चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, 'नोटिस सही पते पर पहुंचा, देना होगा पूरा पैसा'
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (30 सितंबर) को SAINABA VERSUS STATE OF KERALA & ANR केस में कहा कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 (NI Act) के तहत कानूनी डिमांड नोटिस को सिर्फ इसलिए अमान्य नहीं माना जा सकता कि वह ड्रॉअर (चेक जारी करने वाले) के परिवार के किसी सदस्य को मिला था, जबकि नोटिस ड्रॉअर के सही पते पर रजिस्टर्ड पोस्ट से भेजा गया था.
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कानूनी डिमांड नोटिस को सिर्फ इसलिए अमान्य नहीं माना जा सकता कि वह ड्रॉअर (चेक जारी करने वाले) के परिवार के किसी सदस्य को मिला था (Courtesy: AI)
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