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ब्रह्मांड का सबसे बड़ा नक्शा आया है, एक ही फ्रेम में 8 लाख गैलेक्सी!

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की ये सबसे बड़ी और सबसे साफ तस्वीर है जिसे 5 जून को जारी किया गया है. इस नक्शे को ‘COSMOSWeb प्रोजेक्ट’ के तहत बनाया गया है. जिसकी शुरुआत साल 2021 में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के लॉन्च के साथ हुई थी. इस प्रोजेक्ट में दुनिया भर के 50 से अधिक वैज्ञानिक शामिल हैं

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13 जून 2025 (पब्लिश्ड: 12:06 AM IST)
ames Webbs COSMOSWeb Project
कॉसमॉस-वेब से ली गई तस्वरी. (क्रेडिट : सोशल मीडिया)
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नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने ब्रह्मांड के शुरुआती दिनों का एक नक्शा तैयार किया है. एक तरह से जब ब्रह्मांड नया-नया बना था तब का. नंबर में बताएं तो करीब 13 अरब साल पुराना. इस एक नक्शे को बनाने के लिए 10 हजार से भी अधिक फोटोज को एक साथ जोड़ा गया है. जिसके बाद बने नक्शे में आठ लाख से भी अधिक गैलेक्सीज दिखाई दे रही हैं.

स्पेस डॉट कॉम में छपी खबर के मुताबिक, जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की ये सबसे बड़ी और सबसे साफ तस्वीर है जिसे 5 जून को जारी किया गया है. इस नक्शे को ‘COSMOSWeb प्रोजेक्ट’ के तहत बनाया गया है. जिसकी शुरुआत साल 2021 में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के लॉन्च के साथ हुई थी. इस प्रोजेक्ट में दुनिया भर के 50 से अधिक वैज्ञानिक शामिल हैं.

इस टीम ने 200 घंटे की टेलीस्कोपिक ऑब्जर्वेशन से इस नक्शे को तैयार किया. इसमें तीन पूरे चंद्रमाओं के आकार जितने बड़े आसमान के हिस्से को देखा. इन तस्वीरों को दो सालों तक प्रोसेस किया गया. क्योंकि टेलीस्कोप से ली गई तस्वीरों में कुई समस्याएं थीं जिन्हें दूर करने के बाद वैज्ञानिकों ये नक्शा मिला.

वैज्ञानिक इस प्रोजेक्ट की मदद से ब्रह्मांड में तारों और गैलेक्सी के बनने के समय को समझना चाहते हैं. इसे ‘Reionization Era’ कहा जाता है. अनुमान है कि ‘Reionization Era’ के समय पूरी दुनिया पर हाइड्रोजन की धुंध थी. साथ ही तारे और गैलेक्सी बन रहे थे. वैज्ञानिक इसी समय बने "हाइड्रोजन कोहरे" के बीच बने Reionization bubbles को खोजने की कोशिश में हैं. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक इस काम में अभी समय है.

न्यू यॉर्क के रोचेस्टर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में एस्ट्रोफिजिसिस्ट और इस प्रोजेक्ट की लीड रिसर्चर डॉ. जेहान कर्टालतेपे ने बताया,

“मुझे नहीं पता कि जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप दोबारा इतने बड़े एरिया को कवर कर सकेगा या नहीं इसलिए आने वाले सालों में इस डेटा का काफी उपयोग किया जाएगा.” 

उन्होंने आगे बताया कि उन्हें टेलीस्कोप ने उम्मीद से बेहतर फुटेज मिले.

फिलहाल वैज्ञानिकों ने इस डेटा को आम नागरिकों के लिए फ्री में उपलब्ध कराया है. इसकी मदद से लोग गैलेक्सी के बनने और बदलने, उसकी स्थिति और आकार को अच्छे तरीके से समझ सकते हैं.

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