शहीद पति को पत्नी ने ऐसा यादगार तोहफा दिया कि हर जगह चर्चे हो रहे!
और जानिए मणिपुर पुलिस ऑफिसर ने क्यों लौटाया बहादुरी का मेडल?
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पासिंग आउट परेड के दौरान गरिमा (बाएं) और अपने पति समीर के साथ गरिमा (दाएं)
बहादुरी का अवॉर्ड लौटाने वाली पुलिस ऑफिसर
शहीद ऑफिसर की पत्नी ने जॉइन किया IAF
प्रेग्नेंट महिलाओं को नहीं मिलेगी कोविड की वैक्सीन?
इन सबके बारे में जानेंगे, ऑडनारी के स्पेशल न्यूज बुलेटिन WIN, यानी विमेन इन न्यूज में. इस खास प्रोग्राम में हम बात करते हैं महिलाओं की, उनकी जो किसी न किसी वजह से खबर में बनी रहीं. इसी के साथ बढ़ते हैं पहली खबर की ओर-
# प्लेन क्रैश में मारे गए ऑफिसर की पत्नी ने IAF जॉइन किया
फरवरी 2019 में हुए एक क्रैश में स्क्वाड्रन लीडर समीर अबरोल की मौत हुई. उनकी मौत के बाद उनकी पत्नी गरिमा अबरोल ने SSB का एग्जाम दिया और क्लियर कर लिया. अब लेटेस्ट खबरों के मुताबिक़ गरिमा ने एयर फ़ोर्स अकैडमी से अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली है. दुंदिगल की अकैडमी से पास आउट होने के बाद गरिमा अबरोल अब फ़्लाइंग ऑफिसर के पद पर एयर फ़ोर्स को जॉइन कर रही हैं. जनवरी 2021 में. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गरिमा ने एयर फ़ोर्स जॉइन करने के पीछे वजह बताते हुए कहा, स्क्वाड्रन लीडर समीर अबरोल 1 फरवरी 2019 को मिराज 2000 नाम का फाइटर प्लेन टेस्ट करने के लिए उड़ा रहे थे. HAL एअरपोर्ट पर. जब प्लेन क्रैश हुआ और इसमें समीर की जान चली गई. उनके साथ टेस्ट पायलट के तौर पर स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ नेगी भी थे. इस क्रैश में उनकी भी मौत हो गई.
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की इंचार्ज रुचि गुप्ता ने पद से से त्याग पत्र दे दिया है. NSUI कांग्रेस पार्टी का छात्र संगठन है. रुचि गुप्ता ने अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में हुई एक मीटिंग के दौरान अपना त्याग पत्र दिया. अपने इस्तीफे के लिए कांग्रेस पार्टी के जनरल सेक्रेटरी के सी वेणुगोपाल को जिम्मेदार ठहराते हुए रुचि ने कहा,
मैं ये घोषणा कर रही हूं कि मैंने इस्तीफ़ा दे दिया है. पार्टी के जनरल सेक्रेटरी के द्वारा बार-बार की जा रही देरी से संगठन को बहुत नुकसान हो रहा है. लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में ये संभव नहीं है कि इस मुद्दे को बार बार कांग्रेस प्रेसिडेंट के सामने उठाया जाए. हालात अब काबू से बाहर हो गए हैं.”
रूचि ने कहा कि संगठन के स्तर पर होने वाले कई बदलाव काफी समय से अधूरे पड़े है. स्टेट प्रेसिडेंट्स की नियुक्ति महीनों से नहीं हुई. नए एक्टिविस्ट्स के लिए जगह ही नहीं बन पाई है. इन सभी वजहों से वो इस्तीफ़ा दे रही हैं.
थाऊनौजम बृंदा. मणिपुर पुलिस में एडिशनल सुपरइंटेंडेंट हैं. इन्होंने साल 2018 में एक ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया था. इम्फाल के आस-पास हुए इस ऑपरेशन में करोड़ों की ड्रग्स बरामद की गई थीं. इसके बाद ही बृंदा को मुख्यमंत्री का बहादुरी मेडल दिया गया था. लेकिन हाल में ही इस केस में गिरफ्तार हुए सात लोगों को इम्फाल की एक स्पेशल कोर्ट ने बरी कर दिया. अदालत ने कहा कि इन लोगों पर लगाए गए आरोप सिद्ध करने में प्रोसेक्यूशन का पक्ष असफल रहा है.
इसके बाद ही बृंदा ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को चिट्ठी लिखी. इसमें उन्होंने अपना मेडल लौटाने की बात कही. और ये भी लिखा, बृंदा मणिपुर के स्टेट नारकोटिक्स एंड अफेयर्स ऑफ़ बॉर्डर ब्यूरो की पहली ऑफिसर थीं जिन्हें ये सम्मान दिया गया था.
बृंदा पहले भी ख़बरों में आ चुकी हैं, जब उन्होंने आरोप लगाए थे कि उन पर गिरफ्तार किए गए कथित ड्रग माफिया को छोड़ने का दबाव डाला जा रहा है. (तस्वीर: फेसबुक)
# प्रेग्नेंट महिलाओं को नहीं मिलेगी कोविड की वैक्सीन!
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रीसर्च के डॉक्टर समीरन पंडा ने कहा है कि प्रेग्नेंट महिलाओं को कोविड की वैक्सीन लगाने से परहेज किया जायेगा. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टर पंडा ने कहा, रिपोर्ट के अनुसार प्रेग्नेंट महिलाएं पहले हो चुके वैक्सीन ट्रायल का हिस्सा नहीं थीं. इसलिए उनको लेकर क्लैरिटी की कमी है. जहां कुछ संगठन जैसे अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्सटेट्रिशियन्स एंड गायनकॉलजिस्ट्स का मानना है कि अगर गर्भवती महिलाएं वैक्सीन लगाए जाने के क्राइटेरिया पर फिट बैठती हैं तो उन्हें वैक्सीन दी जानी चाहिए, वहीं बाकी जानकारों का मानना है कि जब तक वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस डेटा नहीं आता तब तक प्रेग्नेंट महिलाओं को इससे बचना चाहिए.
प्रेग्नेंट महिलाएं अधिकतर जगहों पर वैक्सीन ट्रायल का हिस्सा नहीं थीं. (सांकेतिक तस्वीर: रायटर्स)
# आज की ऑडनारी
इस सेक्शन में हम आपको मिलवाते हैं, एक ऐसी आम महिला या लड़की से, जो कोई सेलेब्रिटी नहीं होती. लेकिन उससे देश की सभी महिलाएं प्रेरणा ले सकती हैं.आज की ऑडनारी हैं लखनऊ की सुनीता गांधी. एजुकेशन के फील्ड में काम करती हैं. इन्होंने एक नया प्रोग्राम बनाया है, जिसमें आर्थिक और सामाजिक तौर पर पिछड़े समूहों के बच्चों को साक्षर कराने पर जोर दिया जा रहा है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार सुनीता गांधी ने एक टूलकिट बनाई है. इसमें किताबों से लेकर छोटे छोटे वीडियो,स्टेशनरी का सामान और अक्षरों के कटआउट शामिल हैं. इनका इस्तेमाल करके ट्रेनर बच्चों को जानकारी दे सकता है, उन्हें लिखना-पढ़ना सिखा सकता है. इसके पीछे तरीका ये है कि बच्चों को कोई भी चीज़ रटने के लिए न दी जाए. बल्कि उनके पास पहले से जो जानकारी है, उस पर काम किया जाए और उन्हें शब्द पहचानना, उनका इस्तेमाल करना सिखाया जाए. वो भी 15 -15 मिनट के सेशन में. इस प्रोजेक्ट का नाम ग्लोबल ड्रीम प्रोजेक्ट रखा गया है. सुनीता इस प्रोजेक्ट को आने वाले समय में और भी राज्यों में ले जाना चाहती हैं.
सुनीता को कई जगहों पर बतौर स्पीकर भी बुलाया जाता है. (तस्वीर: फेसबुक)
तो ये थीं आज की ख़बरें. अगर आप भी जानते हैं ऐसी महिलाओं को, लड़कियों को, जो दूसरों के लिए मिसाल हैं, तो हमें उनके बारे में बताइए. मेल करिए lallantopwomeninnews@gmail.com
पर.
शहीद ऑफिसर की पत्नी ने जॉइन किया IAF
प्रेग्नेंट महिलाओं को नहीं मिलेगी कोविड की वैक्सीन?
इन सबके बारे में जानेंगे, ऑडनारी के स्पेशल न्यूज बुलेटिन WIN, यानी विमेन इन न्यूज में. इस खास प्रोग्राम में हम बात करते हैं महिलाओं की, उनकी जो किसी न किसी वजह से खबर में बनी रहीं. इसी के साथ बढ़ते हैं पहली खबर की ओर-
# प्लेन क्रैश में मारे गए ऑफिसर की पत्नी ने IAF जॉइन किया
फरवरी 2019 में हुए एक क्रैश में स्क्वाड्रन लीडर समीर अबरोल की मौत हुई. उनकी मौत के बाद उनकी पत्नी गरिमा अबरोल ने SSB का एग्जाम दिया और क्लियर कर लिया. अब लेटेस्ट खबरों के मुताबिक़ गरिमा ने एयर फ़ोर्स अकैडमी से अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली है. दुंदिगल की अकैडमी से पास आउट होने के बाद गरिमा अबरोल अब फ़्लाइंग ऑफिसर के पद पर एयर फ़ोर्स को जॉइन कर रही हैं. जनवरी 2021 में. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गरिमा ने एयर फ़ोर्स जॉइन करने के पीछे वजह बताते हुए कहा, स्क्वाड्रन लीडर समीर अबरोल 1 फरवरी 2019 को मिराज 2000 नाम का फाइटर प्लेन टेस्ट करने के लिए उड़ा रहे थे. HAL एअरपोर्ट पर. जब प्लेन क्रैश हुआ और इसमें समीर की जान चली गई. उनके साथ टेस्ट पायलट के तौर पर स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ नेगी भी थे. इस क्रैश में उनकी भी मौत हो गई.
# NSUI अध्यक्ष ने पद से इस्तीफ़ा दिया, वजह जान लीजिएMs Garima Abrol, now Flying Officer Garima Abrol, wife of late Squadron leader Samir Abrol, who lost his life an Air Accident, passed out from Air Force Academy yesterday.
The real role models of our Nation. @SpokespersonMoD
@MinistryWCD
@DefenceMinIndia
@IAF_MCC
pic.twitter.com/ZP34tWBG1q
— PRO Shillong, Ministry of Defence (@proshillong) December 20, 2020
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की इंचार्ज रुचि गुप्ता ने पद से से त्याग पत्र दे दिया है. NSUI कांग्रेस पार्टी का छात्र संगठन है. रुचि गुप्ता ने अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में हुई एक मीटिंग के दौरान अपना त्याग पत्र दिया. अपने इस्तीफे के लिए कांग्रेस पार्टी के जनरल सेक्रेटरी के सी वेणुगोपाल को जिम्मेदार ठहराते हुए रुचि ने कहा,
मैं ये घोषणा कर रही हूं कि मैंने इस्तीफ़ा दे दिया है. पार्टी के जनरल सेक्रेटरी के द्वारा बार-बार की जा रही देरी से संगठन को बहुत नुकसान हो रहा है. लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में ये संभव नहीं है कि इस मुद्दे को बार बार कांग्रेस प्रेसिडेंट के सामने उठाया जाए. हालात अब काबू से बाहर हो गए हैं.”
रूचि ने कहा कि संगठन के स्तर पर होने वाले कई बदलाव काफी समय से अधूरे पड़े है. स्टेट प्रेसिडेंट्स की नियुक्ति महीनों से नहीं हुई. नए एक्टिविस्ट्स के लिए जगह ही नहीं बन पाई है. इन सभी वजहों से वो इस्तीफ़ा दे रही हैं.
# मणिपुर की इस पलिस ऑफिसर ने बहादुरी का अवॉर्ड क्यों लौटा दियाI regret to announce that I have resigned. I am grateful to Rahul ji and Sonia ji for giving me this opportunity.
Congress has a crucial role in the Indian polity today but... My views in the Hindu today (jpg) https://t.co/urmBBdLNcl
& Express last year https://t.co/RwlSSW7lo7
pic.twitter.com/rHYsCKxlDQ
— Ruchi Gupta (@guptar) December 19, 2020
थाऊनौजम बृंदा. मणिपुर पुलिस में एडिशनल सुपरइंटेंडेंट हैं. इन्होंने साल 2018 में एक ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया था. इम्फाल के आस-पास हुए इस ऑपरेशन में करोड़ों की ड्रग्स बरामद की गई थीं. इसके बाद ही बृंदा को मुख्यमंत्री का बहादुरी मेडल दिया गया था. लेकिन हाल में ही इस केस में गिरफ्तार हुए सात लोगों को इम्फाल की एक स्पेशल कोर्ट ने बरी कर दिया. अदालत ने कहा कि इन लोगों पर लगाए गए आरोप सिद्ध करने में प्रोसेक्यूशन का पक्ष असफल रहा है.
इसके बाद ही बृंदा ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को चिट्ठी लिखी. इसमें उन्होंने अपना मेडल लौटाने की बात कही. और ये भी लिखा, बृंदा मणिपुर के स्टेट नारकोटिक्स एंड अफेयर्स ऑफ़ बॉर्डर ब्यूरो की पहली ऑफिसर थीं जिन्हें ये सम्मान दिया गया था.
बृंदा पहले भी ख़बरों में आ चुकी हैं, जब उन्होंने आरोप लगाए थे कि उन पर गिरफ्तार किए गए कथित ड्रग माफिया को छोड़ने का दबाव डाला जा रहा है. (तस्वीर: फेसबुक)
# प्रेग्नेंट महिलाओं को नहीं मिलेगी कोविड की वैक्सीन!
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रीसर्च के डॉक्टर समीरन पंडा ने कहा है कि प्रेग्नेंट महिलाओं को कोविड की वैक्सीन लगाने से परहेज किया जायेगा. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टर पंडा ने कहा, रिपोर्ट के अनुसार प्रेग्नेंट महिलाएं पहले हो चुके वैक्सीन ट्रायल का हिस्सा नहीं थीं. इसलिए उनको लेकर क्लैरिटी की कमी है. जहां कुछ संगठन जैसे अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्सटेट्रिशियन्स एंड गायनकॉलजिस्ट्स का मानना है कि अगर गर्भवती महिलाएं वैक्सीन लगाए जाने के क्राइटेरिया पर फिट बैठती हैं तो उन्हें वैक्सीन दी जानी चाहिए, वहीं बाकी जानकारों का मानना है कि जब तक वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस डेटा नहीं आता तब तक प्रेग्नेंट महिलाओं को इससे बचना चाहिए.
प्रेग्नेंट महिलाएं अधिकतर जगहों पर वैक्सीन ट्रायल का हिस्सा नहीं थीं. (सांकेतिक तस्वीर: रायटर्स)
# आज की ऑडनारी
इस सेक्शन में हम आपको मिलवाते हैं, एक ऐसी आम महिला या लड़की से, जो कोई सेलेब्रिटी नहीं होती. लेकिन उससे देश की सभी महिलाएं प्रेरणा ले सकती हैं.आज की ऑडनारी हैं लखनऊ की सुनीता गांधी. एजुकेशन के फील्ड में काम करती हैं. इन्होंने एक नया प्रोग्राम बनाया है, जिसमें आर्थिक और सामाजिक तौर पर पिछड़े समूहों के बच्चों को साक्षर कराने पर जोर दिया जा रहा है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार सुनीता गांधी ने एक टूलकिट बनाई है. इसमें किताबों से लेकर छोटे छोटे वीडियो,स्टेशनरी का सामान और अक्षरों के कटआउट शामिल हैं. इनका इस्तेमाल करके ट्रेनर बच्चों को जानकारी दे सकता है, उन्हें लिखना-पढ़ना सिखा सकता है. इसके पीछे तरीका ये है कि बच्चों को कोई भी चीज़ रटने के लिए न दी जाए. बल्कि उनके पास पहले से जो जानकारी है, उस पर काम किया जाए और उन्हें शब्द पहचानना, उनका इस्तेमाल करना सिखाया जाए. वो भी 15 -15 मिनट के सेशन में. इस प्रोजेक्ट का नाम ग्लोबल ड्रीम प्रोजेक्ट रखा गया है. सुनीता इस प्रोजेक्ट को आने वाले समय में और भी राज्यों में ले जाना चाहती हैं.
सुनीता को कई जगहों पर बतौर स्पीकर भी बुलाया जाता है. (तस्वीर: फेसबुक)
तो ये थीं आज की ख़बरें. अगर आप भी जानते हैं ऐसी महिलाओं को, लड़कियों को, जो दूसरों के लिए मिसाल हैं, तो हमें उनके बारे में बताइए. मेल करिए lallantopwomeninnews@gmail.com
पर.

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