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'BJP-EC के चोर बाजार में जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम', राहुल गांधी का आरोप

Rahul Gandhi on West Bengal CEO Manoj Agarwal: बंगाल में चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर यानी CEO की भूमिका निभाने वाले सीनियर IAS मनोज अग्रवाल को बंगाल का नया चीफ सेक्रेटरी बनाया गया है. इसी को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने BJP को घेरा.

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12 मई 2026 (पब्लिश्ड: 08:31 PM IST)
Rahul Gandhi on West Bengal CEO Manoj Agarwal
मनोज अग्रवाल को बंगाल का नया चीफ सेक्रेट्री बनाया गया है. (फोटो-इंडिया टुडे)
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“BJP-EC के चोर बाजार में जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम.” ये कहना है कांग्रेस नेता राहुल गांधी का. पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के दो बड़े अधिकारियों को नए सीएम शुभेंदु ने अपनी टीम में शामिल किया है. इसके बाद राहुल ने आरोप लगाया कि इलेक्शन कमीशन और BJP साथ मिलकर काम करते हैं. जो अधिकारी BJP का जितना साथ देता है, पार्टी उसे उतना ही बड़ा ईनाम देती है. 

दरअसल, बंगाल में चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर यानी CEO की भूमिका निभाने वाले सीनियर IAS मनोज अग्रवाल को बंगाल का नया चीफ सेक्रेटरी बनाया गया है. इससे पहले बंगाल में SIR प्रोसेस के दौरान चुनाव आयोग के स्पेशल ऑब्जर्वर IAS सुब्रत गुप्ता को शुभेंदु अधिकारी ने अपना सलाहकार बनाया था. राहुल गांधी ने अपने बयान में इन्हीं दो अधिकारियों को टारगेट किया है. मामले पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने लिखा, 

BJP की पश्चिम बंगाल सरकार ने 2026 विधानसभा चुनाव की निगरानी करने वाले मनोज अग्रवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है. दूसरी तरफ वोटर लिस्ट से नाम हटाने के प्रोसेस को देखने वाले सुब्रत गुप्ता को शुभेंदु अधिकारी का मुख्य सलाहकार बनाया गया है. इन नियुक्तियों को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि चुनाव आयोग और BJP के बीच खुली मिलीभगत है.

आगे उन्होंने कहा कि अब इसे छिपाने की भी कोशिश नहीं की जा रही है. इससे साफ है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं था और उसने सिर्फ BJP को फायदा पहुंचाने के लिए काम किया. आरोप ये भी है कि 27 लाख लोगों के वोट देने का अधिकार खत्म कर दिया गया, जिससे BJP को चुनावी फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई.'
 

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फोटो-एक्स

जिन अधिकारियों पर पक्षपात के आरोप लग रहे हैं, अब उनके बारे में जान लेते हैं.

कौन है मनोज अग्रवाल?

मनोज अग्रवाल साल 1990 बैच के IAS अधिकारी हैं. 3 अप्रैल 2025 को पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाली थी. IIT कानपुर के पूर्व स्टूडेंट रहे हैं. उन्होंने वहां से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया है. उनके पास 36 साल का प्रशासनिक अनुभव है. इससे पहले वो फूड एंड सप्लाई, फायर फाइटिंग और डिजास्टर मैनेजमेंट समेत कई बड़े डिपार्टमेंट्स में काम कर चुके हैं. मनोज अग्रवाल इसी साल जुलाई 2026 में रिटायर होने वाले थे लेकिन शुभेंदु सरकार ने उनको मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी. उन्हें दो साल का सेवा विस्तार भी दिया गया है.

कौन हैं सुब्रत गुप्ता? 

सुब्रत गुप्ता सीएम शुभेंदु अधिकारी के सलाहकार बने हैं. वे 1990 बैच के बंगाल कैडर के IAS अधिकारी हैं. चुनाव आयोग की ओर से पश्चिम बंगाल में SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रोग्राम के लिए सुब्रत को ही बतौर स्पेशल इलेक्शन ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था. बंगाल में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7 मई को चुनाव आयोग ने सुब्रत गुप्ता को  उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था. कांग्रेस इन दोनों appointments को ‘चोरी’ बता रही है. लेकिन, बीजेपी का दावा है कि ये अधिकारी अपने पदों के लिए ‘वेल-डिजर्विंग’ हैं. BJP ने लिखा, 

ममता बनर्जी के ने IAS अधिकारियों से जुड़े नियमों की खुलेआम अनदेखी की थी. कई सीनियर अधिकारियों को पीछे छोड़कर सिस्टम को कमजोर किया था. लेकिन, हमने उसका उल्टा किया. पश्चिम बंगाल की BJP सरकार ने राज्य में मनोज अग्रवाल को  मुख्य सचिव नियुक्त किया है. ये फैसला कानून और प्रशासन की गरिमा को देखते हुए लिया गया है.

जिस फैसले को BJP कानून की गरिमा बता रही है. उसी फैसले को राहुल ने ‘चोर बाजार’ कह दिया.  

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