महाराष्ट्र में संजय राउत ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी गाली, बागी गुट के सांसदों को खूब सुनाया
Sanjay Raut: शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कैमरे पर गाली दे दी. उन्होंने बताया कि ये गुस्सा शिवसेना के बागी गुट के सांसदों को लेकर है. 6 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें अलग समूह माना जाए.

भारतीय राजनीति में भाषा की मर्यादा पर बहुत जोर दिए जाने की परंपरा रही है. जिस देश में सांसद और नेता जनता को भाषा, मर्यादा और लोकतंत्र का पाठ पढ़ाते हैं, वहां अब प्रेस कॉन्फ्रेंस के मंच से गालियां सुनाई दे रही हैं. और उससे भी ज्यादा हैरानी की बात ये है कि गाली बकने के बाद सांसद महोदय पत्रकारों से ये कहते नज़र आए कि इसे बीप मत करना. यानी सांसद चाहते हैं कि इन्होंने जो अमर्यादित व्यवहार किया है उसे पूरी दुनिया देखे.
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बगावत, टूट और दल-बदल की चर्चाएं तेज हैं. इस राजनीतिक तनाव का असर नेताओं की जुबान पर भी दिखाई देने लगा है. शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित बागी सांसदों पर इतना गुस्सा जाहिर किया कि कैमरे के सामने ही अपशब्द कहने लगे.
संजय राउत ने गुस्सा निकालावीडियो में दिख रहा है कि जिस वक्त संजय राउत अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे. उस दौरान ठीक उनके बगल में बैठे शिवसेना उद्धव गुट के नेता अरविंद सांवत मुस्कुरा रहे थे. इसके बाद अनिल देसाई तो एक हाथ आगे निकल गए. मीडिया से बातचीत में उन्होंने संजय राउत का बचाव किया और कहा ये गाली नहीं स्लैंग हैं.
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने अपनी पार्टी के कथित बागी सांसदों को चेतावनी भी दी कहा, ‘एक ने साईं बाबा की शपथ ली, एक ने मां भवानी की शपथ ली, एक ने अपनी मां की शपथ ली तो एक और ने अपनी मां-बेटी की शपथ ली, इसके बाद भी कोई शिवसेना छोड़कर गया तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं.’
क्यों गुस्सा हैं संजय राउत?अब सवाल ये है कि आखिर संजय राउत इतने नाराज़ क्यों हैं? इसके लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा. महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से एक नाम बार-बार सुनाई दे रहा है, ऑपरेशन टाइगर. आरोप लग रहे हैं कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना को तोड़ने की कोशिश की जा रही है. संजय राउत ने दावा किया है कि उनकी पार्टी के सांसदों को पाला बदलने के लिए करोड़ों रूपये के ऑफर दिए गए हैं.
इस बीच खबर ये भी आई कि उद्धव ठाकरे गुट के 9 में से 6 सांसद दिल्ली पहुंच गए हैं. आज तक से जुडे अभिजीत करेंड की रिपोर्ट के मुताबिक शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें अलग समूह माना जाए. शिवसेना (यूबीटी) के जिन सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखा है, उसमें संजय जाधव , संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर , ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दीना शामिल हैं. वहीं, शिवेसना (यूबीटी) के टिकट पर जीतकर आए 9 सांसदों में से छह सांसद एक साथ आए गए हैं तो तीन सांसद अभी भी उद्धव ठाकरे के साथ खड़े हैं.
दूसरी ओर संजय राउत ने भी लोकसभा अध्यक्ष बिरला से मुलाकात की है कहा है कि स्पीकर ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले में कानून, नियमों और संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखकर ही फैसला लिया जाएगा.
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