बंगाल जीतते ही भारत का कितना हिस्सा बीजेपी का?
तकरीबन पूरा उत्तर भारत बीजेपी के भगवा रंग से सराबोर है. बंगाल और असम के रुझानों के नतीजों में बदलते बीजेपी एक ऐसा माइलस्टोन छू लेगी, जो इससे पहले आजादी के बाद के भारत में सिर्फ कांग्रेस छू पाई थी.

तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बंगाल की सत्ता से उखाड़ फेंकने के बाद भारत के राजनैतिक नक्शे पर बीजेपी का वर्चस्व काबिज हो गया है. असम में हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने कुर्सी बचा ली है. यहां भगवा पार्टी लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर सरकार बनाने के लिए तैयार है. इसके साथ ही भारत के नक्शे पर अब 16 ऐसे राज्य हैं, जहां पर बीजेपी के मुख्यमंत्री हैं. तकरीबन पूरा उत्तर भारत बीजेपी के भगवा रंग से सराबोर है. बंगाल और असम के रुझानों के नतीजों में बदलते बीजेपी एक ऐसा माइलस्टोन छू लेगी, जो इससे पहले आजादी के बाद के भारत में सिर्फ कांग्रेस छू पाई थी.
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस जीत के साथ ही अपने सहयोगी दलों के साथ बीजेपी का देश के 72 फीसदी हिस्से पर शासन काबिज हो जाएगा. एनडीए शासित इस क्षेत्रफल में देश की तकरीबन 78 फीसदी आबादी रहती है. साल 2014 में नरेंद्र मोदी की केंद्र में सत्ता में आने के बाद बीजेपी ने लंबी छलांग लगाई है. साल 2014 की हालत देखें तो इस समय तक बीजेपी और उसके सहयोगी भारत की 34 फीसदी जमीन पर राज कर रहे थे. इस एरिया में 25 फीसदी आबादी रहती है. वहीं, इस समय तक गैर भाजपा दलों के पास 60 फीसदी क्षेत्रफल 70 फीसदी आबादी की सत्ता थी.
साल 2018 आते-आते एनडीए ने देश के 69 फीसदी आबादी वाले 74 फीसदी क्षेत्रफल पर शासन हासिल कर लिया. वहीं, गैर-BJP दलों के पास 31 फीसदी आबादी वाला 25 फीसदी क्षेत्रफल बचा.
साल 2026 तक हालात काफी बदल गए. अब बीजेपी के गठबंधन का देश के 72 फीसदी हिस्से पर शासन है. इन इलाकों में देश की 78 फीसदी आबादी रहती है. गैर-बीजेपी दलों के पास अब 22 फीसदी आबादी वाले 22 फीसदी जगहों की सत्ता है.
किन-किन राज्यों में हैं सरकारें?साल 2014 में जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने देश की सत्ता संभाली थी, तब पार्टी के पास राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा और छत्तीसगढ़ जैसे कुछ राज्यों में ही पहले से सरकारें थीं. तब से अब तक भाजपा ने ये आंकड़ा 15 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश तक पहुंचा दिया है. यानी कुल 16 राज्यों में बीजेपी का शासन है. इसी बीच, नरेंद्र मोदी वाली भाजपा ने अपने 12 साल के राजनीतिक सफर में दो सबसे बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं. इनमें एक तो पूर्वोत्तर में उसकी मजबूत उपस्थिति है.

साल 2014 में वहां नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में बीजेपी की मौजूदगी न के बराबर थी. लेकिन 2026 तक पार्टी अकेले दम पर चार राज्यों- असम, मणिपुर, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में सत्ता में है. इसके अलावा, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम में अपने गठबंधन सहयोगी के साथ सरकार में शामिल है.
दूसरी उपलब्धि बंगाल है, जो बीजेपी के लिए अभेद्य मानी जाती थी. 2011 तक यहां पार्टी के पास एक भी विधायक नहीं था. 2016 के चुनाव में बीजेपी तीन सीटों पर जीती. 2021 चुनाव में लंबी छलांग लगाते हुए बीजेपी ने 77 सीटों पर जीत हासिल कर ली. 2026 में तो पार्टी ने इतिहास रच दिया. रुझानों में बीजेपी यहां की 199 सीटों पर जीत रही है.
रुझान नतीजों में बदलते हैं तो बंगाल बीजेपी शासित राज्यों की लिस्ट में नया और बहुत जरूरी नाम होगा, क्योंकि पहली बार भगवा पार्टी कोलकाता की गद्दी पर विराजेगी. फिलहाल उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में बीजेपी का शासन है. इनमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, बिहार और केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली में बीजेपी का अपना मुख्यमंत्री है. गोवा, महाराष्ट्र और ओडिशा में भी बीजेपी अपने दम पर बहुमत के साथ सरकार में है.
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