पंजाब निकाय चुनाव: AAP की बंपर जीत, केजरीवाल बोले- 'लोगों ने ED पार्टी से बदला लिया'
पंजाब नगर निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है. अब तक के नतीजों के मुताबिक, पार्टी ने 951 वार्डों में जीत हासिल की है. दूसरे नंबर पर चल रही कांग्रेस के खाते में 386 वार्ड आए हैं. वहीं पंजाब में सियासी जमीन मजबूत करने की कवायद में जुटी बीजेपी के खाते में 167 वार्ड आए हैं.

पंजाब नगर निकाय चुनाव के अब तक के नतीजों में आम आदमी पार्टी की बंपर जीत होती दिख रही है. राज्य चुनाव आयोग के आंकड़े के मुताबिक, AAP ने अब तक 951 वार्डों में जीत दर्ज की है. इसके बाद राज्य भर में पार्टी कार्यालय में जश्न का माहौल है. AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस जीत को मुख्यमंत्री भगवंत मान के ‘काम पर मुहर’ बताया है. साथ ही केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है.
पंजाब नगर निकाय चुनाव में AAP की जीतपंजाब में 26 मई को 8 नगर निगम, 75 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों के लिए वोटिंग हुई थी. अब तक के नतीजों में AAP ने 951 सीटों पर जीत दर्ज की है. कांग्रेस 386 वार्ड में जीत के साथ दूसरे नंबर पर है, जबकि 251 सीट निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गए हैं. शिरोमणि अकाली दल को 191 वार्डों में जीत मिली है, वहीं बीजेपी के खाते में 169 वार्ड आए हैं. इनके अलावा बहुजन समाज पार्टी को 7 सीटों पर जीत मिली है.
अरविंद केजरीवाल ने साधा बीजेपी पर निशाना
आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस जीत के लिए पंजाब के लोगों का धन्यवाद करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स पर लिखा,
पंजाब में शहरी क्षेत्रों में आम आदमी पार्टी की शानदार जीत के लिए पंजाब के लोगों का दिल से धन्यवाद. सबको बधाई. लोगों ने ये ऐतिहासिक वोट देकर भगवंत मान सरकार के कामों को शाबाशी दी है. ऐसे ही हम अच्छे काम आगे भी करते रहेंगे. ED पार्टी का सफ़ाया हो गया. ED पार्टी ने पंजाब के छोटे छोटे व्यापारियों पर जो इतनी रेड करवाकर लोगों को परेशान किया, आज लोगों ने उसका बदला लिया.

AAP के लिए अहम है ये जीत
पंजाब में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. निकाय चुनावों को विधानसभा चुनाव से पहले के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा था. सभी पार्टियों ने इस चुनाव में अपनी ताकत झोंक दी थी. इस चुनाव में AAP की बड़ी जीत भगवंत मान सरकार को राहत देने वाली है.
कुछ दिन पहले AAP में बड़ी टूट हुई थी. पार्टी के 7 राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल हो गए थे. इनमें से अधिकतर पंजाब से राज्यसभा भेजे गए थे. इस टूट के बाद कयास लगाया जा रहा था कि पंजाब में पार्टी पर भगवंत मान की पकड़ कमजोर हुई है. ऐसे में यह जीत पार्टी और सीएम मान के लिए ‘संजीवनी’ जैसी साबित होगी.
दूसरी तरफ दिल्ली में सत्ता गंवा चुकी आम आदमी पार्टी के लिए पंजाब का किला बचाना अस्तित्व का सवाल बन गया है. राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो पंजाब के नतीजों से ही पार्टी की भविष्य की राजनीति की दशा और दिशा तय होगी. इसलिए विधानसभा चुनाव से पहले ये जीत अरविंद केजरीवाल के लिए राहत पहुंचाने वाली है.
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