अब Apple के Airpods आपके कान की जांच भी करेंगे
इसकी मदद से यूजर्स घर बैठे अपने कानों की जांच कर सकते हैं. इसके लिए AirPods Pro को आईफोन या iPad से कनेक्ट करना होगा. ये टेस्ट करीब 5 मिनट का होगा. इस दौरान अलग-अलग आवाजें सुनाई जाएंगी और यूजर को बताना होगा कि कौन सी आवाज सुनाई दी और कौन सी सुनाई नहीं दी. इसके बाद सिस्टम यूजर की hearing profile तैयार करेगा.

अब तक AirPods का इस्तेमाल लोग गाने सुनने, फिल्म देखने या फोन पर बात करने के लिए करते थे. लेकिन अब यही AirPods आपके कानों की जांच भी करेंगे. एप्पल ने भारत में AirPods Pro के लिए ये हेल्थ फीचर शुरू कर दिया है. इससे लोग घर बैठे हियरिंग टेस्ट कर पाएंगे और शुरुआती हियरिंग प्रॉब्लम (सुनने की दिक्कत) मालूम कर सकेंगे.
एप्पल ने अपने AirPods Pro में तीन नए फीचर दिए हैं - Hearing Test, Hearing Aid और Hearing Protection.
Hearing Test फीचर क्या है?इसकी मदद से यूजर्स घर बैठे अपने कानों की जांच कर सकते हैं. इसके लिए AirPods Pro को आईफोन या iPad से कनेक्ट करना होगा. ये टेस्ट करीब 5 मिनट का होगा. इस दौरान अलग-अलग आवाजें सुनाई जाएंगी और यूजर को बताना होगा कि कौन सी आवाज सुनाई दी और कौन सी सुनाई नहीं दी. इसके बाद सिस्टम यूजर की hearing profile तैयार करेगा.
टेस्ट पूरा होने के बाद रिपोर्ट Apple Health ऐप में सेव हो जाएगी. यूज़र चाहें तो इसे डॉक्टर के साथ भी शेयर कर सकते हैं. Apple का दावा है कि यह “clinically validated” फीचर है, यानी इसे मेडिकल टेस्टिंग को ध्यान में रखकर बनाया गया है.

अगर टेस्ट में किसी यूजर को हल्की या मध्यम हियरिंग प्रॉब्लम मिलती है, तो AirPods आसपास की आवाज़ों को ज्यादा साफ करके सुनाने लगेंगे यानी एयरपॉड्स हियरिंग एड की तरह काम करेंगे. इससे आवाज़ सुनना आसान हो जाएगा, खासकर भीड़ या शोर वाली जगहों में.
Hearing Protection फीचरये फीचर बहुत तेज आवाज़ों को कम करने की कोशिश करेगा ताकि यूजर्स के कानों को नुकसान न पहुंचे.

फिलहाल AirPods Pro 2 और नए AirPods Pro 3 में मिलेगा. इसके लिए लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट का होना जरूरी होगा. इसके साथ ही iPhone या iPad में नया iOS और iPadOS वर्ज़न होना चाहिए.

असल में Apple ने ये फीचर 2024 में कुछ देशों में शुरू कर दिया था, लेकिन भारत में ये अब तक उपलब्ध नहीं था. इस फीचर की बातें इसलिए भी हो रही हैं क्योंकि भारत में हियरिंग एड काफी महंगे माने जाते हैं. Deccan Herald की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेडिकल लेवल के हियरिंग एड की कीमत 37 हजार रुपये से लेकर 6 लाख रुपये तक जा सकती है. AirPods Pro की कीमत इससे काफी कम है.
Apple का पूरा फोकस इस बात पर है कि लोग शुरुआती हियरिंग प्रॉब्लम को जल्दी पहचान सकें. क्योंकि hearing loss धीरे-धीरे बढ़ता है और कई लोगों को लंबे समय तक इसका पता भी नहीं चलता है.
(ये स्टोरी इंटर्न सत्यम ने लिखी है.)
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