IPL छोड़िए तमिलनाडु की राजनीति देखिए, थलापति विजय के मुख्यमंत्री बनने पर फिर सवाल
तमिलनाडु में पैदा हुए राजनीतिक संकट का समाधान होता दिख रहा है. राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने विजय की पार्टी टीवीके को सरकार बनाने के लिए आमंत्रण दे दिया है. विजय 9 मई को राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे. उनके शपथ ग्रहण में राहुल गांधी के भी शामिल होने की उम्मीद है.

IPL तो बोरिंग लग रहा. असली खेल तो तमिलनाडु की राजनीति में हो रहा. थलापति विजय के मुख्यमंत्री बनने पर फिर सवाल खड़ा हो गया है. कहा जा रहा है कि विधायकों के समर्थन वाला जो पत्र उन्होंने गवर्नर राजेंद्र अर्लेकर को सौंपा उसमें दो विधायकों के साइन थे ही नहीं. कहा जा रहा है कि VCK ने ऐन वक्त शर्त की टांग अड़ा दी. कथित तौर पर VCK ने अपने लिए डिप्टी सीएम का पद मांग लिया है.
कहा ये भी जा रहा है कि विजय की पार्टी TVK काफी देर से VCK से संपर्क करना चाह रही है, लेकिन बात नहीं हो पा रही. इससे पहले बताया गया कि वीसीके ने अपना समर्थन पत्र गवर्नर को भेजा था, लेकिन वो अब तक राजभवन पहुंचा ही नहीं. इस बीच IUML ने भी पलटी मार दी. अब वो कह रही है कि वो पूरी तरह DMK के साथ है. विजय को समर्थन देने का सवाल ही नहीं.
इससे पहले क्या हुआ?
कहा गया कि तमिलनाडु को आखिरकार अपना अगला मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है. जोसेफ विजय 9 मई को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. 8 मई की शाम राज्य के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने का न्योता दिया. राजभवन में हुई मुलाकात के बाद विजय ने उनके निमंत्रण को स्वीकार किया.
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं. तमिलनाडु विधानसभा में TVK 108 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है. सरकार बनाने के लिए विधानसभा में 118 सीटों का बहुमत चाहिए होता है. TVK को कांग्रेस के पांच विधायकों के साथ लेफ्ट पार्टियों का भी समर्थन मिल गया है, जिससे पार्टी बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गई है.
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस के 5 विधायक TVK के समर्थन में आए हैं. वहीं CPI और CPI(M) के 2-2 विधायकों ने विजय की पार्टी का समर्थन किया है. इसके अलावा थोल थिरुमावलवन की पार्टी विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के 2 विधायकों ने भी TVK का समर्थन किया है. इन पार्टियों के सहयोग से विजय के पास बहुमत का जुगाड़ हो गया है.
हालांकि इस जुगाड़ का बिगाड़ भी हो सकता है. कुछ भी दावे से कहना खतरे से खाली नहीं. इसलिए सुबह 11 बजे का वेट करना होगा.
इससे पहले दो मौकों पर राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने से इनकार कर दिया था. क्योंकि उनके पास बहुमत का नंबर नहीं था. राज्यपाल ने उनसे 118 विधायकों का हस्ताक्षर लाने को कहा था. उन्होंने दलील दी कि वे फ्लोर टेस्ट की अनुमति इसलिए नहीं दे रहे हैं ताकि कोई अस्थिर सरकार न बने.
सरकार बनाने का आमंत्रण देना राज्यपाल के विवेकाधिकार पर निर्भर होता है. लेकिन नैतिक परिपाटी के मुताबिक, राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का आमंत्रण देते हैं. लेकिन यहां राज्यपाल विजय की पार्टी को सरकार बनाने के लिए नहीं बुला रहे थे. राजनीतिक हलकों में राज्यपाल का ये कदम चर्चा का विषय बन गया था. कानूनी एक्सपर्ट्स की राय थी कि फ्लोर टेस्ट विधानसभा के पटल पर होना चाहिए, न कि लोकभवन में.
वीडियो: थलापति विजय ने खेला बड़ा दांव, ये चाल बदल देगी तमिलनाडु की राजनीति?

