डायबिटीज होने से पहले शरीर देता है ये संकेत
इन लक्षणों को इग्नोर करने से बड़ी समस्या हो सकती है.

(यहां बताई गईं बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
सूर्या छत्तीस साल के हैं. एक महीना पहले उन्होंने एक नई कंपनी में नौकरी जॉइन की. जॉइनिंग से पहले कंपनी ने उन्हें कुछ टेस्ट हेल्थ चेकअप के तौर पर करवाने को कहे. उन्होंने सारे टेस्ट के साथ अपना शुगर भी चेक करवा लिया. उसमें फ़ास्टिंग यानी वो ब्लड टेस्ट जो खाली पेट किया जाता है, उसमें उनकी शुगर 140 आई. अब जब से ये रिपोर्ट आई है, उनके घरवाले डर गए हैं. सब सूर्या को बोल रहे हैं कि वो डायबिटीज की कगार पे हैं. उन्होंने डॉक्टर को भी दिखाया. डॉक्टर ने बताया कि उन्हें प्री डायबिटीज है. सूर्या ने इससे पहले प्री डायबिटीज के बारे में सुना भी नहीं था. उन्हें बस इतना पता था कि जिन लोगों कि शुगर हाई होती है, उनको डायबिटीज होता है. उन्हें इतने समय में कोई लक्षण भी महसूस नहीं हुए, जिसको देखकर वो सतर्क हो जाते. पर जब से पता चला है प्री डायबिटिक है, उन्हें अपने खान-पान का ज्यादा ध्यान रखना शुरू कर दिया है.
सूर्या चाहते हैं कि हम प्री डायबिटीज के बारे में बात करें. क्योंकि ज़्यादातर लोगों को पता नहीं होता कि वो डायबिटीज से पहले वाली स्टेज में हैं. क्योंकि इसके कोई लक्षण साफ़ तौर पर नहीं पता चलते. सूर्या ये भी जानना चाहते हैं कि क्या प्री डायबिटीज का मतलब ये पक्का है कि उनको कुछ समय में डायबिटीज हो जाएगा? क्या इससे बचने का कोई उपाय नहीं है? इन सवालों के जवाब जानेंगे डॉक्टर्स से, लेकिन उससे पहले ये जान लीजिए प्री डायबिटीज है क्या.
प्री डायबिटीज क्या होता है?ये हमें बताया डॉक्टर सतीश कौल ने.

-प्री डायबिटीज वो वर्ग है जिन लोगों को पूरी तरह से डायबिटीज नहीं होता
-जिन लोगों का शुगर 100 से ज़्यादा और 126 से कम है खाली पेट
-या खाना खाने के 2 घंटे बाद 141 से 199 के बीच में है
-तो उन लोगों को प्री डायबिटिक कहा जाता है
-अगर HbA1c टेस्ट के हिसाब से देखा जाए तो जो भी लोग 5.8 से 6.4 के बीच होते हैं
-उन्हें प्री डायबिटीज कहते हैं
-देखा जाए तो प्री डायबिटीज कई लोगों में पाई जाती है
-इसका कोई लक्षण नहीं होता
-ये बुखार की तरह नहीं है, जिसमें लक्षण दिखने पर डॉक्टर के पास जाते हैं
-अगर इसका इलाज न किया जाए तो धीरे-धीरे ये डायबिटीज बन जाता है
-इसकी दर लगभग 40 फीसदी है
-अगर किसी इंसान को प्री डायबिटीज है और वो 5 सालों तक अपना ध्यान नहीं रखता
-तो उसको डायबिटीज होने का लगभग 40 प्रतिशत चांस होता है
लक्षण-जिन लोगों को प्री डायबिटीज होती है, उनमें न्यूरोपैथी (नसों में ख़राबी) के लक्षण देखे जाते हैं
-दिल से जुड़ी समस्याएं भी ज़्यादा होती हैं

-स्ट्रोक (दौरे) भी ज़्यादा पड़ते हैं
-प्री डायबिटीज वर्ग के लोगों को इसको लाइटली नहीं लेना चाहिए
-डॉक्टर्स से राय लेकर इसका इलाज करना चाहिए
-ताकि इसे कंट्रोल किया जा सके
डायग्नोसिस-8 से 14 घंटे की फ़ास्टिंग के बाद किसी भी लैब में ब्लड टेस्ट करवा सकते हैं. ये खून नसों से लिया जाता है
-अगर खाली पेट टेस्ट करवाया और उसमें शुगर 101-125 के बीच आता है तो उसे प्री डायबिटीज कहते हैं
-वैसे ही खाना खाने के 2 घंटे बाद सैंपल दोबारा दें
-इसमें शुगर 140-200 के बीच है तो उसे प्री डायबिटीज कहते हैं
-जिन लोगों की शुगर फ़ास्टिंग में 126 से ज़्यादा आती है, उनको डायबिटीज होता है
-वैसे ही खाना खाने के 2 घंटे बाद अगर शुगर चेक किया और वो 200 से ज़्यादा है तो उसे डायबिटीज कहते हैं
-HbA1c टेस्ट यानी 3 महीने के शुगर टेस्ट में अगर शुगर 6.5 से ऊपर है तो इसका मतलब डायबिटीज है
-5.7 या उससे नीचे है तो डायबिटीज नहीं है

-5.8 से 6.4 है तो प्री डायबिटीज है
इलाज-प्री डायबिटीज का इलाज बहुत आसान है
-इसमें लाइफस्टाइल में सुधार करना होता है
-खान-पान में बदलाव करना होता है
-रोज़ एक्सरसाइज करनी होती है
-शुगर से थोड़ा दूर रहना होता है
-मैदा, ब्रेड, बिस्कुट, बेकरी जैसी चीज़ें से थोड़ा परहेज़ करना होता है
-इंस्टेंट फ़ूड बंद कर दें

-अपने खाने में मिलेट्स लें जैसे ज्वार और बाजरा
-कोशिश करनी चाहिए कि प्री डायबिटीज आगे न बढ़े
-इसके लिए अपना ध्यान रखना, डॉक्टर से मिलकर जानकारी लेना ज़रूरी है
अब जैसा डॉक्टर सतीश ने बताया, आप प्री डायबिटिक हैं या नहीं, ये जानने के लिए आपको एक सिंपल सा ब्लड टेस्ट करवाना है. अगर आपको प्री डायबिटीज है, तो ज़रूरी नहीं आगे जाकर डायबिटीज हो ही जाए. पर उसके लिए आपको अपना ध्यान रखना होगा. अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करना होगा और आप डायबिटीज से बच सकते हैं.
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