The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Politics
  • Jammu Kashmir CM Omar Abdullah Refuses To Cut Ribbon Featuring Tricolor

जब उमर अब्दुल्ला ने 'तिरंगा' देख नहीं काटा रिबन, वीडियो हो रहा वायरल

Jammu Kashmir के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने एक प्रोग्राम के दौरान तिरंगे के रंगों से बने रिबन को काटने से इनकार कर दिया. साथ ही उसे सम्मान सहित रखने का आदेश दे दिया.

Advertisement
pic
pic
प्रगति पांडे
| मीर फरीद
15 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 15 अप्रैल 2026, 07:27 PM IST)
Omar Abdullah
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तिरंगे के रंग से बने रिबन को काटने से मना किया. (फोटो- इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वो एक प्रोग्राम में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उन्हें रिबन काट कर प्रोग्राम का उद्घाटन करना था. लेकिन सीएम उमर अब्दुल्ला ने रिबन काटने से इनकार कर दिया. क्योंकि, रिबन भारत के राष्ट्रीय ध्वज वाले तीन रंगों से मिलकर बना था. सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री का तिरंगे के प्रति ऐसा सम्मान देखकर लोग उनके इस कदम की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

वायरल वीडियो कश्मीर का है. इंडिया टुडे से जुड़े मीर फरीद की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 अप्रैल को सूबे के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ‘कश्मीर हाट’ में ‘नो योर आर्टिसन’ प्रोग्राम के उद्घाटन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे. उनके साथ राज्य के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और सलाहकार नासिर असलम वानी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे.

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री अब्दुल्ला हाट में लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए आगे बढ़ रहे हैं. इसके बाद वो रिबन काटने के लिए आगे आए, लेकिन उनकी नजर रिबन के रंग पर पड़ी और मुख्यमंत्री रुक गए. क्योंकि, रिबन तिरंगे के रंगों से मिलकर बना था. ये देख मुख्यमंत्री ने रिबन काटने से साफ इनकार कर दिया.

वीडियो में देखा जा सकता है कि उन्होंने अधिकारियों से रिबन को दोनों ओर से खोलने के लिए कहा. उसे हाथ में लिया और प्रोग्राम के होस्ट को तिरंगे वाले रिबन को सम्मान सहित रखने को कह दिया. बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री का रिबन न काटने का फैसला, सम्मान और कानून दोनों ही नजरों से देखा जा रहा है. दरअसल, ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971’ के तहत, अगर कोई भी शख्स भारतीय राष्ट्रीय ध्वज, संविधान, राष्ट्रगान और भारत के मानचित्र सहित देश के प्रतीकों का अपमान करता है, काटता है या नुकसान पहुंचाता है, तो वो सजा का पात्र को होगा. दोषी पाए जाने पर उस शख्स को तीन साल की सजा या जुर्माना हो सकता है.

यह भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका के बीच 5 बड़े पेच जो नहीं सुलझे, फेल हो गई 21 घंटे की ‘पीस टॉक

हालांकि, मद्रास हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर एक फैसला दिया था. इसमें हाई कोर्ट ने कहा था कि केक जैसी चीजों, या ऐसी वस्तुएं, जिन पर केवल तिरंगे के डिजाइन बने हो, उन्हें काटना अपराध नहीं माना जाएगा.

वीडियो: आंबेडकर जयंती पर लखीमपुर में बवाल, तस्वीर के सामने सड़क जाम, तोड़फोड़ और पत्थरबाज़ी हुई

Advertisement

Advertisement

()