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कुंकी चौधरी कौन हैं? 27 साल की 'Gen Z कैंडिडेट' जो सीधे मुख्यमंत्री के निशाने पर है

Assam Gen Z Kunki Chowdhury candidate : असम विधानसभा चुनाव नजदीक है. इस बीच एक नाम है, जो काफी चर्चा में है. यहां तक कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी पहली बार चुनाव लड़ रही इस उम्मीदवार पर तंज कसा है. नाम है कुंकी चौधरी. वे गुवाहाटी सेंट्रल सीट से कांग्रेस की सहयोगी पार्टी असम जातीय परिषद (AJP) पार्टी के टिकट से उतरी है.

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6 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 11:57 PM IST)
Kunki Chowdhury VS Himanta,
कुंकी चौधरी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं. (फोटो-सोशल मीडिया)
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कुंकी चौधरी 27 साल की Gen Z कैंडिडेट हैंं, जो गुवाहाटी सेंट्रल सीट से कांग्रेस की सहयोगी पार्टी असम जातीय परिषद (AJP) के टिकट से मैदान में उतरी है. ये उनका पहला चुनाव है. कुछ महीनों पहले राजनीति में आई हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों से असम के मुख्यमंत्री की जुबान पर कई बार उनका नाम आ चुका है. एक जेन जी कैंडिडेट, जो किसी बड़ी पार्टी से भी नहीं है, वो लगातार सीधे मुख्यमंत्री के निशाने पर रहे तो बात नॉर्मल नहीं रह जाती. सवाल तो उठता है कि ये कुंकी चौधरी कौन हैं, जिस पर सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री निशाना साध रहे हैं.

सब जानेंगे, पहले ये बता देते हैं कि पूरा विवाद क्या है?

हिमंता बिस्व सरमा आजकल एक जेन-जी कैंडिडेट पर विवादित बयानों की वजह से चर्चा में हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सरमा ने गुवाहाटी सेंट्रल सीट की कैंडिडेट कुंकी चौधरी के परिवार पर निशाना साधा है. उन्होंने चौधरी की मां सुजाता गुरुंग चौधरी की सोशल मीडिया पर ‘बीफ खाते तस्वीरें’ शेयर कीं और ये भी कहा कि वो उमर खालिद और शरजील इमाम का ‘खुले तौर पर समर्थन’ करती हैं. उन्होंने अपने एक बयान में कहा, 

लड़की (कुंकी) के माता-पिता न सिर्फ बीफ खाते हैं, बल्कि वे इसे लोगों को दिखाते भी हैं. क्या हम हिंदू नहीं हैं? असम में सार्वजनिक रूप से बीफ खाने के खिलाफ कानून है. इतने सख्त कानून के बावजूद उनकी मां बीफ कैसे खा सकती हैं? गाय हमारी मां है.

सीएम ने आगे कहा कि कुंकी की पार्टी के प्रमुख लुरिंज्योति गोगोई को हिंदुओं का अपमान करने के लिए माफी मांगनी चाहिए. हर बार वो कहते हैं कि लड़की को निशाना बनाया जा रहा है लेकिन अगर कोई बीफ खाएगा तो वह पूरी दुनिया को निशाना बनाएंगे. 

सीएम के आरोपों पर कुंकी ने भी सधा हुआ जवाब दिया. उन्होंने कहा कि सीएम का किसी के परिवार पर ऐसे हमला करना उचित नहीं है. लगता है कि सीएम डर गए हैं और इसलिए ये सब कह रहे हैं. कुंकी ने कहा, 

मैं राजनीति में कब से हूँ? बस 15 दिन से? और मुझे जिस तरह का जबरदस्त प्यार और समर्थन मिला है, उससे वे (सीएम) डर गए हैं. क्योंकि उन्हें कहने के लिए और कुछ नहीं मिला, इसलिए उन्होंने यह तरीका अपनाया.”

कुंकी ने 4 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी पर फर्जी एआई वीडियो फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि  BJP के IT सेल ने उनका एक AI-जेनरेटेड वीडियो बनाया है और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैला रहा है. इसे लेकर कुंकी ने एफआईआर भी दर्ज करवाई है.

कौन हैं कुंकी चौधरी?

27 साल कुनकी ने यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. गुवाहाटी की ही रहने वाली हैं. वो एक ऐसे परिवार से हैं, जो असम भर में कई एजुकेशनल संस्थाओं को चलाने वाला एक ट्रस्ट संचालित करता है. लंदन की एक यूनिवर्सिटी से एजुकेशन लीडरशिप में मास्टर्स करके वापस लौटने के बाद वह परिवार के कामकाज में ही लगी थीं. राजनीति में आने को लेकर पिछले साल सितंबर में उनकी बातचीत लुरिनज्योति गोगोई की अगुवाई वाली AJP से शुरू हुई थी. 

इंडियन एक्सप्रेस को उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार की संस्थाओं में काम करके खुश थीं लेकिन एजेपी चाहती थी कि वह चुनाव लड़ें. क्योंकि उन्हें लगता है कि युवा पीढ़ी को भी राजनीति में आना चाहिए. कुंकी बताती हैं कि पहले तो वह इससे सहमत नहीं हुईं लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि शिक्षा संस्था में उनकी जो जिम्मेदारी थी, वह काफी हद तक वैसी ही है जैसी चुनाव जीतने के बाद उन्हें निभानी पड़ेगी.

कुंकी जिस गुवाहाटी सेंट्रल सीट से चुनाव लड़ रही हैं वो बीजेपी का गढ़ है. यहां वो एक कमजोर उम्मीदवार हैं. उनका मुकाबला बीजेपी के 70 साल के कैंडिडेट विजय गुप्ता से है. विजय गुप्ता के उम्मीदवार बनने से यहां मुकाबला ‘असमिया बनाम बाहरी’ हो गया है. भाजपा पर आरोप लग रहे हैं कि उसने एक गैर-असमी व्यक्ति को टिकट दिया है. ऐसे में कुंकी को लेकर सीएम हिमंता की आक्रामकता इसी मुद्दे को हल्का करने की स्ट्रैटेजी हो सकती है.

हालांकि कुंकी ने इस मुद्दे से किनारा कर लिया है. वह अपने चुनाव प्रचार में इसका जिक्र नहीं करती हैं और कहती हैं कि वह बाढ़ और पार्किंग प्रॉब्लम जैसे स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़ रही हैं. मुख्यमंत्री के हमले का शिकार होने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी बिल्कुल उम्मीद नहीं थी. यह राजनीति का बेहद घटिया स्तर है. किसी व्यक्ति और उसके परिवार पर व्यक्तिगत हमला करना किसी भी सम्मानित नेता का काम नहीं है.

वीडियो: चुनाव यात्रा: सांसद गौरव गोगोई ने हिमंता बिस्वा सरमा, पत्नी और असम चुनाव पर क्या कहा?

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