राहुल गांधी और शिवराज के बेटे कार्तिकेय के बीच 8 साल बाद सुलह हो गई, मामला क्या था?
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से मानहानि के 8 साल पुराने मामले में राहुल गांधी को राहत मिली है. कोर्ट ने राहुल गांधी द्वारा दिए गए लिखित खेद (रिग्रेट) को स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ चल रहा मुकदमा समाप्त कर दिया है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दायर किया था.

राजनीतिक कटुता और द्वेष आज की राजनीति की तल्ख सच्चाई है. ऐसे में मध्य प्रदेश से तपती जेठ में शीतलता देने वाली फुहार जैसी एक खबर आई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान के बीच चल रहा 8 साल पुराना मुकदमा आपसी सहमति से खत्म हो गया है. कार्तिकेय ने राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा किया था. राहुल गांधी ने खेद जताया, जिसके बाद कार्तिकेय ने बड़ा दिल दिखाते हुए मुकदमा खत्म करने की सहमति दे दी.
राहुल गांधी को मिली हाई कोर्ट से राहतशिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने राहुल गांधी के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया था. राहुल गांधी ने इस मामले में राहत के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में आवेदन किया. 25 जून को मामले की सुनवाई हुई. राहुल गांधी ने लिखित आवेदन देकर अपने बयान पर खेद जताया, जिसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ लंबित मुकदमा खत्म कर दिया.
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने की सुनवाईजस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई की. राहुल गांधी के वकील ने उनका आवेदन कोर्ट में पेश किया. इसमें राहुल गांधी ने कहा,
उनका बयान शिकायतकर्ता कार्तिकेय सिंह चौहान के खिलाफ नहीं था. भाषण के दौरान गलती से उनका नाम आ गया था.
विवादित बयान के अगले दिन राहुल गांधी ने पब्लिकली कहा भी था कि वे छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह का नाम लेना चाहते थे, लेकिन कन्फ्यूजन में कार्तिकेय का नाम ले लिया. राहुल गांधी द्वारा कोर्ट में अपनी गलती स्वीकार करके खेद जताने के बाद कार्तिकेय सिंह चौहान ने बड़ा दिल दिखाते हुए उनकी सफाई स्वीकार कर ली. दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनने के साथ ही लंबे समय से खिंच रहा यह मुकदमा हमेशा के लिए समाप्त हो गया.
हाईकोर्ट ने राहुल गांधी द्वारा जताए गए लिखित खेद (रिग्रेट) को स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ लंबित मामला खत्म कर दिया. इसके साथ ही भोपाल के स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में पेडिंग मामले को भी बंद करने का आदेश दिया है.
झाबुआ के चुनावी भाषण का मामलायह मामला साल 2018 में झाबुआ विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी के एक स्पीच से जुड़ा है. कार्तिकेय सिंह चौहान का आरोप है कि कांग्रेस अध्यक्ष रहते राहुल गांधी ने चुनावी सभा में पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए उनका नाम लिया था. कार्तिकेय ने कोर्ट में बताया कि इससे उनकी प्रतिष्ठा और इमेज को नुकसान पहुंचा.
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कार्तिकेय सिंह चौहान ने इसी मामले में भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया. एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में राहुल गांधी को समन किया था, जिसके बाद राहत के लिए वे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट गए.
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