'BJP की लहर' पर यकीन कर IPS की नौकरी छोड़ चुनाव लड़ा, हार गए
गुजरात में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी ने बंपर जीत हासिल की है. पार्टी ने सूरत, राजकोट और अहमदाबाद समेत राज्य की सभी 15 नगर निगम में जीत दर्ज की है. लेकिन इस प्रचंड जीत के बीच बीजेपी के टिकट पर जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहे पूर्व IPS मनोज निनामा को शिकस्त मिली है.

गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी ने अपना दबदबा कायम रखा है. पार्टी ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपना परचम लहराया है. कुल 9992 सीटों में से 8068 सीटों के रिजल्ट आए हैं. इनमें बीजेपी ने 6161 सीटों पर जीत दर्ज की है. सूरत, राजकोट, वडोदरा और अहमदाबाद समेत राज्य की सभी 15 महानगरपालिकाओं (नगर निगम) में पार्टी ने जीत दर्ज की है. लेकिन इस प्रचंड जीत के बीच बीजेपी के टिकट पर जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहे पूर्व IPS मनोज निनामा चुनाव हार गए हैं.
मनोज निनामा अरावली जिले के शामलाजी तालुका की ओढ़ सीट से जिला पंचायती का चुनाव लड़ रहे थे. उन्हें कांग्रेस के स्थानीय दिग्गज सुरेश निनामा ने 2,744 वोटों से हराया. सुरेश निनामा कराछा समूह पंचायत से तीन बार सरपंच चुने जा चुके है. उनकी पहचान अरावली क्षेत्र के प्रभावशाली कांग्रेस नेता की है.
मनोज निनामा गुजरात कैडर के IPS थे. 7 अप्रैल को 59 साल की उम्र में उन्होंने वॉलंटरी रिटायरमेंट (VRS) लिया. और 9 अप्रैल को बीजेपी में शामिल हो गए. निनामा के रिटायरमेंट की तारीख 31 मई थी. लेकिन उससे कुछ हफ्ते पहले ही उन्होंने VRS ले लिया, ताकि चुनाव लड़ सकें. बीजेपी में शामिल होने के बाद पार्टी ने उनको अरावली जिले के ओध सीट से जिला पंचायत उम्मीदवार घोषित कर दिया गया.
जिला पंचायत चुनाव में मिली हार के बाद अब तक मनोज निनामा की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने बताया था कि राजनीति में आने की प्रेरणा उन्हें अपने करीबी दोस्त पूनमचंद बरंडा से मिली थी. बरंडा भी एक आईपीएस अधिकारी रहे है. वे भीलोडा विधानसभा सीट से विधायक हैं और राज्य सरकार में जनजातीय विकास, खाद्य एंव नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं.
बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर मनोज निनामा ने बताया था कि वे राष्ट्रवाद और विकास की विचारधारा और पार्टी के अनुशासन से प्रभावित हुए हैं. उन्होंने बताया, “अनुशासन हमेशा से मेरे जीवन का हिस्सा रहा है. बीजेपी भी एक अनुशासित पार्टी है. मुझे बीजेपी पसंद आई, क्योंकि यह मेरे व्यक्तिगत मूल्यों के हिसाब से ही चलती है. राष्ट्रवाद और विकास की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन मुझे प्रभावित करता है.”
मनोज निनामा का करियर चार दशक से ज्यादा लंबा रहा है. उन्होंने गुजरात पुलिस सर्विस में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) के तौर पर शुरुआत की थी. उनकी शुरुआती पोस्टिंग साल 2001 में भुज में हुई थी. साल 2012 में उन्हें IPS रैंक में प्रमोट किया गया. अपने करियर में निनामा ने गुजरात पुलिस में कई टॉप पोस्ट पर काम किया. इनमें सूरत के लाजपुर जेल के सुपरिटेंडेंट और वडोदरा के जॉइंट पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी शामिल है.
वॉलंटरी रिटायरमेंट के समय वे गांधीनगर ट्रैफिक ब्रांच के इंस्पेक्टर जनरल के पोस्ट पर थे. उन्होंने वडोदरा में स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स के ग्रुप 2 के कमांडेंट और राज्य के इंटेलिजेंस ब्यूरों में भी अपनी सेवाएं दी हैं.
वीडियो: गुजरात में 18 लोगों ने एक फार्महाउस पर हमला किया, पुलिस ने गिरफ्तार कर जुलूस निकाल दिया

