The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Politics
  • mamata banerjee calcutta high court in advocate gown to plead for post poll violence west bengal

काला कोट पहन ममता बनर्जी पहुंचीं कलकत्ता हाईकोर्ट, पता है किस मामले में पेश करेंगी दलीलें?

Mamata Banerjee in lawyer's gown: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 14 मई को काला कोट पहनकर कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं. तृणमूल कांग्रेस ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा के खिलाफ याचिका दायर की है.

Advertisement
pic
14 मई 2026 (अपडेटेड: 14 मई 2026, 02:54 PM IST)
Bengal post-poll violence
राजनीतिक हिंसा मामले में ममता बनर्जी खुद काला कोट पहने कोर्ट पहुंचीं. (फोटो-इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 14 मई को काला कोट पहनकर कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं. उनके साथ TMC के लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी, सांसद के बेटे शिरशन्य बंदोपाध्याय और वकील वैश्वानर चटर्जी भी मौजूद थे. सूत्रों के अनुसार ममता बनर्जी खुद पार्टी की तरफ से दलील पेश करेंगी इसलिए वकीलों वाला गाउन पहने कोर्ट पहुंची हैं. 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा के खिलाफ याचिका दायर की है. अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि ममता बनर्जी इस मामले में कोर्ट में पैरवी करेंगी. वे विधानसभा चुनाव से पहले अप्रैल में SIR को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ के सामने भी बतौर वकील पेश हो चुकी हैं. तब ममता ने कोर्ट में दलील दी थी कि विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल को निशाना बना रहा है. इसके अलावा अपने कार्यकाल में वो कुल तीन बार अदालत में बतौर वकील पेश हो चुकी हैं.

कोर्ट का वीडियो शेयर करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने अपने X हैंडल से एक ट्वीट किया. लिखा, 

‘ममता बनर्जी अपने लोगों को कभी पीछे नहीं छोड़तीं. हमेशा सच और न्याय की लड़ाई लड़ती हैं. SIR मामले में लोगों के साथ हुए अन्याय को लेकर वो हमेशा डटकर खड़ी रहीं.’

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी, CJI सूर्यकांत के सामने चुनाव आयोग को 'WhatsApp Commission' कहा

किस मामले में कोर्ट पहुंचीं ममता?

2026 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल की सत्ता को ख़त्म किया. TMC को इतनी करारी हार मिली कि ममता अपनी खुद की सीट भी नहीं बचा पाईं. 4 मई को आए ऐतिहासिक नतीजों के बाद राज्य के कई इलाकों में आगजनी और हिंसा के मामले सामने आए. जिसके बाद बीजेपी और TMC दोनों ही पार्टियों ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए. इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या भी कर दी गई. जिसके बाद राज्य में अराजकता फैल गई. इसी राजनीतिक हिंसा के खिलाफ TMC ने याचिका दायर की है. आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने 1982 में जोगेश चंद्र कॉलेज ऑफ़ लॉ से वकालत की पढ़ाई पूरी की थी. 

वीडियो: अमित शाह ने ममता बनर्जी को लेकर क्या कह दिया?

Advertisement

Advertisement

()