलेगा. रैम वाला राग तो आजकल कुछ ज्यादा ही अलापा जा रहा है. जबकि AI फीचर का असली मतलब है उनका लोकल सर्वर पर चलना, यानी आपके फोन में चलना. हमने डेटा डिलीट किया, माने वो हमेशा के लिए उड़ गया.

उम्मीद है Gemma 4 आने के बाद स्मार्टफोन कंपनियां और दूसरे ऐप इसी तरफ काम करेंगे. असल का AI सभी को मिलेगा.  

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