The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Politics
  • West Bengal Asansol Durgapur Stone Pelting BJP CM Suvendu Adhikari

आसनसोल में लाउडस्पीकर पर 'नए रूल' को लेकर बवाल, पुलिस टीम पर चले पत्थर, 7 गिरफ्तार

नए नियमों के मुताबिक, धार्मिक स्थानों पर लगाए गए साउंड सिस्टम और माइक्रोफोन की आवाज केवल परिसर तक ही सीमित रखने के लिए कहा गया है. ताकि, रिहायशी इलाकों में ध्वनि प्रदूषण को कम किया जा सके. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने सभी धार्मिक संगठनों से इस नियम के पालन की अपील की थी.

Advertisement
pic
16 मई 2026 (पब्लिश्ड: 06:24 PM IST)
West Bengal, Asansol
बंगाल के आसनसोल में पत्थरबाजी हुई. (फोटो- आज तक/ इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में शुक्रवार, 15 मई को पत्थरबाजी की घटना सामने आई है. पुलिस धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर राज्य सरकार के नए नियमों के बारे में जानकारी देने और उन्हें लागू कराने पहुंची थी. लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच विवाद बढ़ गया और बाद में पत्थरबाजी शुरू हो गई. आरोप ये भी हैं कि गुस्साई भीड़ ने पुलिस चौकी पर हमला कर दिया और वहां तोड़फोड़ की. हालात को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. अब तक इस मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

पत्थरबाजी की यह घटना जहांगीर मोहल्ले की है, जो आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट में आता है. इंडिया टुडे से जुड़े अनिल गिरी की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 14 मई को सभी धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को कंट्रोल करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए. मुख्यमंत्री ने नियम न मानने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश भी दिए थे.

क्या हैं नए नियम?

नए नियमों के मुताबिक, धार्मिक स्थानों पर लगाए गए साउंड सिस्टम और माइक्रोफोन की आवाज केवल परिसर तक ही सीमित रखने के लिए कहा गया है. ताकि, रिहायशी इलाकों में ध्वनि प्रदूषण को कम किया जा सके. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने सभी धार्मिक संगठनों से इस नियम के पालन की अपील की थी. इसी आदेश को लेकर पुलिस टीम शुक्रवार को आसनसोल उत्तर थाना क्षेत्र के कई इलाकों में पहुंची थी.

पुलिस अधिकारी जहांगीरी मोहल्ला में धार्मिक स्थलों के प्रबंधन से बात कर रहे थे. उन्हें नए नियमों की जानकारी दी जा रही थी और आवाज तय सीमा में रखने को कहा जा रहा था. इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया. शुरुआत में माहौल सामान्य था, लेकिन थोड़ी ही देर में बहस तेज हो गई और तनाव बढ़ने लगा.

खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग पुलिस चौकी के बाहर जुट गए. आरोप है कि भीड़ ने चौकी पर पथराव किया. चौकी की खिड़कियां टूट गईं और अंदर रखे सामान को भी नुकसान पहुंचा. हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को मौके पर भेजा. इसके बाद इलाके में फ्लैग मार्च किया गया, तब जाकर हालात धीरे-धीरे काबू में आए.

पुलिस बोली, ‘हालात कंट्रोल में है’

पुलिस का कहना है कि फिलहाल स्थिति कंट्रोल में है, लेकिन एहतियात के तौर पर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. हमले में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो खंगाले जा रहे हैं. कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा रही है. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह से दूर रहने की अपील की है.

पत्थरबाजी की घटना पर आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के कमिश्नर प्रणब कुमार का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा,

कुछ लोगों की शिकायतों को लेकर बातचीत चल रही थी. इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया. वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया गया. अब हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं. अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है.

पश्चिम बंगाल में आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद पत्थरबाजी का पहला मामला है. 

वीडियो: नेतानगरी: NEET पेपर लीक में ‘बड़ी मछलियों’ को बचाया जा रहा? कैसे चुने गए केरलम CM?

Advertisement

Advertisement

()