The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Oddnaari
  • What is Food Allergy Why everyone is experiencing it

कुछ खा लेने से पेट में होने वाली गड़बड़ और फूड एलर्जी में ये अंतर जानना बहुत ज़रूरी है

डॉक्टर ने बताया कि कब डॉक्टर के पास जाना ज़रूरी हो जाता है.

Advertisement
Img The Lallantop
food allergy
pic
प्रगति
12 जुलाई 2021 (अपडेटेड: 12 जुलाई 2021, 10:27 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो भी सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछ लें. लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
कई लोग आजकल दूध से एलर्जी से शिकायत करते हैं. बताते हैं कि उससे उनको गैस हो जाती है या पेट में दर्द हो जाता है. वहीं, कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें कोई खास चीज़ खा लेने से पूरे शरीर में रैशेज़ आ जाते हैं, खुजली होने लगती है, या कोई और दिक्कत होने लगती है. क्या ये दोनों एक की चीज़ हैं? और कई लोग जो दूध या गेहूं से एलर्जी की शिकायत करते है, बीते कुछ समय में इस तरह की शिकायतें बढ़ी हैं, इसके पीछे की वजह क्या है? वजह समझने के लिए हमने न्यूट्रीशनिस्ट डॉक्टर मेधा कपूर से बात की.
Image embed

Dr medha kapoor

डॉक्टर मेधा ने बताया,
Image embed
डॉक्टर मेधा आगे कहती है कि अगर ऐसी कोई भी दिक्कत महसूस होती है तो सेल्फ डॉयग्नोज़ करने की बजाय डॉक्टर से मिलकर लक्षण डिस्कस करें. डॉक्टर मेधा ने बताया कि साइकोलॉजिकल कारणों से ऐसे केस बढ़ रहे हैं लेकिन सवाल उठता है कि कैसे पहचानें कि किसको सच में फूड एलर्जी है, क्योंकि फूड एलर्जी से कई बार लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है. क्या होती है Food Allergy और फूड इनटॉलरेंस? डॉक्टर मेधा का कहना है कि Food intolerance और फूड एलर्जी दोनों लगभग एक ही माने जाते हैं. लेकिन दोनों में बहुत अंतर है. फूड इंटॉलरेंस एक माइल्ड इंफेक्शन होता है. इसके लक्षण लोकलाइज़्ड और पेट से संबंधित होते हैं. जैसे पेट में गैस होना, दर्द होना, दस्त लग जाना, उल्टी आना. जबकि फूड एलर्जी पूरे शरीर को अफेक्ट करती है.
Image embed


lactose free milk
डॉक्टर मेधा ने बताया,
Image embed
वहीं फूड एलर्जी के बारे में वो बताती हैं,
Image embed
डॉक्टर मेधा कहती है कि एलर्जी है या इनटॉलरेंस या कुछ भी नहीं, इसका फैसला आप खुद न करें. बल्कि डॉक्टर से बात करें. टेस्ट्स के बाद ही वो आपको बता पाएंगे कि दिक्कत क्या है. ट्रीटमेंट भी मेडिकल प्रोटोक़ॉल्स के तहत लें.

Advertisement

Advertisement

()