NASA ने Artemis II पर 37 हजार करोड़ खर्च किए मगर Microsoft से पार नहीं पाया, ऐप की क्रैश लैंडिंग
NASA के Artemis II रॉकेट के अंदर से कमांडर रीड वाइसमैन (Reid Wiseman) के टैबलेट का वीडियो वायरल है. कमांडर के टैबलेट में आउटलुक की क्रैश लैंडिंग हो गई. बेचारे कमांडर अपना टैबलेट नहीं चला पा रहे और धरती पर अपने ग्राउन्ड स्टाफ से मदद मांग रहे हैं.

Microsoft का एक वीडियो आपने पक्के से देखा होगा जिसमें सेटेलाइट लॉन्च से ठीक पहले उसका कंप्यूटर ऑटो अपडेट पर चला जाता है. स्टेशन पर बैठे लोग सन्न रह जाते हैं. बॉस चीखना स्टार्ट कर देता है. क्योंकि वीडियो में कुछ भद्दे शब्द भी हैं इसलिए हम उसे दिखा तो नहीं सकते मगर आपको इंटरनेट पर मिल जाएगा. अब हम आज इसकी बात क्यों कर रहे क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट ने ऐसा वाकई में कर दिखाया है. NASA के Artemis II मिशन में माइक्रोसॉफ्ट का आउटलुक क्रैश (Artemis II crew experiences issues with Microsoft Outlook) हो गया. कमांडर रीड वाइसमैन (Reid Wiseman) के टैबलेट में आउटलुक की क्रेश लैंडिंग हो गई.
NASA के Artemis II रॉकेट के अंदर से कमांडर रीड वाइसमैन के टैबलेट का वीडियो वायरल है. बेचारे कमांडर अपना टैबलेट नहीं चला पा रहे और धरती पर अपने ग्राउन्ड स्टाफ से मदद मांग रहे हैं.
Outlook की क्रैश लैंडिंगArtemis II रॉकेट नासा के चंद्रमा पर मानव मिशन का दूसरा हिस्सा है. नासा ने 50 साल से भी ज्यादा समय बाद चंद्रमा को लेकर कोई मानव मिशन शुरू किया है. इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री भेजे गए हैं. इनमें तीन अमेरिकी रीड वाइसमैन, क्रिस्टीन कोच, विक्टर ग्लोवर और कनाडाई यात्री जेरेमी हेनसन शामिल हैं. हालांकि 10 दिन के Artemis 2 मिशन में अंतरिक्ष यात्री चांद की सतह पर नहीं उतरेंगे, बल्कि चांद का चक्कर लगाते हुए पृथ्वी से उतनी दूर जाएंगे जहां पर आज तक कोई नहीं गया है. नासा के इस मिशन का लक्ष्य साल 2028 में Artemis IV मिशन के जरिए एक बार फिर से चांद की सतह पर उतरने का है.
इस पूरे मिशन की लागत 90 बिलियन डॉलर (83 हजार करोड़ रुपये) है. Artemis II पर 37 हजार करोड़ खर्च हुए हैं. ये सब जानकारी हमने आपको इसलिए दी क्योंकि इतना पैसा खर्च करके भी बेचारा नासा माइक्रोसॉफ्ट से नहीं निपट पाया. उड़ान के 7 घंटे बाद माइक्रोसॉफ्ट के एक नहीं बल्कि दो ऐप काम करना बंद कर दिए. Outlook (New) और Outlook (classic) ने काम करना बंद कर दिया. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि नासा ने Microsoft 365 के लाइसेंस के लिए 100 मिलियन डॉलर खर्च किए हैं.
जब ऐप ने काम करना बंद किया तो नासा के यूट्यूब चैनल पर 16 हजार लोग मिशन को लाइव देख रहे थे. इसके बाद सोशल मीडिया पर पुराने वाले वीडियो और मीम की बाढ़ आ गई. हर कोई माइक्रोसॉफ्ट को छील रहा. अच्छी बात ये है कि आउटलुक की क्रैश लैंडिंग से मिशन पर कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि बाकी चारों यात्रियों को टैबलेट काम कर रहे थे.
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