हार के बाद ममता ने अभिषेक बनर्जी के पर कतरे! TMC के 'पुराने योद्धाओं' की बड़े पदों में वापसी
अभिषेक बनर्जी के साथ दो सीनियर सांसदों को लगाना, एक तरह से पार्टी के बागियों को संदेश है कि TMC अब सिर्फ अभिषेक बनर्जी के कहने से नहीं चलेगी. इसमें सभी लोग मिलकर फैसले लेंगे. क्योंकि पार्टी की हार के बाद ये बात उठी थी कि अभिषेक बनर्जी, और उनके द्वारा किए गए बदलाव ही हार का कारण बने हैं.

बंगाल चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में आत्ममंथन शुरू हो गया है. पार्टी को एक के बाद एक झटके लगे. पहले चुनाव में हार मिली. उसके बाद कई विधायक बागी हो गए. खबरें ये भी हैं कि पार्टी के कई सांसद भी अब बगावत के मूड में हैं. लिहाजा अब पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पार्टी में कुछ बड़े बदलाव करने का फैसला किया है. उन्होंने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को वापस से राष्ट्रीय महासचिव बनाने का फैसला किया है. इसके अलावा उन्होंने दो और जॉइंट नेशनल सेक्रेटरी बनाने का ऐलान किया है. ममता ने राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन को अभिषेक बनर्जी के साथ रखा है.
अभिषेक बनर्जी के साथ दो सीनियर सांसदों को लगाना एक तरह से पार्टी के बागियों को संदेश है कि TMC अब सिर्फ अभिषेक बनर्जी के कहने से नहीं चलेगी. इसमें सभी लोग मिलकर फैसले लेंगे क्योंकि पार्टी की हार के बाद ये बात उठी थी कि अभिषेक बनर्जी और उनके द्वारा किए गए बदलाव ही विधानसभा में हार का कारण बने हैं. यह फेरबदल तब हुआ है जब हाल ही में चुने गए 80 TMC विधायकों में से 60 ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जाकर पार्टी से निकाले गए विधायक ऋताब्रता बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना. इसके कुछ ही देर बाद TMC लीडरशिप ने पार्टी की सभी कमेटियों और फ्रंटल संगठनों को भंग कर दिया और एक बयान में कहा कि वह हर लेवल पर आत्ममंथन और परफॉर्मेंस रिव्यू शुरू करेगी.
पूरी TMC का पुनर्गठनतृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में भी अपनी यूनिट का फिर से गठन किया है. नई यूनिट में प्रदेश अध्यक्ष पद पर सुब्रत बख्शी की जगह पूर्व मंत्री और ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली चंद्रिमा भट्टाचार्य को बिठाया गया है. सुब्रत बख्शी को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा, सजदा अहमद, ममता ठाकुर, नयना बंद्योपाध्याय और स्वाति खांडेकर को स्टेट वाइस प्रेसिडेट नियुक्त किया गया है.
अरूप बिस्वास, राजीव बनर्जी, बाबर अली, पुलक रॉय और आशिमा पात्रा को राज्य में महासचिव बनाया गया है. वहीं स्टेट यूनिट के कार्यकारी सदस्यों में ज्योतिप्रिय मल्लिक, राणा चटर्जी, विदेश बोस, त्रिनांकर भट्टाचार्य, जया दत्ता, तापस चटर्जी, वसुंधरा गोस्वामी और गौतम देब को जगह दी गई है. इसके अलावा पार्टी के फ्रंटल संगठनों में सायनी घोष को तृणमूल यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए रखा गया है. माला रॉय को पार्टी की महिला विंग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. जिस तरह से पार्टी में बदलाव किए गए हैं, उसे देख कर लग रहा है कि आने वाले समय में और भी नियुक्तियां की जा सकती हैं.
वीडियो: नेतानगरी: TMC में बवाल, वापसी के लिए ममता को लगे फोन, अन्नामलाई के जाने से BJP को लगेगा झटका?

