अगर आपके पीरियड ब्लड में खून के थक्के निकल रहे हैं तो सावधान हो जाइए
आपकी उम्र अगर 20 से 30 साल है तो ये ज़रूर पढ़िए.
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पीरियड्स के दौरान खून के थक्के आना एक आम बात है. पर हमेशा नहीं!
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पीरियड्स. हर महीने आते हैं. किस्मत अच्छी है तो नॉर्मल ब्लीडिंग. नो पेन. नो मूड स्विंग. बुरी निकली तो हैवी ब्लीडिंग के साथ बेपनाह दर्द. पर क्या कभी पीरियड ब्लड में खून के थक्के देखकर आप परेशान होती हैं? क्या ये नॉर्मल है? या आपके अंदर कुछ गड़बड़ चल रही है? रिलैक्स. ये सवाल बहुत आम है. कई लड़कियों और औरतों के मन में आता है. पर ज़्यादातर चुप रह जाती है. किससे पूछें? तो चलिए इसपर बात करते हैं.
पीरियड ब्लड में खून के थक्के क्यों आते हैं?
पीरियड्स के दौरान हमारे शरीर में एक चीज़ बनती है. अंग्रेज़ी में कहते हैं एंटीकॉग्यूलेंट. इसका मतलब है वो एजेंट जो खून की जमावट (blood clotting) को रोकने का काम करता है. पर जब पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग काफ़ी ज़्यादा होती है तो चीज़ें थोड़ी बदल जाती हैं. आपके गर्भाशय (यूटरस) के अंदर एक परत बनती है. पीरियड्स के दौरान ये टूटती है और पीरियड ब्लड के साथ शरीर से बाहर निकलती है. कभी-कभी ये परत ठीक तरह से टूटती नहीं है. यही खून के थक्के बनकर पीरियड ब्लड में अलग से दिखती है. इसका रंग गहरा लाल होता है. कभी-कभी ये गहरा भूरा भी हो सकता है. एक बात और ये तब होता जब ब्लीडिंग हैवी होती है.
डॉक्टर लवलीना नादिर. ये फ़ोर्टिस दिल्ली में स्त्रीरोग विशेषज्ञ हैं. उन्होंने बताया-
जब पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग काफ़ी ज़्यादा होती है तो चीज़ें थोड़ी बदल जाती हैं.
तो क्या खून के थक्के परेशान होने वाली बात है
जवाब है नहीं. पीरियड्स के दौरान खून के थक्के आना एक आम बात है. पर कभी-कभी ये नॉर्मल नहीं होता. लेकिन कब?
इसपर डॉक्टर लवलीना नादिर कहती हैं-
जब हीमोग्लोबिन कम होने लगता है, तो शुरू होती हैं परेशानियां. नतीजतन एनीमिया.
डॉक्टर लवलीना नादिर आगे बताती हैं-
अगर आपके पीरियड ब्लड में खून के थक्के नहीं निकलते और ऐसा पहली बार हो रहा है. तो सतर्क हो जाइए. डॉक्टर लवलीना नादिर कहती हैं कि ये किसी बीमारी या इन्फेक्शन का नतीजा हो सकता है.
अगर आप 20 से 25 साल की हैं. आपके पीरियड ब्लड में थक्के निकल रहे हैं. पीरियड के दौरान आपको चक्कर आ रहे हैं. या स्किन ऐसी लग रही है जैसे खून की कमी हो तब फौरन डॉक्टर को दिखाइए. हो सकता है कि आपको वॉन विलेब्रांड बीमारी हो. ये खून से जुड़ी एक बीमारी है. इसमें खून जमने की प्रक्रिया बिगड़ जाती है. इसलिए ज़रूरी है कि आप इस केस में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.
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पीरियड ब्लड में खून के थक्के क्यों आते हैं?
पीरियड्स के दौरान हमारे शरीर में एक चीज़ बनती है. अंग्रेज़ी में कहते हैं एंटीकॉग्यूलेंट. इसका मतलब है वो एजेंट जो खून की जमावट (blood clotting) को रोकने का काम करता है. पर जब पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग काफ़ी ज़्यादा होती है तो चीज़ें थोड़ी बदल जाती हैं. आपके गर्भाशय (यूटरस) के अंदर एक परत बनती है. पीरियड्स के दौरान ये टूटती है और पीरियड ब्लड के साथ शरीर से बाहर निकलती है. कभी-कभी ये परत ठीक तरह से टूटती नहीं है. यही खून के थक्के बनकर पीरियड ब्लड में अलग से दिखती है. इसका रंग गहरा लाल होता है. कभी-कभी ये गहरा भूरा भी हो सकता है. एक बात और ये तब होता जब ब्लीडिंग हैवी होती है.
डॉक्टर लवलीना नादिर. ये फ़ोर्टिस दिल्ली में स्त्रीरोग विशेषज्ञ हैं. उन्होंने बताया-
‘हमारा शरीर कुछ इस तरह बना है कि कुछ केमिकल्स की मदद से खून थक्के में बदल जाता है. ताकि हम ब्लीड करते-करते मर न जाएं.’
जब पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग काफ़ी ज़्यादा होती है तो चीज़ें थोड़ी बदल जाती हैं. तो क्या खून के थक्के परेशान होने वाली बात है
जवाब है नहीं. पीरियड्स के दौरान खून के थक्के आना एक आम बात है. पर कभी-कभी ये नॉर्मल नहीं होता. लेकिन कब?
इसपर डॉक्टर लवलीना नादिर कहती हैं-
‘अगर आपको पीरियड्स के दौरान बहुत थकान हो रही हो. पीरियड्स के दौरान खून के थक्के निकल रहे हों तो इसका मतलब है आप एनीमिक हैं.’एनीमिया का मतलब होता है खून की कमी. नहीं-नहीं, सचमुच में खून नहीं सूखता. खून में मिलने वाली एक चीज होती है- हीमोग्लोबिन. बोले तो खून में मौजूद वो चीज़ जो ऑक्सीजन लेकर जाती है पूरे शरीर में. प्रोटीन होती है, बहुत ही ज़रूरी. हीमोग्लोबिन की वजह से ही हमारा खून लाल होता है. इसके अंदर आयरन यानी लोहे को अपने आप से बांधकर रखने ताकत होती है. और ऑक्सीजन उनसे जुड़कर ही शरीर में हर जगह तक पहुंचता है. इसीलिए जब खून बढ़ाने की बात होती है तो कहा जाता है हरी पत्तेदार सब्जियां खाने को क्योंकि उनमें आयरन काफी होता है. लेकिन जब हीमोग्लोबिन कम होने लगता है, तो शुरू होती हैं परेशानियां. नतीजतन एनीमिया.
जब हीमोग्लोबिन कम होने लगता है, तो शुरू होती हैं परेशानियां. नतीजतन एनीमिया.डॉक्टर लवलीना नादिर आगे बताती हैं-
‘खून के थक्के एक बात का और इशारा हो सकते हैं. वो है गर्भाशय फाइब्रॉएड. ये गर्भाशय में होने वाला एक तरह का ट्यूमर है. नहीं, नहीं. डरिए मत. इस ट्यूमर का ये मतलब नहीं है कि आपको कैंसर है. ये ज़्यादातर बच्चा पैदा करने वाली उम्र में हो जाते हैं. पर इससे कैंसर नहीं होता.'आपको डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए
अगर आपके पीरियड ब्लड में खून के थक्के नहीं निकलते और ऐसा पहली बार हो रहा है. तो सतर्क हो जाइए. डॉक्टर लवलीना नादिर कहती हैं कि ये किसी बीमारी या इन्फेक्शन का नतीजा हो सकता है.
अगर आप 20 से 25 साल की हैं. आपके पीरियड ब्लड में थक्के निकल रहे हैं. पीरियड के दौरान आपको चक्कर आ रहे हैं. या स्किन ऐसी लग रही है जैसे खून की कमी हो तब फौरन डॉक्टर को दिखाइए. हो सकता है कि आपको वॉन विलेब्रांड बीमारी हो. ये खून से जुड़ी एक बीमारी है. इसमें खून जमने की प्रक्रिया बिगड़ जाती है. इसलिए ज़रूरी है कि आप इस केस में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.
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