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'पवन खेड़ा को अरेस्ट करते ही जमानत दो', सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस प्रवक्ता को बहुत बड़ी राहत दी

Supreme Court ने कांग्रेस नेता Pawan Khera को बड़ी राहत दी है. अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी है. इससे पहले, गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को रिनिकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेशों में प्रॉपर्टीज बनाने का आरोप लगाया था. इसके बाद उनपर केस हुआ था.

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1 मई 2026 (अपडेटेड: 1 मई 2026, 12:37 PM IST)
Pawan Khera
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (बाएं) को अग्रिम जमानत दे दी है. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)
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सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (Pawan Khera) को अग्रिम जमानत दे दी है. अदालत ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को इतनी आसानी से खतरे में नहीं डाला जा सकता. इससे पहले, गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. 

क्या है मामला?

पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को रिनिकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेशों में प्रॉपर्टीज बनाने का आरोप लगाया था. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां ने इन आरोपों को झूठा बताकर खारिज कर दिया. इसके बाद रिनिकी भुइयां ने पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश का आरोप लगाते हुए असम पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई.

इस शिकायत के आधार पर असम पुलिस की एक टीम 7 अप्रैल को पूछताछ के लिए खेड़ा के नई दिल्ली स्थित आवास पर गई थी. लेकिन उस दौरान खेड़ा घर पर नहीं थे. इस बीच खबर आई है कि पवन खेड़ा ने गुवाहाटी हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है. हालांकि, कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि पवन खेड़ा से हिरासत में पूछताछ जरूरी है.

कोर्ट ने क्या कहा?

इसके बाद कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी डिपार्टमेंट के चीफ पवन खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 मई को जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदुरकर की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की. अदालत ने कहा, 

“इस समय, हम यह बात जानते हैं कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को इतनी आसानी से खतरे में नहीं डाला जा सकता.”

ये भी पढ़ें: 'बेकसूर महिला को विवाद में घसीटा... ', गुवाहाटी HC ने बताया पवन खेड़ा के साथ क्या होना चाहिए

कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है, तो उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया जाए. अदालत ने खेड़ा को यह भी निर्देश दिया कि वे जांच में सहयोग करें और जब भी जरूरत हो, पुलिस के सामने पेश हों. उनसे यह भी कहा गया है कि वे जांच या ट्रायल के दौरान सबूतों को प्रभावित या उनसे छेड़छाड़ न करें और कोर्ट की इजाजत के बिना देश न छोड़ें.

वीडियो: नेतानगरी: हिमंता के खिलाफ पवन खेड़ा की कौन कर रहा मदद? बंगाल में किसका खेल बिगड़ा?

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