ममता बनर्जी अब बंगाल की मुख्यमंत्री नहीं, राज्यपाल ने बड़ा कदम उठा लिया
ममता बनर्जी अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री नहीं हैं. राज्यपाल आरएन रवि ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राज्य की विधानसभा को भंग कर दिया है. इससे पहले ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था. उनका कहना था कि बीजेपी ने अनैतिक तरीके से वोटों की लूट करके ये चुनाव जीता है. इसलिए वो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी.

ममता बनर्जी के इस्तीफा नहीं देने के बाद राज्यपाल आरएन रवि ने पश्चिम बंगाल में मंत्रिमंडल बर्खास्त कर दिया है. बंगाल चुनाव में मिली हार के बाद ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद राज्यपाल ने ये फैसला लिया है.
पश्चिम बंगाल के राजभवन से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, राज्यपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 के क्लॉज (2) के सब क्लॉज (b) के तहत 7 मई से पश्चिम बंगाल विधानसभा (Legislative Assembly) को भंग कर दिया है. इस सब क्लॉज (b) के तहत राज्यपाल को विधानसभा (Legislative Assembly) को भंग करने की शक्ति प्राप्त है.
राज्यपाल द्वारा विधानसभा भंग करने का मतलब है कि अब ममता बनर्जी राज्य की मुख्यमंत्री नहीं हैं. इससे पहले ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था. उनका कहना था कि बीजेपी ने अनैतिक तरीके से वोटों की लूट करके ये चुनाव जीता है. इसलिए वो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी.

इधर पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत के बाद बीजेपी ने नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज कर दी हैं. 8 मई को दोपहर 2 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नेता का चुनाव किया जाएगा. इसी नेता को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी. इस अहम बैठक में लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमत्री मोहन चरण मांझी पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल होंगे. दोनों नेता 8 मई को कोलकाता पहुंचेंगे और विधायक दल से मंथन करके नेतृत्व के नाम पर मुहर लगाएंगे.
राज्य में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ लेगी. बीजेपी इस शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की पूरी तैयारी कर रही है. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा कई कैबिनेट मंत्री, बीजेपी और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के आने की संभावना है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और कई सीनियर नेताओं के शपथ ग्रहण में शामिल होने के चलते ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. 900 एकड़ से ज्यादा फैले इस ग्राउंड को क्राउड मैनेजमेंट और सिक्योरिटी के लिहाज से 30 सेक्टर में बांटा गया है.
एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, ब्रिगेड परेड ग्राउंड और आसपास के इलाकों में करीब 4,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. हर सेक्टर की मॉनिटरिंग डिप्टी पुलिस कमिश्नर लेवल के अधिकारी करेंगे. अधिकारी ने आगे बताया कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय आर्म्ड फोर्सेज की तैनाती भी की जा सकती है.
वीडियो: पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने अखिलेश, केजरीवाल का नाम क्यों लिया?

