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'31 सीटों पर हार के मार्जिन से ज्यादा वोट SIR में कटे', TMC की दलील सुन सुप्रीम कोर्ट क्या बोला?

सुप्रीम कोर्ट में SIR को लेकर सुनवाई चल रही है. TMC ने शीर्ष अदालत के सामने दावा किया कि राज्य की 31 सीटों पर हार-जीत का अंतर SIR में काटे गए वोटों से कम है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उनको नए सिरे से याचिका दायर करने के लिए कहा. वहीं चुनाव आयोग ने TMC की दलील का विरोध किया.

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11 मई 2026 (अपडेटेड: 11 मई 2026, 06:19 PM IST)
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सुप्रीम कोर्ट ने TMC को SIR पर नई याचिका लाने को कहा. (इंडिया टुडे)
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पश्चिम बंगाल में चुनाव खत्म हो गया. नई सरकार भी बन गई. लेकिन अभी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है. 11 मई को तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया कि बंगाल के विधानसभा चुनाव में 31 सीटों पर बीजेपी और TMC की हार-जीत का अंतर SIR में काटे गए वोटों से कम है. इस पर कोर्ट ने TMC को नई याचिका दायर करने के लिए कह दिया. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, TMC सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने अपनी बात रखी. 

बेंच ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दूसरे नेता बंगाल में हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के खिलाफ नई याचिका दाखिल कर सकते हैं. तृणमूल कांग्रेस का पक्ष रख रहे कल्याण बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि SIR प्रक्रिया के जरिए नाम हटाने से बंगाल चुनाव के नतीजों पर काफी असर पड़ा है. उन्होंने बताया कि TMC का एक कैंडिडेट 862 वोटों से हारा, जबकि उस विधानसभा में 5000 से ज्यादा वोटर्स के नाम काटे गए. TMC और बीजेपी के बीच कुल वोटों का अंतर करीब 32 लाख था. 

वहीं वोट डिलीशन के खिलाफ अभी 35 लाख अपील ट्रिब्यूनल के सामने पेंडिंग है. TMC की ओर से दिए गए दलीलों पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा, 

अगर हार का अंतर हटाए गए वोटों से कम है तो इस मामले में नई अर्जी दाखिल कर सकते हैं. 

इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर जीत-हार का मार्जिन हटाए गए वोटों के अंतर से कम होगा तो कोर्ट इसको देखेगी. TMC की ओर से ही पेश हुई सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने कोर्ट को बताया कि जिस रफ्तार से अपीलीय ट्रिब्यूनल इन मामलों को सुन रही है, इस रफ्तार से उनको इन अपीलों को निपटाने में करीब 4 साल लग सकते हैं.

दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने TMC की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सही उपाय चुनाव आयोग में याचिका लगाना है. आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के सामने कहा कि SIR और उससे जुड़े विवादों में इसी प्रक्रिया के तहत जवाबदेही तय की जा सकती है. हाल में हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 294 में से 207 सीटें जीती हैं, जबकि TMC के खाते में सिर्फ 80 सीटें आई हैं. इन चुनावों में राज्य में 90 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई है. 

वीडियो: चुनाव के दौरान IPS अजय पाल शर्मा को धमकाया, अब बिना शर्त माफ़ी क्यों मांगी TMC के पूर्व प्रवक्ता ने?

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