सनस्क्रीन तो स्किन को UV रेज़ से बचाने के लिए गर्मी के मौसम में लगाया जाता है.सर्दियों में तो धूप भी नहीं निकलती, तो ठंड में इसकी क्या ज़रूरत है? यही सोचतेहैं न हम जब विंटर्स में सनस्क्रीन लगाने की बात आती है. Just because it's not"sunny" outside इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि आपको UV रेज़ से किसी भी तरह काप्रोटेक्शन नहीं चाहिए. सर्दियों में सन प्रोटेक्शन (Sunscreen in winter season)को स्किप करना आपके विंटर स्किनकेयर रूटीन की सबसे बड़ी गलती हो सकती है.हमें लगता है कि जब तेज़ धूप निकल रही हो और उसकी तपन हम अपनी स्किन पर फील कर पारहे हों, तभी हमें सनस्क्रीन लगाने की ज़रूरत है. लेकिन ऐसा नहीं हैं. ठंड के दिनोंमें यहां तक कि क्लाउडी डेज़ में भी जब बादल ही बादल नज़र आ रहे हैं तब भी सूरज कीकिरणें आपकी स्किन को डैमेज कर रही होती हैं .स्किन कैंसर फॉउंडेशन के अनुसार, UVA रेज़ बादलों से निकल कर भी आप तक पहुंचसकती हैं . अगर चारों तरफ बर्फ ही बर्फ हो तब भी ये रेज़ आप तक पहुंच ही जाती है.बर्फ 80 परसेंट तक सूरज की UV रेज़ को रिफ्लेक्ट करती है. जो स्किन के लिए डबल डैमेजका काम करता है. इसके अलावा एक सबसे बड़ी गलतफहमी जो हम में से ज़्यादातर लोगों कोहोती है वो ये कि अगर आप घर के अंदर हैं तो इन UV रेज़ से सेफ हैं. आपको बता दें किआपके खिड़की के ग्लास से भी ये रेज़ अंदर पहुंच जाती हैं और आपकी त्वचा को नुकसानपहुंचा सकती हैं .सनस्क्रीन खरीदते समय SPF पर ध्यान देना ज़रूरी- Freepikअब समझते हैं सनस्क्रीन है क्या?सनस्क्रीन आपकी स्किन के लिए प्रोटेक्शन की तरह काम करता है और आपकी स्किन कोखतरनाक अल्ट्रा वायलेट रेज़ से बचाता है. ये अल्ट्रा वायलेट रेज़ टैनिंग, स्किनरेडनेस का कारण बन जाती हैं. आपने देखा होगा जो लोग जाड़ों के मौसम में दिन भर छतमें बैठकर धूप सेंकते हैं उनकी त्वचा टैंड और ड्राई नज़र आने लगती है. सनस्क्रीन में एसपीएफ यानी सन प्रोटेक्शन फैक्टर होता है. अब सवाल उठता है SPF कोकैसे समझें और अपनी ज़रूरत के हिसाब से सही SPF कैसे चुनें?आपने सनस्क्रीन की बोतल पर अलग-अलग SPF के नम्बर लिखे देखे होंगे. आज इस नम्बर केगणित को भी समझते हैं. SPF का मतलब है सन प्रोटेक्शन फैक्टर जो आपको UVB रेज़ सेबचाता है. इस से ये पता चलता है कि आपका सनस्क्रीन कितने समय तक आपको धूप से बचा कररखेगा. एसपीएफ़ (SPF) 15- 93% यूवीबी किरणों को ब्लॉक करता हैएसपीएफ़ (PF) 30- 97% यूवीबी किरणों को ब्लॉक करता हैएसपीएफ़ (SPF) 50- 98% यूवीबी किरणों को ब्लॉक करता हैएसपीएफ़ (SPF) 70- 98.5% यूवीबी किरणों को ब्लॉक करता हैएसपीएफ़ (SPF) 100- 99% यूवीबी किरणों को ब्लॉक करता हैहमारे आसपास सिर्फ UVB नहीं बल्कि UVA रेज़ भी मौजूद होती हैं जो स्किन के लिएज़्यादा खतरनाक होती हैं और आपकी स्किन को टैन बना देती हैं.. अब उनसे कैसे बचें?कई बॉटल्स में PA + रेटिंग भी लिखी होती है. अब ये क्या है? ये एक रेटिंग सिस्टम हैजो जापान में डेवेलप किया गया था ये बताता है कि आपका प्रोडक्ट UVA रेज़ से कितनाप्रोटेक्शन देता है ? PA+ का मतलब है कुछ UVA प्रोटेक्शनPA++ का मतलब है मॉडरेट UVA प्रोटेक्शनPA+++ का मतलब है हाई UVA प्रोटेक्शनPA++++ का मतलब है एक्सट्रीमली हाई UVA प्रोटेक्शनSPF से ज़्यादा ज़रूरी है सनस्क्रीन का PA रेटिंग. जैसे अगर किसी सनस्क्रीन का SPF30 है लेकिन उसका PA रेटिंग 3 + है तो ये आपको SPF 40 वाले सनस्क्रीन से ज़्यादाप्रोटेक्ट करेगा.सनस्क्रीन को सही तरीके से लगाना ज़रूरी- Freepikसनस्क्रीन कितने तरह के होते हैं * फिज़िकल सनस्क्रीन वो होते हैं जो सनरेज को ब्लॉक करते हैं. ये ज़्यादा स्ट्रांग सनस्क्रीन होते हैं इनमें टाइटेनियम डाइऑक्साइड और ज़िंक ऑक्साइड होता है. ये UVA और UVB दोनों रेज़ से हमें प्रोटेक्ट करते हैं. * केमिकल सनस्क्रीन UV रेज़ को ब्लॉक नहीं करते बल्कि उन्हें अब्ज़ॉर्ब करते हैं. * अब बात ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन की. ब्रॉडस्पेकट्रम सनस्क्रीन वो होते हैं जिनमें फिज़िकल और केमिकल दोनों प्रॉपर्टीज़ दोनों होती हैं.सनस्क्रीन चुनते समय इन बातों का रखें ख्याल * अगर आपकी स्किन ऑयली है तो आपको जेल बेस्ड या वाटर बेस्ड सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए. * इसके अलावा मैट फिनिश सनस्क्रीन भी अवेलेबल हैं. सनस्क्रीन को सही तरह से कैसे इस्तेमाल करें? * घर से बाहर निकलने से कम से कम 20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाएं. * चेहरे पर लगाने के लिए one and a half finger सनस्क्रीन लगाएं और बॉडी के लिए एक टेबलस्पून सनस्क्रीन लगाएं. * हर 3 से 4 घंटे में सनस्क्रीन को दोबारा अप्लाई करें