"पीरियड वाला कप वजाइना के अंदर फंस गया तो?"
एक भाई पूछ रहे कि बाथरूम तो दिन में 10 बार जाते हैं, तो लड़कियों का काम बस निकालने और डालने का रहेगा?
Advertisement

सोशल मीडिया के खलिहर कर्मवीरों को सलाम
Quick AI Highlights
Click here to view more
दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं. एक जिन्हें पीरियड्स होते हैं, एक जिन्हें नहीं होते हैं. जिन्हें पीरियड्स होते हैं, उनमें भी दो तरह के लोग होते हैं. एक जिन्हें कॉम्प्लिकेशंस होती हैं, दूसरे जिन्हें नहीं होती हैं. ये बात आपको पता होगी.
ये तो हो गया इंसानों के यूटरस के आधार पर विभाजन. दिमाग के आधार पर बात करें, तो दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं. एक समझदार और शालीन. दूसरे खलिहर और ट्रोल. आज हम सलाम करने वाले हैं उन्हीं खलिहरों को. जिनको लगता है कि फोन में नेट पैक डलवाने से नैचुरली ही ओपिनियन आ जाती है और वो ओपिनियन उन्हें जगह-जगह देनी ही चाहिए. चाहे उसकी जरूरत हो या ना हो.
हुआ ये कि हमने कुछ दिनों पहले हमने एक वीडियो बनाया मेंस्ट्रूअप कप पर
. यानी वो छोटा सा कप जिसे लड़कियां पीरियड्स के दौरान इस्तेमाल कर सकती हैं. पैड्स के मुकाबले ये बहुत अलग चीज़ है क्योंकि अंडरवियर पर लगाने के बजाय इसे वजाइना के अंदर इंसर्ट किया जाता है. खैर, इसके पूरे इस्तेमाल, इससे जुड़े झूठ, इसके फायदे और जिन महिलाओं ने इसे इस्तेमाल किया है उनके एक्सपीरियंस, सब हमने इस वीडियो में इनक्लूड किया. किसलिए? इसलिए कि हमारी व्यूअर्स में जो लड़कियां हैं, महिलाएं हैं वो ये जान सकें कि उनके पास एक और तरीका है पीरियड्स को हैंडल करने का. जो ईको फ्रेंडली और सस्ता है.
लेकिन हमारे कई व्यूअर हमारी तरह नहीं सोचते. जहां हमें कई अच्छे कमेंट्स मिले जिसमें औरतों ने हमें थैंक्स कहा. कई व्यूअर ऐसे भी थे जिन्होंने हमसे न सिर्फ ऐसी बातें कहीं जो हमारी टीम को अपमानित करती हैं, बल्कि उनके बौद्धिक लेवल का भी परिचय देती हैं.
रीएकशंस अलग अलग प्लैटफॉर्म्स से लिए गए हैं
एक भाईसाब कहते हैं कि मैम बताओ मत करके दिखाओ. सीरियसली, ये चाहते हैं कि कोई एंकर इनके सामने पीरियड्स के दौरान कप लगाते हुए वीडियो बनाए. ब्रो, आप कितने पढ़े-लिखे और सेंसिटिव हैं इस इशू को लेकर कि मेरी आंखों में आंसू आ गए. सोचिए वो दुनिया कितनी प्रोग्रेसिव होगी जिसमें मेडिकल इन्फॉर्मेशन इतनी सहजता से दी जा सकेगी. तो आप लगे रहें. औरतों की न्यूडिटी के अधिकार के लिए इसी तरह लड़ते रहें.
एक और भैया कहते हैं कि इस कप को बनाना बड़ा आसाना है, 400 रुपये में तो महंगा पड़ेगा. भैया दुनिया की सभी महिलाओं को आप पर गर्व है. अक्षय कुमार ने जिस तरह पैडमैन का रोल किया था, वैसे ही आप कप मैन बन जाइए. हम लड़कियों को सस्ते कप्स उपलब्ध करवाइए. एक दिन अक्षय आप पर भी फिल्म बनाएंगे. लेकिन बस याद दिला दूं कि पीरियड में ब्लड इन्वॉल्व होता है. तो जी कड़ा रखिएगा.
एक भाईसाब ने कहा है कि एक ही चीज को बार बार यूज़ करने से बीमारी होगी. दोस्त आपने शायद वीडियो ठीक से देखा नहीं. कप को कैसे स्टरलाइज़ करना है, ये उस वीडियो में बताया गया है.
एक भाईसाब ने बोला है- इस कप का यूज करके आप 'वर्जेन' नहीं रहोगे. मैं सोचती थी कि गूगल पर हाउ टू मेक वुमन परगोनेंट टाइप की चीजें कैसे लोग सर्च करते होंगे. आज मुझे पता चल गया, ऐसे ही लोग होते हैं वो.
एक दीदी का कहना है कि वो गंदी मानसिकता वाले हैं जो इन प्रोडक्ट्स को बनाते हैं. आपको दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करूंगी मैं. और आगे बढूंगी.
खैर, इसके अलावा इस तरह के कई कमेंट्स आए जिसमें लोग कह रहे हैं कि कैमरे पर लगाकर दिखाओ. कितने कमाल की बात है कि कोई व्यक्ति, चाहे वो मैं हूं या कोई और, अगर आपके सामने फेमिनिन हाइजीन की बात करता है तो आपको ये हास्यास्पद लगता है. आपको लगता है कि एक लड़की अगर इंटिमेट चीजों पर बात करती है, जो, बाय द वे, कोई मज़े की नहीं, बल्कि मेडिकल इम्पॉर्टेंस की चीज़ है, तो वो कोई पॉर्नोग्राफिक बात कर रही है. आपकी सोच को सलाम, आपकी कुंठाओं को सलाम.
लेकिन कुछ लोगों ने हमें बेहद पॉजिटिव बातें कहीं. जैसे कि ये जानकारी उनके काम की है. आपका दिल से शुक्रिया क्योंकि आपके जैसे कमेंट्स ही हमें उन कमेंट्स से लड़ने की शक्ति देते हैं जो आपने ऊपर पढ़े. मैं ये नहीं कहती कि हमारी हर चीज की, हर कॉन्टेंट की आप तारीफ करें. आप आलोचना करें. लेकिन प्लीज ये नहीं भूलें कि चाहे वो एंकर हो या कोई आम महिला. उसका अपमान तो ना करें.
ये तो हो गया इंसानों के यूटरस के आधार पर विभाजन. दिमाग के आधार पर बात करें, तो दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं. एक समझदार और शालीन. दूसरे खलिहर और ट्रोल. आज हम सलाम करने वाले हैं उन्हीं खलिहरों को. जिनको लगता है कि फोन में नेट पैक डलवाने से नैचुरली ही ओपिनियन आ जाती है और वो ओपिनियन उन्हें जगह-जगह देनी ही चाहिए. चाहे उसकी जरूरत हो या ना हो.
हुआ ये कि हमने कुछ दिनों पहले हमने एक वीडियो बनाया मेंस्ट्रूअप कप पर
. यानी वो छोटा सा कप जिसे लड़कियां पीरियड्स के दौरान इस्तेमाल कर सकती हैं. पैड्स के मुकाबले ये बहुत अलग चीज़ है क्योंकि अंडरवियर पर लगाने के बजाय इसे वजाइना के अंदर इंसर्ट किया जाता है. खैर, इसके पूरे इस्तेमाल, इससे जुड़े झूठ, इसके फायदे और जिन महिलाओं ने इसे इस्तेमाल किया है उनके एक्सपीरियंस, सब हमने इस वीडियो में इनक्लूड किया. किसलिए? इसलिए कि हमारी व्यूअर्स में जो लड़कियां हैं, महिलाएं हैं वो ये जान सकें कि उनके पास एक और तरीका है पीरियड्स को हैंडल करने का. जो ईको फ्रेंडली और सस्ता है.
लेकिन हमारे कई व्यूअर हमारी तरह नहीं सोचते. जहां हमें कई अच्छे कमेंट्स मिले जिसमें औरतों ने हमें थैंक्स कहा. कई व्यूअर ऐसे भी थे जिन्होंने हमसे न सिर्फ ऐसी बातें कहीं जो हमारी टीम को अपमानित करती हैं, बल्कि उनके बौद्धिक लेवल का भी परिचय देती हैं.
ऐसे कुछ कमेंट्स आप भी पढ़िए -

रीएकशंस अलग अलग प्लैटफॉर्म्स से लिए गए हैं
एक भाईसाब कहते हैं कि मैम बताओ मत करके दिखाओ. सीरियसली, ये चाहते हैं कि कोई एंकर इनके सामने पीरियड्स के दौरान कप लगाते हुए वीडियो बनाए. ब्रो, आप कितने पढ़े-लिखे और सेंसिटिव हैं इस इशू को लेकर कि मेरी आंखों में आंसू आ गए. सोचिए वो दुनिया कितनी प्रोग्रेसिव होगी जिसमें मेडिकल इन्फॉर्मेशन इतनी सहजता से दी जा सकेगी. तो आप लगे रहें. औरतों की न्यूडिटी के अधिकार के लिए इसी तरह लड़ते रहें.
एक और भैया कहते हैं कि इस कप को बनाना बड़ा आसाना है, 400 रुपये में तो महंगा पड़ेगा. भैया दुनिया की सभी महिलाओं को आप पर गर्व है. अक्षय कुमार ने जिस तरह पैडमैन का रोल किया था, वैसे ही आप कप मैन बन जाइए. हम लड़कियों को सस्ते कप्स उपलब्ध करवाइए. एक दिन अक्षय आप पर भी फिल्म बनाएंगे. लेकिन बस याद दिला दूं कि पीरियड में ब्लड इन्वॉल्व होता है. तो जी कड़ा रखिएगा.

एक भाईसाब ने कहा है कि एक ही चीज को बार बार यूज़ करने से बीमारी होगी. दोस्त आपने शायद वीडियो ठीक से देखा नहीं. कप को कैसे स्टरलाइज़ करना है, ये उस वीडियो में बताया गया है.
एक भाईसाब ने बोला है- इस कप का यूज करके आप 'वर्जेन' नहीं रहोगे. मैं सोचती थी कि गूगल पर हाउ टू मेक वुमन परगोनेंट टाइप की चीजें कैसे लोग सर्च करते होंगे. आज मुझे पता चल गया, ऐसे ही लोग होते हैं वो.


एक दीदी का कहना है कि वो गंदी मानसिकता वाले हैं जो इन प्रोडक्ट्स को बनाते हैं. आपको दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करूंगी मैं. और आगे बढूंगी.

खैर, इसके अलावा इस तरह के कई कमेंट्स आए जिसमें लोग कह रहे हैं कि कैमरे पर लगाकर दिखाओ. कितने कमाल की बात है कि कोई व्यक्ति, चाहे वो मैं हूं या कोई और, अगर आपके सामने फेमिनिन हाइजीन की बात करता है तो आपको ये हास्यास्पद लगता है. आपको लगता है कि एक लड़की अगर इंटिमेट चीजों पर बात करती है, जो, बाय द वे, कोई मज़े की नहीं, बल्कि मेडिकल इम्पॉर्टेंस की चीज़ है, तो वो कोई पॉर्नोग्राफिक बात कर रही है. आपकी सोच को सलाम, आपकी कुंठाओं को सलाम.
लेकिन कुछ लोगों ने हमें बेहद पॉजिटिव बातें कहीं. जैसे कि ये जानकारी उनके काम की है. आपका दिल से शुक्रिया क्योंकि आपके जैसे कमेंट्स ही हमें उन कमेंट्स से लड़ने की शक्ति देते हैं जो आपने ऊपर पढ़े. मैं ये नहीं कहती कि हमारी हर चीज की, हर कॉन्टेंट की आप तारीफ करें. आप आलोचना करें. लेकिन प्लीज ये नहीं भूलें कि चाहे वो एंकर हो या कोई आम महिला. उसका अपमान तो ना करें.

