कौन थीं वो दो लड़कियां जिनकी बदौलत आज लड़कियां भी वकील बनती हैं?
भारत मे 1923 से पहले कोई भी महिला वक़ील नहीं बन सकती थी.
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उस वक्त कै प्रैक्टिशनर्स ऐक्ट के मुताबिक, कोई भी 'व्यक्ति' वकालत कर सकता था. लेकिन, उस वक्त के जो कानून के जानकार थे उन्होंने 'व्यक्ति' का मतलब निकाल लिया पुरुष.
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