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11 हजार कर्मचारी, 200 सेंटर, नकली CBI ऑफिस... इस देश में मिला डिजिटल अरेस्ट का सबसे बड़ा अड्डा

Digital Arrests और साइबर ठगी का यह पूरा सेटअप मिला है Cambodia में. भारत से लगभग 5000 किलोमीटर दूर Southeast Asia के इस देश में ठगी के 200 से ज्यादा सेंटर मिले हैं. इस पूरी कार्रवाई में 11000 से ज्यादा स्कैम वर्कर्स भी मिले हैं. इसका वीडियो भी जारी हुआ है.

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12 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 12 फ़रवरी 2026, 09:56 AM IST)
Digital Arrests
Digital Arrests के जरिए ठगी करने वाले 173 से ज्यादा अपराधियों को भी पकड़ा गया है (तस्वीर साभार: Munsif Vengattil)
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डिजिटल अरेस्ट (digital arrests) के तमाम केस आपने देखे होंगे. ऐसे केस के वीडियो में आपने नकली सीबीआई और बैकग्राउंड में महात्मा गांधी और आंबेडकर की तस्वीरें भी देखी होंगी. बोले तो एकदम रियल लगने वाला सेटअप बनाया जाता था. यह सेटअप कहां बनाया जाता था, कैसे बनाया जाता था. उस अड्डे का पता चल गया है. ठगी के ऐसे एक नहीं कई अड्डे थे. जहां एकदम कॉर्पोरेट स्टाइल में ऑफिस बनाकर लोगों को लूटा जा रहा था. साइबर ठगी का यह पूरा सेटअप मिला है कंबोडिया (Cambodia) में. भारत से लगभग 5000 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्वी में स्थित इस देश में ठगी के 200 से ज्यादा सेंटर मिले हैं. 173 से ज्यादा अपराधियों को भी पकड़ा गया है.

नकली क्राइम ब्रांच का असली सेटअप

डिजिटल अरेस्ट मतलब साइबर ठगी का वो तरीका जिसने कितनों को लूट लिया. ठगी का वो तरीका जिसमें पीड़ितों से हजारों नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये ले लिए गए. ठगी का वो तरीका जिसमें इंसान को अरेस्ट का डर दिखाकर लूटा जाता है. इस तरीके का डर इतना कि खुद प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में इसको लेकर आगाह किया था.  

यह भी देखें: लल्लनटॉप के पत्रकार को कर रहा था Digital Arrest, फिर….

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ठगी के इस तरीके का सेटअप कंबोडिया में लगाया गया था. वहां की सरकार ने जब ऐसे स्कैम के अड्डों पर छापा मारा तो क्राइम ब्रांच से लेकर सीबीआई वाले फ्रेम बरामद हुए. भारतीय पुलिस और CBI से लेकर भारतीय कोर्ट तक के सेटअप मिले हैं. वियतनाम बॉर्डर के पास कंपोट प्रांत में ऐसे तकरीबन 190 से ज्यादा अड्डे मिले हैं. छापेमारी का यह अभियान पिछले साल के अंत में तब शुरू हुआ जब अमेरिका ने आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे मजबूत अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई करते हुए चीन में जन्मे एक कथित घोटालेबाज और कंबोडिया स्थित माई कसीनो (My Casino) के मालिक ली कुआंग (Ly Kuong) पर अभियोग लगाया और फिर चीन ने उसे प्रत्यर्पित कर दिया.

इस पूरी कार्रवाई में 11000 से ज्यादा वर्कर्स भी मिले हैं जिनको मानव तस्करी के जरिए जबरन इस काम में लगाया गया था. यह वही लोग हो सकते हैं जिनको ठगी वाले वीडियो में नकली पुलिस वाला बनाकर बिठाया जाता था. अब इन लोगों को उनके अपने देश में डिपोर्ट किया जा रहा है. कंपोट के इस कंपाउंड में हजारों वर्क स्टेशन मिले हैं, जहां से दुनिया भर में ठगी को अंजाम दिया जाता था.

माई कसीनो के मालिक ली कुआंग को इस पूरे गिरोह का सरगना बताया जा रहा है जिसे 15 जनवरी को अरेस्ट किया गया था. हालांकि इस पूरी कार्रवाई में किसी और को अरेस्ट नहीं किया जा सका है. कंपोट प्रांत के पुलिस चीफ माओ चंमथुरित ने बताया कि उनके पास सिर्फ 1000 पुलिस वाले और 300 मिलिट्री पर्सन हैं. इस वजह से करीब 7000 लोग भाग भी गए.

हालांकि यहां मिले लगभग 200 ठगी के अड्डों को बंद कर दिया गया है. उम्मीद है अब इस कार्रवाई के चलते डिजिटल अरेस्ट पर थोड़ी लगाम लगेगी.

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