क्रेडिट कार्ड की लाखों की उधारी चुक जाएगी और पैसा मिलेगा अलग से... इस जाल में कई फंसे-लुटे
क्रेडिट कार्ड की बड़ी उधारी, अनाप-शनाप ब्याज, बैंक और वसूली वालों के फोन से हलकान-परेशान आदमी आसानी से अकाउंट का एक्सेस दे देता है. ठग उसकी उधारी तो चुका देते हैं, मगर उसी अकाउंट में ठगी का पैसा भी जमा करते हैं.

आपको क्रेडिट कार्ड की लाखों की उधारी बोले तो आउटस्टैंडिंग चुकाने का बढ़िया जुगाड़ बताते हैं. आपका लाखों रुपये का बकाया भी चुक जाएगा और साथ में आपको कुछ पैसा अलग से मिल जाएगा. क्या कहा, आपके क्रेडिट कार्ड पर लाखों बकाया नहीं है. बहुत अच्छे, लेकिन फिर भी ये जुगाड़ जान लीजिए. अपने यार मित्र सखा बंधु दोस्त को बता दीजिए ताकि उनको स्कैम का शिकार ना होना पड़े और जेल भी नहीं जाना पड़े. क्या कहा, अभी तो तुम उधारी खत्म करवा रहे थे, अब स्कैम (credit cards outstanding cyber fraud) करवा रहे. स्कैम हम नहीं बल्कि साइबर ठग करवा रहे.
क्रेडिट कार्ड उधारी वाला स्कैमकड़वी बात है मगर सच है. दुनिया-जहान में अगर कोई सबसे ज्यादा इवॉल्व हुआ है तो वो साइबर ठग हैं. नित नए तरीके खोज निकालते हैं फ्रॉड करने के. एक जमाने में mule account माने लंबे समय से निष्क्रिय पड़े अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करते थे, अब इसकी जगह क्रेडिट कार्ड बिल भरकर अपना उल्लू सीधा कर रहे. इस किस्म के फ्रॉड में ठग सबसे पहले ऐसे शख्स को तलाशते हैं जिसके ऊपर क्रेडिट कार्ड के लाखों बकाया हैं और वो लंबे समय से उसका भुगतान नहीं कर पा रहा है. ठग उस व्यक्ति को कार्ड की उधारी चुकाने का लालच देते हैं और बदले में उसके उस अकाउंट का एक्सेस मांग लेते हैं जिससे वो क्रेडिट कार्ड का पैसा वापस भरता है.
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क्रेडिट कार्ड की बड़ी उधारी, अनाप-शनाप ब्याज, बैंक और वसूली वालों के फोन से हलकान-परेशान आदमी आसानी से अकाउंट का एक्सेस दे देता है. ठग उसकी उधारी तो चुका देते हैं, मगर उसी अकाउंट में ठगी का पैसा भी जमा करते हैं. इस पैसे को फिर अकाउंट होल्डर से कैश में वापस लिया जाता है. ठग इसके लिए अकाउंट होल्डर को कमीशन भी ऑफर करते हैं.
एक तरफ उधारी चुक रही और दूसरी तरफ कमीशन भी मिल रहा, तो कोई भी आसानी से इस लालच में फंस जाता है. ठग कैश निकालकर फ्रॉड की पूरी चैन को खत्म करते चैन की सांस लेते हैं, मगर कमीशन पाने वाले का सुख-चैन खत्म हो जाता है. इस Fraud Trail की पूछ पकड़कर जब पुलिस उस व्यक्ति के पास पहुंचती है तो उसके पास कोई जवाब नहीं होता है.
Indian Cybercrime Coordination Centre (I4C) ने भी इस किस्म की ठगी को लेकर आगाह किया है. I4C ने क्रेडिट कार्ड को किसी और को नहीं देने के लिए चेताया भी है. आप भी सचेत रहिए. पहले तो इतना खर्च भी मत कीजिए कि उधारी चुकाने में दिक्कत हो. अगर क्रेडिट कार्ड की उधारी हो गई तो बैंक से बात कीजिए. ईएमआई में भी भुगतान हो जाता है. आखिर में, अगर आपके साथ कोई साइबर ठगी हुई है तो 1930 पर तत्काल कॉल करें.
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