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सपा नेता राजकुमार भाटी ने ब्राह्मणों के लिए क्या कहा कि FIR हो गई?

Rajkumar Bhati Brahmin controversial statement: बीती 5 मई को राजकुमार भाटी एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में गए थे. जहां उन्होंने मंच से भाषण देते हुए कथित तौर पर ब्राह्मण समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी की. उनका वीडियो सामने आया तो कई लोग आक्रोशित हो गए

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15 मई 2026 (पब्लिश्ड: 10:23 PM IST)
Rajkumar Bhati Brahmin controversial statement
राजकुमार भाटी का कहना है कि वीडियो को काटकर पेश किया गया है. (फोटो-इंडिया टुडे)
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उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी पर FIR दर्ज की गई है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मृगेन्द्र राम त्रिपाठी ने राजकुमार भाटी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज को लेकर आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी की, जिसका वीडियो भी सामने आया है. मामला बढ़ता देख राजकुमार भाटी ने अपनी सफाई दी है.

बीती 5 मई को राजकुमार भाटी एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में गए थे. जहां उन्होंने मंच से भाषण देते हुए कथित तौर पर ब्राह्मण समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी की. उनका वीडियो सामने आया तो कई लोग आक्रोशित हो गए. बीजेपी नेता मृगेन्द्र राम त्रिपाठी ने पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए FIR दर्ज करा दी.

इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार संतोष की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी नेता ने अपनी शिकायत में लिखा,

“ब्राह्मण समाज एक प्रबुद्ध (ज्ञानी) वर्ग है, जो कि समाज में हर जाति और धर्म को समानता के साथ लेकर हमेशा चला है. कभी भी कोई भेदभाव किसी के साथ नहीं किया है. लेकिन समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी ने 5 मई को एक कार्यक्रम में सभी ब्राह्मण समाज के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए अमर्यादित टिप्पणी की है. इस टिप्पणी से पूरे ब्राह्मण समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं. समाज के लोग आक्रोशित हैं.”

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बीजेपी नेता ने FIR दर्ज कराई. (फोटो-इंडिया टुडे)

उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणी में समाज को बांटने का काम करती है जिसकी अनुमति हमारा भारतीय संविधान भी नहीं देता है. इसके बाद बीजेपी नेता ने सपा प्रवक्ता पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की.

उनकी एफआईआर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2), 298 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. आगे मामले की जांच चल रही है.

सपा नेता ने मांगी माफी  

वीडियो पर विवाद बढ़ने के बाद सपा नेता ने अपना पक्ष रखा. सोशल मीडिया पर पोस्ट एक वीडियो में राजकुमार भाटी ने कहा, “मेरे 12 मिनट के भाषण से 7 सेकंड की क्लिप काटकर एक गलत प्रचार किया जा रहा है. कि मैंने ब्राह्मणों के बारे में अपशब्द बोले हैं. मैं सभी ब्राह्मणों से माफी मांगता हूं. अगर आपको मेरे शब्दों से आपका दिल दुखा है. मेरा कोई ऐसा इरादा नहीं था.”

भाटी ने आगे कहा, “मैंने उस वीडियो में कहा था कि हमारे समाज में हमने जातियों को लेकर गलत-गलत मुहावरे बना रखे हैं. कहावत बना रखी है. मैंने उसमें साफ कहा कि सिर्फ दलित और पिछड़ों के खिलाफ ही (गलत कहावतें) हैं. ये दूसरी तरफ के लोगों के खिलाफ है. ये गलत है. मैं उसका विश्लेषण कर रहा था. मैंने दो उदाहरण दिए. पहले गुर्जर-यादव के बारे में कहावत बताई. फिर मैंने एक सज्जन को कोट किया कि उन्होंने ब्राह्मणों के बारे में ये दोहा बोला है. जिसमें ब्राह्मण और वैश्य का जिक्र आता है. जिससे लोग नाराज हैं. मैं स्वीकार करता हूं कि ये गंदा दोहा है. अगर मैंने इसका जिक्र किया और इसमें भी मेरी गलती हो गई, तो मैं माफी मांगता हूं.”

राजकुमार भाटी की टिप्पणी पर यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी का "असली चरित्र और नफरत भरी मानसिकता" एक बार फिर बेनकाब हो गई है. अखिलेश यादव को अपने नेता पर कार्रवाई करनी चाहिए.

भाटी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी एक्स पर पोस्ट किया. इसमें उन्होंने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी पूरे समाज को अपमानित करना स्वीकार्य नहीं है.

वोट फैक्टर

यूपी में ब्राह्मण वोट सिर्फ वोट नहीं पूरा चुनावी कैलकुलेशन हैं. राज्य में करीब 12% ब्राह्मण वोटर हैं. करीब 115 विधानसभा सीटों पर उनका सीधा असर माना जाता है. कई जिलों में उनकी आबादी 15% से ज्यादा है. मतलब कई सीटों पर हार जीत का गणित यहीं से निकलता है.

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