लिसिप्रिया कंजुगम. पर्यावरण कार्यकर्ता हैं. 10 साल की हैं. मणिपुर की रहने वालीहैं. बीते दिनों उन्होंने आगरा के ताजमहल की एक फोटो पोस्ट की थी. इस फोटो में सबतरफ प्लास्टिक का कचरा बिखरा दिख रहा है. उनकी इस फोटो को समाजवादी पार्टी केमीडिया कोऑर्डिनेटर मनीष जगन अग्रवाल ने ट्वीट किया. साथ में Licypriya Kangujam कोविदेशी बता दिया. इस पर लिसिप्रिया ने उन्हें जवाब दिया है और सोशल मीडिया पर लोगसपा नेता पर नस्लभेदी होने के आरोप लगा रहे हैं.सबसे पहले लिसिप्रिया की पोस्ट देखिए. लिसिप्रिया ने ताजमहल के पीछे के हिस्से कीएक फोटो पोस्ट की. इस फोटो में वो नदी के किनारे खड़ी हैं, बैकड्रॉप में ताजमहल दिखरहा है और उनके चारों तरफ कचरा ही कचरा दिख रहा है. फोटो के साथ लिसिप्रिया नेलिखा,“ताजमहल की खूबसूरती के पीछे! शुक्रिया इंसानों. आप जब ताजमहल आएं तो हो सकता है किआप ये सीन देखें. आप कहेंगे कि ये कितना प्रदूषित है लेकिन आपके एक पॉलिथीन बैग,पानी की एक प्लास्टिक की बोतल से ये हालात पैदा हुए हैं. हर साल कई मिलियन लोगताजमहल देखने आते हैं.”Behind the beauty of Taj Mahal! Thanks humans. 😞You might be witnessing this scene when you visit the Taj Mahal. You may sayit’s very polluted but your 1 piece of polythene bag, one simple plastics waterbottle led this situation when millions of people visit every year.pic.twitter.com/KriVT1ewvk— Licypriya Kangujam (@LicypriyaK) June 21, 2022उनकी इस फोटो को पोस्ट करते हुए सपा नेता ने लिखा था,विदेशी पर्यटक भी भाजपा शासित योगी सरकार को आईना दिखाने को मजबूर हैं. बीजेपी कीसरकार में यमुना जी गंदगी से भरी पड़ी हैं. ताजमहल की खूबसूरती पर ये गंदगी एकबदनुमा दाग है. विदेशी पर्यटक द्वारा सरकार को आईना दिखाना बेहद शर्मनाक है, भारतऔर यूपी की ये छवि भाजपा सरकार ने बनाई है.विदेशी पर्यटक भी भाजपा शासित योगी सरकार को आईना दिखाने को मजबूर हैं ,भाजपा की सरकार में यमुना जी गंदगी से भरी पड़ी हैं ,ताजमहल को खूबसूरती पर येगंदगी एक बदनुमा दाग है ,विदेशी पर्यटक द्वारा सरकार को आईना दिखाना बेहद शर्मनाक है ,भारत और यूपी की येछवि भाजपा सरकार ने बनाई है👇 pic.twitter.com/vEjoJNuSZn— Manish Jagan Agrawal (मनीष जगन अग्रवाल) (@manishjagan) June 22, 2022इसके बाद कई लोगों ने मनीष जगन पर नस्लभेद का आरोप लगाया. लिसिप्रिया ने इस ट्वीटपर लिखा कि वो भारतीय हैं. इसके बाद अपने ट्वीट के लिए माफी मांगने या ट्वीट हटानेकी जगह मनीष जगन ने फिर से एक ट्वीट किया. बताया कि एक न्यूज़ चैनल में लिसिप्रियाको विदेशी पर्यटक बताया गया था, इस वजह से उन्होंने भी वैसा ही लिख दिया. उन्होंनेएबीपी न्यूज़ की एक वीडियो क्लिप और हिंदुस्तान अखबार का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया. इसके बाद लिसिप्रिया ने अपनी उपलब्धियों की लिस्ट चस्पा करते हुए लिखा,“10 साल की उम्र में मैंने UN में आठ बार भारत का प्रतिनिधित्व किया है. इसलिए नहींकि मुझे मेरे ही देश में विदेशी कहा जाए. नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ ऐसा नस्लभेदबंद कीजिए, ये किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है.”Sir, I represented my country 🇮🇳 8th times at United Nations 🇺🇳 till my ageof 10 is not to call me a "Foreigner".Stop such racist attitude towards North East People. This is unacceptable at anycost. 😢 🙏💔 https://t.co/mDQooM5eEb pic.twitter.com/SJ9ChTGpPp— Licypriya Kangujam (@LicypriyaK) June 23, 2022भारत के उत्तर पूर्व के नागरिकों के साथ नस्लभेद का ये मामला पहला नहीं है. देश केदूसरे इलाकों में उनके साथ भेदभाव होता है, उन्हें अजीब नामों से बुलाया जाताहै.चेहरे के फीचर्स को आधार बनाकर उन्हें देश के बाकी हिस्सों में रहने वाले नागरिकअलग समझते हैं. जबकि वो उतने ही भारतीय हैं जितने देश के किसी और हिस्से में रहनेवाले लोग.