'हम वो नहीं जो...', अखिलेश ने ममता-स्टालिन की तस्वीरें शेयर कर कांग्रेस को बुरा लपेट दिया
तमिलनाडु में कांग्रेस ने DMK का साथ छोड़कर एक्टर विजय की पार्टी TVK का समर्थन किया है. अखिलेश यादव ने कांग्रेस के इस फैसले पर तंज किया है. उन्होंने डीएमके चीफ स्टालिन और TMC चीफ ममता बनर्जी की फोटो शेयर करके क्षेत्रीय दलों के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश की है.

तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके का गठबंधन टूट चुका है. कांग्रेस ने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) को समर्थन दिया है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इशारों-इशारों में डीएमके का साथ छोड़ने के लिए कांग्रेस पर करारा तंज कसा है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी और एमके स्टालिन के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट की हैं. इस पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा,
हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें.
अखिलेश यादव के इस पोस्ट पर डीएमके का जवाब भी आया है. डीएमके सांसद कनिमोझी ने अखिलेश यादव के इस पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा,
एकजुटता और समर्थन के लिए धन्यवाद.
दरअसल, तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बाद नाटकीय घटनाक्रम सामने आया है. यहां किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला, जिसके चलते त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बन गई है. थलापति विजय की पार्टी 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. इसके बाद कांग्रेस की स्टेट यूनिट ने डीएमके का साथ छोड़कर TVK के साथ जाने का ऐलान किया है. कांग्रेस के इस फैसले के चलते राज्य का राजनीतिक समीकरण बदल गया है.
कांग्रेस के इस फैसले से नाराज डीएमके ने 7 मई को ऐलान किया कि विपक्षी दलों का गठबंधन इंडिया ब्लॉक खत्म हो गया है. डीएमके ने विधायक दल की बैठक में कांग्रेस के इस फैसले की निंदा की है. वहीं अखिलेश यादव के इस पोस्ट के बाद राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया ब्लॉक के भविष्य को लेकर सवाल खड़ा हो गया है. साथ ही उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठजोड़ को लेकर भी संशय के बादल मंडराने लगे हैं.
अखिलेश यादव ने स्टालिन के प्रति एकजुटता दिखाकर यह मैसेज दिया है कि समाजवादी पार्टी और डीएमके जैसे क्षेत्रीय दल अब भी एक दूसरे के साथ खड़े हैं. TVK चीफ विजय ने 7 मई को सरकार बनाने के लिए एक बार फिर से राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मुलाकात की. लेकिन राज्यपाल ने सरकार बनाने के उनके दावे को खारिज कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने उन्हें 118 विधायकों का समर्थन लेकर ही वापस राजभवन आने को कहा है.
वीडियो: अखिलेश यादव ने I-PAC से अलग होने की क्या वजह बताई?

