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ममता की मीटिंग में नहीं आए उनके 60 विधायक, TMC के अंदर गड़बड़?

TMC Party Meeting: 30 मई को TMC सांसद और Mamata Banerjee के भतीजे Abhishek Banerjee के साथ मारपीट हुई थी. अभिषेक ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या की कोशिश की गई. इसके अगले ही दिन ममता बनर्जी ने TMC विधायकों की मीटिंग बुलाई, लेकिन 60 MLA नहीं पहुंचे.

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सुप्रिया
| शुभम कुमार
1 जून 2026 (पब्लिश्ड: 02:44 PM IST)
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31 मई को ममता बनर्जी के घर मीटिंग थी, लेकिन 60 विधायक गायब हो गए. (फाइल फोटो-इंडिया टुडे)
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. कभी पार्टी के बड़े नेता साथ छोड़ रहे हैं, तो कभी टीएमसी सांसदों और कार्यकर्ताओं पर हमलों की खबरें सामने आ रही हैं. अब एक और घटनाक्रम ने पार्टी की अंदरूनी हालत पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

31 मई को ममता बनर्जी ने कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास पर TMC विधायकों की अहम बैठक बुलाई थी. इस बैठक में पार्टी के सभी 80 नवनिर्वाचित विधायकों को शामिल होना था. लेकिन जब 60 विधायक बैठक से गायब मिले, तो पार्टी को आख़िरकार मीटिंग रद्द करनी पड़ी. टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने बैठक रद्द होने की वजह बताई है. उन्होंने कहा,

‘ये बैठक पहले से तय थी. लेकिन हमारे नेताओं पर हुए हमलों के बाद हमारे विधायक ज़मीनी स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. जिसके चलते हमारे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है.’

उन्होंने इसे इमरजेंसी सिचुएशन बताया है. उनका कहना है कि पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी और सांसद कल्याण बनर्जी पर हुए हमले के बाद ये स्थिति बनी है. लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि आखिर इतने विधायक क्यों नहीं पहुंचे? क्या टीएमसी में अंदरखाने नाराज़गी बढ़ रही है? क्या पार्टी में फूट पड़ चुकी है? इसे समझते हैं. 

मीटिंग में विधायकों की संख्या कम

वैसे ये पहली बार नहीं जब पार्टी की बैठक से विधायक गायब रहे हो. 6 मई की बैठक में 10 विधायक नहीं आए थे. 19 मई की बैठक में 35 विधायक नहीं आए थे और 31 मई को हुई बैठक में 60 विधायक नहीं पहुंचे. और जो नेता पहुंचे थे, उनमें पार्टी सांसद डेरेक ओ ब्रायन, पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, विधायक सोवन देब चटर्जी और कुणाल घोष समेत कई नेता शामिल थे.

सूत्रों के मुताबि‍क, ममता ने बैठक कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बुलाई थी. जिनमें विपक्ष के नेता पद के लिए लिखे गए लेटर पर जाली साइन के आरोपों की CID ​​जांच और विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद से टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हुए हमले जैसे मुद्दे शामिल थे. इन मुद्दों पर चर्चा होनी थी लेकिन मीटिंग ही कैंसिल हो गई. 

ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी पर किसने किया था हमला? टीएमसी और बीजेपी ने नाम भी बताए

TMC नेताओं पर हुआ हमला

जब से पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम आए हैं तब से टीएमसी का आरोप है कि उसकी पार्टी के सांसद से लेकर कार्यकर्ताओं पर हमला हो रहा है. 31 मई को टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि हुगली में पुलिस स्टेशन के बाहर BJP समर्थकों ने उन पर हमला किया. जिससे वे घायल हो गए. उन्होंने कहा कि यहां भगवा कपड़े पहने 10-15 BJP के गुंडे थे. 

इससे पहले 30 मई को टीएमसी सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट हुई थी. अभिषेक ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या की कोशिश की गई. उन पर अंडे और चप्पलें भी फेंकी गईं. इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

हमलों के बीच पार्टी से कुछ नेता किनारा भी कर रहे हैं. जैसे 27 मई को बारासात से TMC सांसद काकोली घोष ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया था. उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजे लेटर में लिखा था कि मानसिक संघर्ष और लंबे चिंतन के बाद यह फैसला लिया है. इस्तीफे से पहले काकोली पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी की बैठक में शामिल हुई थीं.

तमाम परेशानी के बीच टूटते घर को संभालने और कार्यकर्ताओं को मजबूत संगठन का संदेश देने के लिए 2 जून को पार्टी ममता बनर्जी के नेतृत्व में धरना देगी. ये धरना चुनाव बाद हिंसा और राज्यभर में बुलडोजर के जरिए किए जा रहे हॉकर्स निष्कासन अभियान के खिलाफ होगा.

वीडियो: TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के बाद कल्याण बनर्जी पर हमला

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