फिट रहने के लिए कब दौड़ना फायदेमंद है और कब सिर्फ चलना?
जो लोग एक्सरसाइज नहीं कर पाते या नहीं कर सकते, उनको वॉक करने की सलाह दी जाती है. यानी चलने की. चलने का ये मतलब नहीं आप बस ठहलें.

फिट रहने के लिए, हेल्दी रहने के लिए और वज़न घटाने के लिए एक्सरसाइज ज़रूरी है. अब जो लोग एक्सरसाइज नहीं कर पाते या नहीं कर सकते, उनको वॉक करने की सलाह दी जाती है. यानी चलने की. चलने का ये मतलब नहीं आप बस ठहलें. चलना यानी तेज़-तेज़ चलना. जिसको ब्रिस्क वॉकिंग कहते हैं. तभी उसका कुछ फ़ायदा होता है. अगर आप वज़न घटाने के लिए चल रहे हैं पर सुस्ती में, तो ये बेकार जा रहा है.
ये तो बात हो गई वॉकिंग की. अब आते हैं रनिंग पर. यानी दौड़ना. ये भी फिट रहने और वज़न घटाने का बढ़िया तरीका है. पर इन दोनों में ये ज़्यादा फ़ायदेमंद कौन सा है? फिट रहने के लिए किस केस में आपको वॉक करनी चाहिए और कब दौड़ना चाहिए, डॉक्टर से जानते हैं.
फिट रहने के लिए दौड़ें या चलें?ये हमें बताया डॉक्टर राजेश कुमार ने.

- हर व्यक्ति पर उम्र के मुताबिक दौड़ने और चलने का अलग असर होता है.
- एक सामान्य व्यक्ति जो फिट रहना चाहता है, उसके लिए दौड़ना ज्यादा अच्छा होगा, क्योंकि इस व्यक्ति की हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत हैं.
- आप देर तक चल सकते हैं, लेकिन दौड़ केवल कुछ ही समय के लिए होती है. जिस व्यक्ति ने ट्रेनिंग की है वही देर तक दौड़ सकता है.
- चलने के बाद शरीर में एनर्जी महसूस होती है, वहीं दौड़ने के बाद एनर्जी कम और थकान ज्यादा महसूस होती है. इसकी वजह है प्रैक्टिस और शरीर की क्षमता.
कितनी देर दौड़ना या चलना चाहिए?- लगातार रूटीन में दौड़ने या चलने के कई सारे फायदे हैं.
- इससे दिल की बीमारियां नहीं होतीं, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की बीमारी नहीं होती.
- अगर ब्लड प्रेशर और डायबिटीज हो गया है तो दौड़ने या चलने से ये कंट्रोल में रहते हैं.
- दौड़ने या चलने से कई तरह के कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है.
- इससे मेंटल हेल्थ भी अच्छी रहती है. दौड़ने या चलने से अल्जाइमर यानी भूलने की बीमारी का खतरा भी कम हो जाता है.
- दौड़ने और चलने के दौरान कुछ चीजों का ध्यान हमेशा रखें. जैसे, अच्छी क्वालिटी के जूते पहनें, सीमेंट वाली जगह पर दौड़ने और चलने से बचें. इससे घुटनों और मांसपेशियों को नुकसान होता है.
- 10 मिनट से ज्यादा दौड़ने या चलने से बॉडी पर अच्छा असर पड़ता है.
- किसी भी तरह की एक्सरसाइज़ से पहले वॉर्मअप जरूर करें.
- इस दौरान एक बात का हमेशा ध्यान रखें, चलने की स्पीड अच्छी हो और किसी से बात न करें.
- अगर बातें हो रही हैं तो इसका मतलब है चलने की स्पीड कम है और इससे बॉडी को ज्यादा फायदा नहीं होगा.
यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.


