एंड्रॉयड डिवाइस को ऐप्पल से थोड़ा पीछे करने वाले कमी खत्म होने वाली है
जल्दी ही ऐप्पल यूजर्स का इतराना बंद हो जाएगा.

गूगल (Google) का एंड्रॉयड अच्छा या ऐप्पल का iOS. टेक एक्सपर्ट से लेकर आम जनता के बीच कभी खत्म नहीं होने वाली बहस. दोनों ही ऑपरेटिंग सिस्टम यूजर्स के लिए कई कमाल फीचर्स लेकर आते रहते हैं, लेकिन एक जगह ऐप्पल थोड़ा आगे निकल जाता है. जगह है डिवाइस के बीच कनेक्टिविटी. तकनीक की जुबान में इसको ईको सिस्टम (Apple Eco System) कहते हैं. जो आपके पास आईफोन और मैकबुक है तो सबकुछ आसानी से इधर-उधर ट्रांसफर हो जाता है. कॉल से लेकर मैसेज और फोटोज तक. एंड्रॉयड में ऐसा संभव नहीं. अब तक तो नहीं. लेकिन... अब हो सकता है.
गूगल कर रहा बड़ी तैयारीजैसे आईफोन और मैकबुक जय-वीरू की जोड़ी जैसे हैं, वैसे ही एंड्रॉयड और विंडोज़ लैपटॉप का याराना है. अब ऐप्पल का तो सब कुछ खुद का डेवलप किया हुआ है तो ईको सिस्टम बनाना कोई मुश्किल नहीं. ऐप्पल यूजर्स इस सिस्टम का दिखावा भी खूब करते हैं. लेकिन एंड्रॉयड को दूसरे एंड्रॉयड से जोड़ने का कोई जुगाड़ है ही नहीं. यहां एंड्रॉयड डिवाइस से मतलब फोन और टैबलेट से है. वैसे एंड्रॉयड और विंडोज के बीच कच्ची-पक्की दोस्ती है.
दरअसल माइक्रोसॉफ्ट ने फोन लिंक ऐप बनाया है जो एंड्रॉयड और आईफोन दोनों को विंडोज लैपटॉप से जोड़ देता है. तरीके और भी हैं, मगर मक्खन की तरह काम नहीं करते. जब-तब डिसकनेक्ट हो जाते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि दो डिवाइस के बीच कनेक्टिविटी वाईफाई या ब्लूटूथ के जरिए होती है. वहीं ऐप्पल में ये जोड़ iCloud अकाउंट से होता है.
गूगल भी ऐसा ही ईको सिस्टम बनाने की तैयारी कर रहा. जाने माने टेक एक्सपर्ट Mishaal Rahman के मुताबिक,
जल्द ही एक गूगल अकाउंट से लॉगिन करके डिवाइस लिंक करना संभव होगा. इस फीचर के आने के बाद कॉल स्विच करना और इंटरनेट शेयर करना संभव होगा.
रहमान के मुताबिक डिवाइस लिंक करने का ऑप्शन फोन की सेटिंग्स में डिवाइस के अंदर मिलेगा. इस फीचर की एक और खासियत है. जहां ऐप्पल सिर्फ एक फोन और एक डिवाइस के बीच कॉल ट्रांसफर की इजाजत देता है, वहीं गूगल मल्टीपल डिवाइस के बीच कॉल ट्रांसफर ऑफर कर सकता है. क्रिकेट की भाषा में कहें तो गूगल ने नो बॉल पर ओवर थ्रो का चौका लगा दिया है.
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