Apple और Amazon की आसमान में दोस्ती हुई, निशाने पर है एलन मस्क का स्टारलिंक
Amazon ने ऐप्पल की सेटेलाइट कंपनी Globalstar को 1 लाख करोड़ रुपये में खरीद लिया है. ये कंपनी iPhone और Apple Watch को आपातकाल में आसमान से कनेक्ट करती है. लेकिन ई-कॉमर्स दिग्गज ने इसको क्यों खरीद लिया?

टेक की दुनिया में एक नई दोस्ती हुई है. Amazon और Apple ने हाथ मिलाया है. ई-कॉमर्स दिग्गज ने लगभग 1 लाख करोड़ रुपये में ऐप्पल का Globalstar खरीदा है. Globalstar, ई क्या बला है और अमेजन इसका क्या करने वाला है. Globalstar ऐप्पल की सेटेलाइट कंपनी है. ऐप्पल की सेटेलाइट कंपनी, ये कब आई. दरअसल जब ऐप्पल ने आईफोन 14 से सेटेलाइट कनेक्टिविटी की स्टार्टिंग की थी, तभी उसने इस कंपनी में पैसा लगाया था. आज ये कंपनी आईफोन और Apple Watch को आसमान से कनेक्ट करती है. ठीक है, लेकिन अमेजन ने इसको क्यों खरीदा?
Elon Musk का कनेक्शन तोड़ने के लिएअरे यार, अभी तक तो अमेजन और ऐप्पल के आसमान की बात कर रहे थे. अब ये मस्क कहां से खजूर की तरह आ गिरा. अरे भईया मस्क नहीं गिरा, वो तो पहले से ही था. दरअसल ये डील हुई ही है मस्क को गिराने के लिए. अमेजन ने एक लाख करोड़ मस्क के आसमान वाले इंटरनेट स्टारलिंक से मुकाबले के लिए खर्च किए हैं.
आसमान से आने वाले इंटरनेट पर अभी स्टारलिंक का राज है. उसके 10 हजार से ज्यादा सेटेलाइट low-Earth orbit में चक्कर लगाते हैं. 10 हजार में से 650 मोबाइल को आपातकाल में सेटेलाइट से जोड़ सकते हैं. दूसरी तरह है अमेजन की Leo इंटरनेट सर्विस जिसके पास सिर्फ 200 सेटेलाइट का नेटवर्क है. इसका मतलब Globalstar के पास भतेरे सेटेलाइट होंगे. नहीं भईया, उनके पास तो सिर्फ 25 सेटेलाइट ही हैं मगर सारे के सारे Emergency SOS फीचर के साथ आते हैं.
इसलिए अमेजन ने इनको खरीद लिया क्योंकि वो मस्क के Starlink’s Direct-to-Cell (Starlink Mobile) सिस्टम को डेवलप नहीं होने देना चाहता. ये मस्क का ड्रीम प्रोजेक्ट है जिसकी मदद से वो सेटेलाइट नेटवर्क का इस्तेमाल करके मोबाइल सर्विस देना चाहते हैं. उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए अमेरिकन ऑपरेटर T-Mobile से हाथ मिलाया है. जाहिर सी बात है कि वो Globalstar की तरफ देखते, इसके पहले अमेजन बाजी मार लिया क्योंकि वो भी कुछ ऐसी ही सर्विस Amazon Leo D2D लॉन्च करने के बारे में सोच रहा है.
डील के बाद भी अमेजन, आईफोन और Apple Watch को सर्विस देता रहेगा. रही बात सेटेलाइट कनेक्टिविटी की तो ये एक इमरजेंसी फीचर है जिसकी मदद से यूजर मोबाइल में नेटवर्क नहीं होने पर सेटेलाइट की मदद से एसएमएस कर सकता है या अपनी लोकेशन शेयर कर सकता है. ऐप्पल ने आईफोन 14 से इसे लॉन्च किया था. रही बात इस डील की तो उसने 1.5 बिलियन लगाकर दो साल में 11.57 बिलियन छाप लिए.
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