क्या सयानी घोष भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ देंगी? चुनाव में 'भावी प्रधानमंत्री' तक कह दिया था
बंगाल चुनाव के दौरान बीजेपी पर जमकर निशाना साधने वाली सयानी घोष भी क्या बागी सांसदों के खेमें में जा सकती हैं? खबर है पार्टी के 20 बागी लोकसभा सांसदों में उनका नाम शामिल है, जिन्होंने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है. ममता बनर्जी की कट्टर समर्थक माने जानी वाली सयानी घोष का पार्टी छोड़ना TMC के लिए बड़ा झटका होगा.

राजनीति यूं तो होती ही अप्रत्याशित है. लेकिन रणनीतिक दांव-पेच तब और भी अनिश्चित हो जाते हैं, जब राजनीति की नाव किसी घाट लगते नहीं दिखती. तृणमूल कांग्रेस की सांसद सयानी घोष का मामला कुछ ऐसा ही है. मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि TMC के 20 बागी लोकसभा सांसदों में उनका नाम भी शामिल है. स्पीकर ओम बिरला को लिखे पत्र में भी उन्होंने सिग्नेचर किया है.
सयानी घोष बागी सांसदों के खेमे में?प्रतिद्वंद्वियों पर तीखे कटाक्ष करने और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की तारीफों के पुल बांधने वाली सयानी घोष की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं आया है. लेकिन सूत्रों के मुताबिक, TMC के गठन के बाद से पार्टी पर आए सबसे बड़े संकट के बीच उन्होंने अपना पक्ष चुन लिया है.
कहा जा रहा है कि जादवपुर की सांसद अब उन 20 सांसदों के साथ जा सकती हैं, जिन्होंने संसद में एक अलग गुट बनाने की घोषणा की है. लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में 20 सांसदों ने 8 जून को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा था. पत्र में उन्होंने एनडीए को समर्थन देने की पेशकश की. साथ ही अभिषेक बनर्जी की जगह काकोली घोष को TMC संसदीय दल का नेता बनाने की बात कही गई है.
खबरों की मानें तो सयानी घोष ने खुद ही काकोली घोष दस्तीदार से संपर्क किया था. उन्होंने स्पीकर को लिखे पत्र पर हस्ताक्षर भी किया है. सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल वह कोलकाता में नहीं हैं, उनका ठिकाना शायद दिल्ली हो सकता है, जहां बागी सांसद डेरा डाले हुए हैं.
सयानी घोष के बागी खेमे में शामिल होने की खबर TMC के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि वह ममता बनर्जी की सबसे मुखर समर्थकों में से एक के तौर पर देखी जाती थीं. विधानसभा चुनाव से पहले तक सयानी ममता बनर्जी को भावी प्रधानमंत्री तक बता रही थीं.
कौन हैं सयानी घोष?
सयानी घोष बांग्ला फिल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री, गायिका और जादवपुर से TMC की सांसद हैं. साल 2021 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने TMC का दामन थामा था. तब तक बांग्ला फिल्मों के जरिए बंगाल में उनकी पहचान बन चुकी थी. पार्टी में शामिल होने के बाद ममता बनर्जी ने उनको आसनसोल सीट से विधानसभा चुनाव का टिकट दिया. लेकिन बीजेपी उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने उनको हरा दिया. इसके बाद भी वो TMC में तरक्की की सीढ़ी चढ़ती गईं.
साल 2023 में सयानी को TMC के यूथ विंग की जिम्मेदारी मिली. इसके बाद बंगाल में भर्ती घोटाले की जांच कर रही ईडी ने उनसे दस घंटे तक पूछताछ की. इस घटना के चलते पहली बार बंगाल से बाहर उनको लाइमलाइट मिला. साल 2024 के चुनाव में उनको जादवपुर से लोकसभा का टिकट दिया गया. चुनाव जीतकर सयानी घोष सांसद बनीं. साल 2026 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के बाद सयानी घोष पार्टी की स्टार प्रचारक रहीं.
कई विवादों से नाता
इस दौरान कई विवाद भी उनके साथ जुड़े. चुनाव प्रचार के दौरान गाए उनके गाने, ‘मेरे दिल में है काबा और आंखो में मदीना’ को लेकर काफी बवाल हुआ. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी के कई नेताओं ने अल्पसंख्यक तुष्टिकरण को लेकर सयानी घोष को निशाने पर लिया. आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले राघव चड्ढा पर सयानी घोष ने एक चुनावी जनसभा के दौरान निशाना साधा था. उन्होंने तंज करते हुए कहा था,
मैं चड्ढा नहीं हूं जो चड्ढी बन जाऊंगी, घोष हमेशा घोष ही रहेगा.
संसद में भी सयानी लगातार बीजेपी पर हमलावर रही हैं. उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक समेत बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों की जमकर मुखालफत की है. सयानी चुनाव आयोग की भी मुखर आलोचक रही हैं. उन्होंने बीजेपी पर वोट चोरी का भी आरोप लगाया है. चुनाव में अपनी पार्टी की हार के बाद उन्होंने दावा किया था कि ममता बनर्जी की हार वोटों की चोरी के चलते हुई है. उनका दावा था कि ममता बनर्जी वोटों की चोरी और लूट के चलते हारी हैं.
वीडियो: TMC सांसद सयानी घोष ने सरकार को क्या सुना दिया जो वायरल हो रहा?


