तमिलनाडु में हार के बाद AIADMK में पड़ी फूट, पलानीस्वामी के इस्तीफे की मांग तेज
AIADMK split: सूत्रों के मुताबिक, विधायकों और पूर्व मंत्रियों का एक तबका पार्टी चीफ एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) को उनके पद से हटाने की मांग कर रहा है. वहीं, सूत्रों ने ये भी बताया कि पार्टी चीफ ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है. इससे पहले खबर थी कि पार्टी के कुछ विधायक TVK जॉइन कर सकते हैं.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद AIADMK (ऑल इंडियन अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम) में फूट पड़ने की खबर है. सूत्रों के मुताबिक, विधायकों और पूर्व मंत्रियों का एक तबका पार्टी चीफ एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) को उनके पद से हटाने की मांग कर रहा है. वहीं, सूत्रों ने ये भी बताया कि पार्टी चीफ ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, AIADMK के सूत्रों ने बताया कि EPS की अगुवाई में पार्टी को पिछले चार बार से चुनावी हार का सामना करना पड़ा है. इसलिए पार्टी के सीनियर नेता सीवी शनमुगम (CV Shanmugam) के नेतृत्व में नेताओं ने EPS के इस्तीफे की मांग की है.
बता दें कि साल 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 293 में से केवल 47 सीटें जीतीं हैं. 2021 में DMK की गठबंधन सरकार ने पार्टी को सत्ता से बाहर कर दिया था. 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने केंद्र में केवल एक सीट जीती थी जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में एक सीट तक नहीं जीत पाई.
हार ने पार्टी का मनोबल तोड़ासूत्रों के मुताबिक, बार-बार मिल रही चुनावी हार ने AIADMK के अंदर मनोबल को बुरी तरह प्रभावित किया है. इसके चलते नेतृत्व की राजनीतिक रणनीति को लेकर अंदरूनी गुस्सा बढ़ता जा रहा है. EPS खेमे और सीवी शनमुगम के समर्थक नेताओं के बीच बढ़ती खाई ने AIADMK पार्टी के टूटने की आशंका को भी बढ़ा दिया है. पहले ऐसी चर्चा थी कि सीवी शनमुगम के नेतृत्व वाला गुट अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) के साथ गठबंधन कर सकता है. तब TVK पार्टी सरकार बनाने के लिए संख्या जुटाने में लगी थी.
डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, AIADMK के पूर्व नेता केसी पलानीस्वामी ने बताया,
ये ज़ाहिर है कि पार्टी में फूट है. बहुत से विधायक अब नए पार्टी प्रमुख की मांग कर रहे हैं. अगर EPS अपने पद पर काबिज़ रहते हैं तो हो सकता है कि कई नेता TVK के खेमे में चले जाएं.
उनका ये भी कहना है कि उन्हें खुद अपने पद से हट जाना चाहिए ताकि पार्टी अगले चुनाव में नई स्ट्रैटेजी के साथ उतरे.
TVK को सपोर्ट देने वाले थे विधायक?TVK ने चुनाव में 108 सीटों पर जीत हासिल की लेकिन बहुमत के लिए 10 सीटें कम पड़ रही थीं. CPI, CPI (M), विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के साथ कई दिनों तक चली गहन बातचीत के बाद TVK आखिरकार बहुमत का आंकड़ा पार करने में सफल रही. रविवार 10 मई को थलपति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इधर, जहां थलापति विजय पार्टियों को साथ लाने में जुटे थे. वहीं, दूसरी ओर AIADMK का एक गुट पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में मीटिंग कर रहा था.
यहां सीवी शनमुगम समेत 30 विधायक मौजूद थे. सूत्रों के मुताबिक, ये मीटिंग TVK पार्टी को समर्थन देने के लिए की गई थी. बाद में, EPS अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश में उस रिसॉर्ट में पहुंचे. बीच में ये भी खबर फैली थी कि DMK ने AIADMK से बात शुरू कर दी है. बताया गया कि इसी बात से नाराज़ होकर सीवी शनमुगम और बाकी विधायकों ने TVK के नेतृत्व वाली सरकार के साथ हाथ मिलाने का फ़ैसला लिया था.
वीडियो: थलपति विजय की पार्टी बहूमत से दूर, क्या DMK-AIADMK मिलकर खेल बिगाड़ देंगी?

