परिसीमन पर राहुल गांधी का चैलेंज, 'बिल पास नहीं होने देंगे, दक्षिण भारत के लोग बेफिक्र रहें'
Rahul Gandhi ने सरकार से कहा कि आप डरते हैं कि आपकी पावर कम हो जाएगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार OBC वर्गों के भाई बहनों से उनका अधिकार छीनना चाहती है. राहुल गांधी बोले सरकार निर्वाचन क्षेत्रों के नक्शे को बदलने के लिए काम कर रही है. इसका महिलाओं की प्रगति से कोई लेना-देना नहीं है.

संसद के विशेष सत्र में प्रस्तावित परिसीमन संबंधी बिल पर बवाल जारी है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार (17 अप्रैल) को इस मुद्दे पर सदन में सरकार पर जमकर जुबानी तीर चलाए. साथ ही उन्होंने जनगणना से लेकर महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर भी सरकार से सवाल किए. राहुल गांधी ने सरकार से कहा कि आप डरते हैं कि आपकी पावर कम हो जाएगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ओबीसी वर्गों के भाई बहनों से उनका अधिकार छीनना चाहती है. उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि दक्षिण भारत के लोग घबराएं नहीं, हम इस बिल को पास नहीं होने देंगे.
इस बीच लोकसभा में हंगामा होने लगा. राहुल गांधी ने संबोधन के दौरान मनुस्मृति का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा,
वे (सरकार) संविधान के ऊपर मनुवाद हावी करना चाहते हैं. अमित शाह कहते हैं जातीय जनगणना शुरु हो गई है फिर कहते हैं मकानों की जाति नहीं होती. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. दूसरी बात-आप डरते हो कि देश की राजनीति में क्या हो रहा है. आपकी पावर कम होती जा रही है.
इसलिए चुनावी नक्शा बदलना चाह रहे हो जैसा कि असम में किया, लेकिन हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे. पूरा विपक्ष इसे हरा कर रहेगा. हम ओबीसी का हक छीनने नहीं देंगे. आप उन्हें हिंदू बताते हो लेकिन उन्हें देश में उनका हक नहीं दिलाते. सच्चाई अच्छी नहीं लगती आपको.
Women Reservation Bill पर भी सरकार से पूछे सवालसंसद में बोलते हुए राहुल गांधी बोले ये कानून निर्वाचन क्षेत्रों के नक्शे को बदलने के लिए है. इसका महिलाओं की प्रगति से कोई लेना-देना नहीं है. राहुल गांधी ने कहा,
मैं सदन में कहूंगा कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है. यह उन्हें सशक्त नहीं बनाएगा. यह सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे को बदलने के लिए है. यह शेमफुल कानून है.पूरा विपक्ष कह रहा है कि पुराना कानून लाओ हम समर्थन देंगे, लेकिन इस वाले को नहीं.
राहुल गांधी ने कहा कि यह असली सच है जो में बता रहा हूं. भारत के इतिहास में सबसे कड़वा सच है. नेता विपक्ष ने कहा कि मैं इसके बारे में सब जानता हूं. यह ओबीसी, दलित वर्गों के लिए क्रूरता वाला बिल है. सभी जानते हैं कि ओबीसी, दलितों और महिलाओं के साथ क्या होता है. राहुल के संबोधन के बीच में स्पीकर ने आपत्ति जताई. लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल से कहा ओम बिड़ला ने कहा कि वो सिर्फ बिल पर बोलें. स्पीकर ने कहा,
आप बचपन की कहानी सुना रहे हैं, जादूगर की कहानी सुना रहे हैं. नियम के मुताबिक बिल पर ही बोलना है.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी खड़े होकर राहुल गांधी के भाषण पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि संसद में नेता विपक्ष की भाषा ठीक नहीं है, उन्होंने सही शब्दों का प्रयोग नहीं किया है।
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