97% मुस्लिम वोटर्स के गढ़ में अपेक्षाबेन जीतीं, गोधरा में कैसे हुआ बड़ा उलटफेर?
Godhra Municipal Corporation Election: पहली बार निकाय चुनाव में बीजेपी को यहां पूर्ण बहुमत मिला है. कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल पाया है. लेकिन चुनाव में सबसे ज़्यादा चर्चा अपेक्षाबेन सोनी. बिना किसी बड़े राजनीतिक दल के बैकिंग के अपेक्षाबेन ने जीत दर्ज की है.

गुजरात के गोधरा के नगर निगम में 44 सीटों पर चुनाव हुए. इस चुनाव के नतीजे कई लिहाज से गेम चेंजर साबित हो सकते हैं. पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने यहां निकाय चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल किया है. कांग्रेस का यहां खाता भी नहीं खुल पाया है. लेकिन चुनाव नतीजों के बाद सबसे ज़्यादा चर्चा अपेक्षाबेन सोनी की हो रही है. गोधरा की 97 फीसदी मुस्लिम बहुल आबादी वाली सीट पर अपेक्षाबेन ने जीत दर्ज की है. निर्दलीय उम्मीदवार होने के बावजूद यहां से जीतने में कामयाब रहीं.
गोधरा नगर निगम के 44 में से 27 सीटों पर बजेपी ने जीत दर्ज की, बाकी 17 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने परचम लहराया है. अपेक्षाबेन सोनी गोधरा के वार्ड नंबर सात से खड़ी हुई थीं. यहां 97 फीसदी मतदाता मुस्लिम समुदाय से हैं. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, अपेक्षाबेन सोनी के पास किसी बड़े राजनीतिक दल की बैकिंग नहीं थी. इसके बावजूद यहां जीत हासिल करना एक राजनीतिक सफलता के साथ-साथ समाजिक समीकरणों के ताने-बाने का भी प्रतीक है. बताया गया कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जीत के बाद अपेक्षा सोनी की उनके दिवंगत पिता के साथ की फोटो के साथ जुलूस निकालकर जीत का जश्न मनाया.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अपेक्षाबेन को 2,762 वोट मिले. इस वार्ड में आम आदमी पार्टी ने अपना एक उम्मीदवार खड़ा किया था, जो हार गया. जबकि भाजपा, कांग्रेस और AIMIM ने इस वार्ड से कोई कैंडिडेट नहीं खड़ा किया था. बताया गया कि अपेक्षाबेन यहां के लोगों के लिए नयी उम्मीदवार थीं. लेकिन लोगों ने उनपर भरोसा किया और बड़े मार्जिन से चुनाव जिताया. भाजपा ने भी इन्हें जीत की बधाई दी. अपेक्षाबेन ने कहा कि उनकी जीत आपसी भाईचारे और सम्मान का प्रतीक है.
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बीजेपी ने कहां-कहां जीत दर्ज की?गुजरात में अन्य नगर निगम चुनावों में भी भाजपा का शानदार प्रदर्शन रहा है. इंडिया टुडे के मुताबिक, भाजपा ने सभी 15 नगर निगमों में जीत दर्ज की है. अहमदाबाद में 192 में से 158 सीटों पर जीते. राजकोट और वडोदरा में 65 और 69 सीटों और सूरत में 115 सीटों पर जीत हासिल की है. बीजेपी की इस ऐतिहासिक जीत ने AAP और कांग्रेस को गुजरात में कमजोर कर दिया है. गोधरा के इस नतीजे को बदलते वोटिंग पैटर्न की ओर बढ़ते कदम की तरह देखा जा रहा है.
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