सपा से आए मनोज पांडेय को मंत्री बनाया, 12 सवाल लेकर अखिलेश योगी सरकार पर बरस पड़े
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा है. उन्होंने दूसरे दलों से पाला बदल कर आए लोगों से लेकर तंज कसा है.

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी पॉलिटिकल गतिविधियां शुरू हो गई हैं. 2027 यानी अगले साल यूपी में विधानसभा के चुनाव होने हैं. इससे पहले यूपी की योगी सरकार ने मंत्रिमंडल का विस्तार करने का ऐलान कर दिया है. रविवार, 10 मई को उत्तर प्रदेश में 6 नेताओं को मंत्री बनाया गया है. इनमें भूपेन्द्र चौधरी, मनोज पांडे, सुरेन्द्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा, कृष्णा पासवान और कैलाश राजपूत शामिल हैं, जिन्होंने मंत्री बनने की शपथ ली है.
हंसराज विश्वकर्मा को पीएम मोदी का विश्वासपात्र माना जाता है. फिलहाल वो विधान परिषद के सदस्य यानी एमएलसी हैं. साथ ही उनके पास भाजपा संगठन में भी अहम पद है. वो पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष भी हैं.

योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जनता के मन में इस मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कुछ सवाल हैं. खासकर उन लोगों को लेकर जो दूसरे दलों से भाजपा में आए और मंत्री बनेंगे. अखिलेश यादव ने 12 पॉइंट्स लिखकर भाजपा पर हमला बोला. उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि योगी सरकार में मंत्री पद की सिर्फ 6 वैकेंसी आई. उसके पास इससे ज्यादा तो दूसरे दल से आए नेता हैं? क्या उन सभी को मंत्री बनाया जाएगा.
अखिलेश का निशाना मनोज पांडेय की ओर था, जो पहले समाजवादी पार्टी में थे. बाद में उन्होंने पाला बदलकर बीजेपी का दामन थाम लिया.
अखिलेश ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बीजेपी से 12 सवाल पूछे. आलोचनात्मक लहजे में पूछे गए एक सवाल में अखिलेश ने कहा कि बीजेपी अपने दल के उन ‘बेचारों’ को क्या करेगी जो मंत्री बनने के इंतजार में सूखकर कांटा हो गए हैं. इसके अलावा अखिलेश ने पूछा कि जिन मंत्रियों के विभाग कम किए गए हैं, क्या इससे जनता के बीच ये मेसेज नहीं जाएगा कि ये मंत्री नाकाम रहे इसलिए उनसे विभाग छीन लिए गए.
अखिलेश ने आगे कहा कि ‘बीजेपी अपने साथी दलों का क्या करेगी? इंतजार के अलावा उन्हें कुछ मिलेगा या उन्हें ये कहकर इग्नोर कर दिया जाएगा कि तुम थे जिनके सहारे, वो हुए न तुम्हारे. वो तो ठग हैं पुराने… तुम ये सच न जाने.’
अखिलेश यादव ने आखिर में सवाल किया कि जब 9 साल में सरकार कुछ नहीं कर सकी तो आखिर के 9 महीनों में ये नए मंत्री क्या कर लेंगे?
यूपी में 2027 में होने हैं चुनावउत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में इस मंत्रिमंडल विस्तार को वोटर्स से लेकर कार्यकर्ताओं तक को लुभाने की कोशिश माना जा रहा है. इस विस्तार में भाजपा नें जातीय समीकरण को भी ध्यान में रखा है जिससे वो सपा और बाकी विपक्ष के नैरेटिव को काउंटर कर सके.
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