मिस्र देश की राजधानी काइरो. यहां एक टीचर को नौकरी से निकाल दिया गया. फिर उसकेपति ने भी उसे तलाक दे दिया. महिला टीचर का नाम अया युसेफ है. युसेफ अपने स्कूले केसहकर्मियों के साथ क्रूज पार्टी गई थीं. वहां उन्होंने पुरुष सहकर्मियों के साथबेली डांस किया. इस डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वायरल होते हीउनकी नौकरी चली गई और पति ने भी तलाक दे दिया. इस मामले ने महिला अधिकारों पर बहसछेड़ दी है. क्या है पूरा मामला? फर्स्ट पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अया युसेफ़मिस्र के नील डेल्टा स्थित दकाहलिया गवर्नरेट के एक प्राइमरी स्कूल में अरबी पढ़ातीहैं. कुछ समय पहले वो अपने सहकर्मियों के साथ नील नदी में हो रही एक क्रूज पार्टीमें गईं. ये क्रूज़ पार्टी दिन के समय हो रही थी. इस पार्टी में युसेफ ने बेली डांसकिया.वायरल वीडियो में मेल कलीग के साथ डांस करतीं प्राइमरी स्कूल टीचर अया युसेफ़रिपोर्ट के मुताबिक, वहां कुछ लोगों ने उनके डांस को शूट कर सोशल मीडिया पर अपलोडकर दिया. देखते ही देखते ये वीडियो वायरल हो गया. इस वीडियो के वायरल होते ही अयाको स्कूल से बर्खास्त कर दिया गया. उनके पति ने भी उन्हें तलाक दे दिया. वीडियो कुछइस तरह से है- बेली डांस से दिक्कत क्यों? बेली डांस एक अरेबिक डांस फॉर्म है, जोअब पूरी दुनिया में बहुत मशहूर और लोकप्रिय है. एक थ्योरी के अनुसार, इस डांस फॉर्मकी जड़ें प्राचीन अरब आदिवासी संप्रदायों से जुड़ी हैं. यह डांस मूलतः औरतों द्वाराकिया जाता है. इसमें औरतें अपने सीने, कमर और कूल्हों के जरिए फ्लेक्सिबल बॉडीमूव्स दिखाती हैं.दूसरी तरफ ये डांस फॉर्म जितना लोकप्रिय है उतना ही विवादित भी. इस डांस के दौरानपहने जाने वाली पोशाकों और इसके फॉर्म के कारण इसे कई लोग अश्लील भी समझते हैं. ऐसेमें वीडियो के वायरल होते ही बहुत से लोगों ने अया को ट्रोल किया कि वो एक टीचरहोकर बेली डांस कैसे कर सकती हैं? तो किसी को इस बात से दिक्कत है कि वह औरत होकरपुरुषों के साथ डांस कैसे कर सकती हैं? कुछ को उनके मुस्लिम समुदाय की औरत होने सेभी दिक्कत है. यूट्यूब पर एक यूजर ने लिखा, "यह एक अलग कहानी है, सबसे पहले वह एकविवाहित महिला है, दूसरे पुरुष के सामने बेली डांस करना एक बात है, धार्मिक रूप सेयह दूसरी बात है, अगर वह महिलाओं के साथ डांस कर रही होतीं और इस तरह का वीडियोसामने आता, तो मैं सच में उसे दोष नहीं देता, लेकिन पुरुषों के साथ यह दूसरी बातहै."यू ट्यूब यूज़र का कमेन्टवहीं कुछ लोग अया युसेफ़ को सपोर्ट कर रहे हैं. सपोर्ट करने वालों का कहना है कि येमहिला अधिकारों के खिलाफ़ है. वो बस अपने दोस्तों और सहकर्मियों के साथ इन्जॉय कररही हैं. जैसे कोई भी एक साधारण इंसान करता है. इसमें उनके टीचर या मुस्लिम या औरतहोने से कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए. एक इंडियन ट्विटर यूज़र ने स्वरा भास्कर से लेकरऐक्टर सिद्धार्थ तक को टैग करते हुए लिखा है "इसपर पर #नारीवादी का कोई आक्रोशनहीं? किसी को भी उसके प्रति संवेदना व्यक्त करने की आवश्यकता नहीं है? 21वीं सदीमें ऐसे समाज की सोच की निंदा कोई नहीं करना चाहता? " No outrage of #feministon this? Nobody has to offer condolences to her? No one wants to condemn thethinking of such a society in 21st century?#Egypt#Bellydance#HARAM#Taliban@Imamofpeace@AskAnshul@JadooShah@notaaashiii@ReallySwara@Actor_Siddharth@khanumarfapic.twitter.com/UQOqauYNSS— SaneBeing (@KudratiMithaayi) January 13, 2022दूसरी नौकरी मिली इस ख़बर के चर्चा में आते ही मिस्र के महिला अधिकार केंद्र के प्रमुख डॉ निहाद अबूकुस्मान ने अया को बर्खास्तगी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने में मदद की. दकाहलिया केशिक्षा निदेशालय ने भी मामले में हस्तक्षेप किया और युसेफ़ को मंसौरा के एक‘एक्सपेरिमेंटल लैंग्वेज स्कूल’ में अरबी भाषा की टीचर के रूप में नौकरी दिलाने मेंमदद की.मीडिया संस्थान इजिप्ट इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, युसेफ़ ने कहा किवीडियो के कारण उनका जीवन बर्बाद हो गया है. एक बेईमान व्यक्ति ने कैमरा उनके पासलाकर उन्हें गलत ढंग से प्रेजेंट कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की. यूसुफ ने कहा,"मैंने अपनी नौकरी, पति, घर तीनों खो दिए, और मेरी मां बीमार पड़ गई हैं." उन्होंनेबताया कि उनका परिवार वीडियो से बहुत प्रभावित हुआ था. युसेफ़ ने ये भी कहा कि वो उनसभी के प्रति आभारी हैं जिन्होंने ऐसे मुश्किल समय में उनका साथ दिया. साथ ही वहशिक्षा निदेशालय के फैसले के लिए भी शुक्रगुज़ार हैं जिससे उन्हें काम पर वापस आनेमें मदद मिली.