13 साल में सुवेंदु अधिकारी के 4 करीबियों की अचानक मौत, किसी का सच सामने नहीं आया
एक मृतक शुभ्रता चक्रवर्ती की पत्नी सुपर्णा चक्रवर्ती को शक था कि उनकी हत्या हुई है. सुपर्णा ने सुवेंदु को इस मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए साल 2021 में नए सिरे से जांच की मांग की थी. इसके बाद मामला CID के पास पहुंचा. लेकिन सच आजतक सामने नहीं आया है.

सुवेंदु अधिकारी के अब तक 4 करीबियों की मौत हो चुकी है. चंद्रनाथ रथ इन मृतकों में सबसे नया नाम हैं. शुरुआत से ये सभी मामले समझने के लिए चलते हैं 13 साल पीछे. 3 अगस्त 2013. सुवेंदु अधिकारी TMC के सदस्य थे. तमलुक सीट से सांसद भी थे. उसी दौरान उनके पर्सनल असिस्टेंट प्रदीप झा कोलकाता के स्ट्रैंग रोड पर एक फुटपाथ पर मृत पाए गए. प्रदीप झा ने सुवेंदु के PA के साथ TMC विधायक हाजी नरूल इस्लाम के भी PA के तौर पर काम किया था.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदीप झा की उम्र 42 साल थी और वो बारासा के चरकडांगा के रहने वाले थे. 3 अगस्त की सुबह पुलिस को एक फ़ोन आता है. फ़ोन करने वाले ने बताया कि सड़क पर एक शख्स बेहोश पड़ा है. पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची तो पाया कि वो शख्स प्रदीप झा थे. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया कि प्रदीप झा नशे में थे. उनके पेट में लगभग 700 मिलीलीटर शराब पाई गई थी, सांस की नली में खाने के कुछ पार्टिकल्स फंसे हुए थे. हालांकि उनके चेहरे पर चोट के निशान भी थे. लेकिन आधिकारिक तौर पर प्रदीप की मौत की वजह की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है.
इस घटना को 5 साल बीत चुके थे. अब साल था 2018. इस दौरान सुवेंदु राज्य के परिवहन मंत्री थे. 13 अक्टूबर को खबर आई कि सुवेंदु अधिकारी के घर के पास पुलिस बैरक में उनके बॉडीगार्ड शुभ्रता चक्रवर्ती के सिर में गोली लगी है. उन्हें तुरंत अस्पताल में एडमिट कराया गया. लेकिन इलाज के दौरान अगले दिन ही उनकी मौत हो गई.
पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की. शुरुआत में पुलिस ने बताया कि शुभ्रता चक्रवर्ती ने खुदकुशी की थी. लेकिन शुभ्रता की पत्नी सुपर्णा चक्रवर्ती को शक था कि उनकी हत्या हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुपर्णा ने सुवेंदु को इस मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए साल 2021 में नए सिरे से जांच की मांग की. इसके बाद मामला CID के पास पहुंचा. CID ने धारा 302 यानी हत्या और धारा 120B यानी आपराधिक साजिश के तहत FIR दर्ज की.
जांच के दौरान CID ने सुवेंदु अधिकारी के घर के पास की बैरक में सीन रीकंस्ट्रक्ट किया और कई पुलिसकर्मियों से पूछताछ की. बताया गया कि पूछताछ के वक्त सुवेंदु घर पर मौजूद नहीं थे. इस मामले ने तब और तूल पकड़ा जब सुवेंदु TMC छोड़कर BJP में शामिल हो गए. BJP ने उस दौरान शुभ्रता की मौत को राजनीतिक बदले की भावना बताया तो TMC ने कहा कि मौत का सच सामने आना चाहिए. हालांकि इस मामले में भी अब तक कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आ पाई है.
इस मामले की जांच चल ही रही थी कि सुवेंदु के एक और करीबी की मौत की खबर सामने आई. साल था 2021. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव चल रहा था. सुवेंदु नंदीग्राम सीट से मैदान में थे. वही सीट जहां से ममता बनर्जी भी चुनाव लड़ रही थीं. चुनाव हुआ, नतीजे आए. ममता को हराकर सुवेंदु चुनाव जीत गए.
इसके कुछ समय बाद खबर आई कि नंदीग्राम क्षेत्र के काउंटिंग एजेंट और सुवेंदु के ड्राइवर पुलक लाहिरी की मौत हो गई. पुलक को सुवेंदु का करीबी माना जाता था. वो TMC के दिनों से सुवेंदु के साथ थे, BJP में शामिल होने के बाद भी उनके साथ जुड़े रहे. मीडिया रिपोर्ट्स में पुलक की मौत को अननैचुरल बताया गया. और बाकी मामलों की तरह इसमें भी न तो कोई अपराधी पकड़ा गया, न ही जांच में कोई पुख्ता अपडेट आया.
अब साल 2026 में इन मामलों में सुवेंदु के PA चंद्रनाथ रथ का नाम भी शामिल हो गया है. 6 मई की रात साढ़े 10 बजे उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम में स्कॉर्पियो से अपने घर लौट रहे थे. ड्राइवर गाड़ी चला रहा था. चंद्रनाथ बगल में बैठे हुए थे. तभी एक कार और दो बाइक पर सवार तीन हमलावर उनकी स्कॉर्पियो का पीछा करते हैं.
दोहरिया जंक्शन के पास कार उनकी स्कॉर्पियो से आगे निकल गई और सामने जाकर गाड़ी रोक दी. स्कॉर्पियो ड्राइवर को भी गाड़ी रोकनी पड़ी. जबतक चंद्रनाथ और उनके ड्राइवर कुछ समझ पाते बाइक सवार हमलावर बाईं तरफ से आए और फायरिंग शुरू कर दी. वारदात के बाद हमलावर वहां से फरार हो गए. गंभीर हालत में चंद्रनाथ को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पिछले 13 सालों में सुवेंदु के 4 करीबियों की हत्या हुई. एक फुटपाथ पर मृत मिला, एक की गोली लगने से मौत हुई, एक की अननैचुरल डेथ बताई गई और अब एक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई.
हर केस के बाद सवाल उठे. राजनीति भी हुई. आरोप-प्रत्यारोप भी चले. लेकिन इतने साल बाद भी किसी मामले की सच्चाई पूरी तरह सामने नहीं आ पाई है.
वीडियो: PA के पहले शुभेंदु अधिकारी के इन खास लोगों की रहस्यमयी मौत हो चुकी है


