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579 करोड़ की मालकिन पूर्वी मोदी, जो अपने भाई नीरव मोदी के खिलाफ गवाही देंगी

PNB बैंक घोटाले में नाम सामने आने के बाद पूर्वी ने नीरव के बारे में क्या कहा था?

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8 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 9 जनवरी 2021, 07:12 AM IST)
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बाएं से दाएं: पूर्वी मोदी, जो सरकारी गवाह बन चुक हैं. नीरव मोदी, जिन पर 13,000 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोप हैं. (फोटो- इंडिया टुडे)
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हीरा कारोबारी नीरव मोदी. पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी हैं. इस वक्त लंदन की जेल में बंद हैं. उन्हें भारत वापस लाने की कोशिशें चल रही हैं. इस मामले में अब नीरव की बहन पूर्वी मोदी मेहता और उनके पति मयंक मेहता, दोनों सरकारी गवाह बनने जा रहे हैं. यानी अब नीरव के खिलाफ उनकी बहन गवाही देंगी. ये गवाही प्रवर्तन निदेशालय यानी ED द्वारा दर्ज किए गए दो मामलों में दी जाएगी. ED ने इन मामलों में पूर्वी और मयंक को नीरव के साथ-साथ सह-अभियुक्त बनाया था. बाद में पूर्वी और मयंक ने कोर्ट में माफ़ी के लिए अर्ज़ी दी. साथ ही अपील की थी कि उनकी अर्ज़ी स्वीकार कर ली जाती है तो वे नीरव मोदी के खिलाफ अहम सबूत उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं. उनकी इस अर्ज़ी को स्पेशल कोर्ट ने मंज़ूरी दे दी है.

ये मामला सबसे पहले 2018 के शुरुआती महीनों में सामने आया था. उसके बाद से ही नीरव मोदी के साथ-साथ पूर्वी मोदी का नाम भी जब-तब खबरों में आता रहा. इसलिए ये जानना ज़रूरी है कि पूर्वी आखिर हैं कौन और PNB घोटाले केस में उन पर क्या आरोप लगे.


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नीरव मोदी के साथ जोधपुर के महाराज गज सिंह. दोनों लोग हीरों के उस एग्जिबिशन में थे, जो नीरव मोदी ब्रैंड की ओर से लगाया गया था. (फोटो : niravmodi.com)
कौन हैं पूर्वी मोदी?

नीरव मोदी की बहन हैं. 46 बरस की हैं. जन्म मुंबई में हुआ था. अक्टूबर 1973 में, लेकिन आधिकारिक तौर पर ये हैं बेल्जियम की नागरिक. पति हैं मयंक मेहता. ब्रिटिश नागरिक हैं. रिपोर्ट्स की मानें, तो इस वक्त ये दोनों हॉन्गकॉन्ग में रह रहे हैं.

मामला सबसे पहले सामने आया फरवरी 2018 में. तब नीरव मोदी पर आरोप लगे कि उन्होंने PNB को 11,000 करोड़ रुपए का चूना लगा दिया है. जांच के बाद पता चला कि ये रकम 11,000 करोड़ नहीं, बल्कि 13,500 करोड़ रुपए है.

हालांकि, मामला सामने आने के पहले ही नीरव मोदी हो चुके थे देश से गायब. कहां थे किसी को नहीं पता था. उनके अंकल मेहुल चौकसी, पत्नी कोई भी देश में नहीं था. नीरव के खिलाफ केस दर्ज हुए और जांच शुरू हुई. इस केस में पहली बार पूर्वी का नाम मई 2018 में सामने आया. ED, जो इस मनी लॉन्ड्रिंग केस की छानबीन कर रही थी, उसने एक समन जारी किया. नीरव मोदी के पिता दीपक मोदी, बहन और बहन के पति को. तीनों से कहा गया कि वो मुंबई आकर ED के जांचकर्ताओं से मिले और अपना बयान दर्ज कराएं. सभी को मेल के ज़रिए समन भेजा गया. इस दौरान ED मुंबई में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही थी. और पूर्वी उनकी रडार पर आ चुकी थीं.


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अंतरराष्ट्रीय बाजार में नीरव मोदी हीरे के गहनों का एक बड़ा नाम था. (फोटो : niravmodi.com)

कुछ ही दिन बाद ED ने चार्जशीट दाखिल कर दी. मई 2018 में ही. ये ED की पहली चार्जशीट थी. इसमें PNB स्कैम मामले में 24 लोगों को आरोपी बनाया गया था. इनमें पूर्वी और मयंक के नाम भी शामिल थे. 'इंडिया टुडे' के विरेंद्र सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, चार्जशीट में कहा गया कि नीरव मोदी ने 842 करोड़ रुपए अपनी बहन पूर्वी को दिए थे. यानी पूर्वी पर भी इस स्कैम में शामिल होने के आरोप लगे.

इसके बाद सितंबर 2018 में पूर्वी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया. इंटरपोल यानी इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गेनाइज़ेशन. और रेड कॉर्नर नोटिस किसी व्यक्ति के खिलाफ जारी होने का मतलब है कि इंटरपोल के 192 सदस्य देशों में से जहां कहीं पर भी ये आरोपी दिखे, उसे गिरफ्तार किया जा सकता है. 'इकॉनमिक टाइम्स' में 10 सितंबर, 2018 में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि ED के कहने पर ये नोटिस जारी किया गया था. इसी दौरान 'इंडियन एक्सप्रेस' में एक रिपोर्ट छपी थी, जिसमें एक ED अधिकारी ने कहा था,

"वो (पूर्वी) इस स्कैम में कम से कम 963 करोड़ की लाभार्थी हैं. इस स्कैम में मनी लॉन्ड्रिंग की प्रोसेस को कामयाब बनाने के लिए कई तरह की शेल कंपनियां (एक तरह की फर्जी कंपनी) बनाई गई थीं. पूर्वी इन्हीं कुछ शेल कंपनियों की डायरेक्टर या मालकिन हैं."


क्या काम था पूर्वी मोदी का?

'इंडिया टुडे' से जुड़े पत्रकार मुनीष पांडे और अंकित कुमार की सितंबर, 2018 में एक रिपोर्ट छपी थी. इस रिपोर्ट के आधार पर हम आपको पूर्वी के रोल के बारे में बता रहे हैं. सितंबर, 2018 तक हुई छानबीन में जांचकर्ताओं ने पाया कि पूर्वी मोदी, नीरव मोदी की ब्लैक मनी को संभालती थीं. US के जांचकर्ताओं के मुताबिक, ये पता चला था कि नीरव मोदी भारत से बाहर निवेश करने के लिए अपनी हॉन्गकॉन्ग होल्डिंग कंपनी फायरस्टार होल्डिंग्स लिमिटेड (FHL) का इस्तेमाल करता था. और इन ऑपरेशन्स की डी-फैक्टो मैनेजर (यानी सबकुछ मैनेज करने वाला) थीं पूर्वी मोदी.

जांच के बाद पूर्वी पर ये भी आरोप लगे थे कि वो नीरव की दो शेल कंपनियां- पविलियन पॉइंट कॉर्पोरेशन और लिंक हाई इंटरनेशन को भी ऑपरेट करती थीं. इन कंपनियों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए होता था. यानी पैसों की हेरफेर के लिए. एक और शेल कंपनी का नाम सितंबर 2018 में सामने आया था, फाइन क्लासिक FZE, ये हॉन्गकॉन्ग बेस्ड कंपनी थी, जिसकी मालकिन पूर्वी मेहता थीं. कथित तौर पर इन कंपनियों का इस्तेमाल, नीरव मोदी के फायदे के लिए, भारत, हॉन्गकॉन्ग और अमेरिका के बीच मनी रूट के तौर पर होता था. इसके साथ ही पूर्वी पर ये भी आरोप लगे थे कि उन्होंने कुछ-कुछ जगहों पर अपने बैंक के ज़रिए भी पेमेंट किए थे.


पूर्वी मोदी ने खुद को विवाद से दूर करने की कोशिश की

पूर्वी को सितंबर 2018 में एक समन भी भेजा गया था, जिसमें उनसे कहा गया था कि वो 25 सितंबर, 2018 को कोर्ट के सामने पेश हों. इस दिन पूर्वी के द्वारा एक एफिडेविट मुंबई के एक स्पेशल कोर्ट में फाइल किया गया, जिसमें पूर्वी ने खुद को इस मामले से दूर करने की कोशिश की. उनकी तरफ से कहा गया,

"इंटरेस्टेड पर्सन (पूर्वी) ने अपने बड़े भाई पर बहुत भरोसा जताया था. उन्हें भरोसा था कि उनका भाई केवल वैध व्यापार करता है और किसी भी किस्म के आपराधिक काम नहीं करेगा, ऐसे काम जिससे परिवार के साथ कुछ गलत हो या नुकसान पहुंचे."

पूर्वी ने तब अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया था. दावा किया था कि वो खुद धोखाधाड़ी की शिकार हुई हैं. कहा था कि उनके ऊपर मनी लॉन्ड्रिंग के जो आरोप लगे हैं, उसे देखकर वो खुद हैरान और परेशान हैं. पूर्वी ने तब ये भी कहा था कि ED ने जिन पैसों का लाभार्थी होने का आरोप चार्जशीट में लगाया है, वो उसकी लाभार्थी नहीं हैं. कोर्ट से अपील की थी कि उन्हें इस कार्रवाई से दूर किया जाए और सभी आरोपों से मुक्त किया जाए.


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जोधपुर का उम्मेद भवन, जहां कुछ साल पहले नीरव मोदी ने अपने ब्रैंड के पांच साल पूरे होने पर पार्टी की थी. ( फोटो : niravmodi.com)

ये जान लें कि नीरव मोदी वाले मामले पर CBI और ED दोनों जांच कर रहे हैं, दोनों ने केस फाइल किए हैं. लेकिन 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट की मानें तो पूर्वी को CBI ने आरोपी नहीं बनाया है, ED ने दो मामलों में आरोपी बनाया था. मामला चलता रहा. भगोड़े घोषित हो चुके नीरव मोदी के ठिकाने का पता चल गया और उन्हें लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया. इस बीच जून 2019 में खबर आई कि स्विस बैंक में नीरव मोदी और पूर्वी मोदी से जुड़े चार बैंक खातों को सीज़ कर दिया गया है. इन खातों में कुल 281 करोड़ रुपए थे.


पूर्वी मोदी ने किया गवाह बनने का फैसला

दिसंबर 2020. पूर्वी और उनके पति मयंक मेहता ने मुंबई की एक कोर्ट के सामने दरखास्त दी कि वो इस केस से दूरी बनाना चाहते हैं. कहा कि नीरव की कथित आपराधिक गतिविधियों की वजह से उनका व्यक्तिगत और प्रोफेशनल जीवन रुक सा गया है. उन्होंने ख़ुद को गवाह की तरह पेश करने की बात कही. नीरव से जुड़े ज़रूरी सबूत भी पूर्वी और मयंक देने को तैयार थे. उनकी इस अर्ज़ी को स्पेशल कोर्ट ने अब मंज़ूरी दे दी है. 2018 में भी मयंक ने 'इंडिया टुडे' से कहा था कि उन्होंने नहीं सोचा था कि नीरव घोटाले में शामिल हो सकते हैं. कहा था कि उनके बच्चे टीवी देखकर पूछते हैं कि उनके मामा खबर में क्यों दिखाई दे रहे हैं.

इस मामले में लेटेस्ट अपडेट ये है कि ED ने ट्वीट किया है कि पूर्वी और मयंक ने देश-विदेश में उनकी 579 करोड़ की प्रॉपर्टी को ज़ब्त करने में मदद देने की हामी भी भर दी है. इन प्रॉपर्टी में मुंबई का एक फ्लैट, न्यू यॉर्क के दो फ्लैट, स्विस बैंक अकाउंट में मौजूद पैसे, लंदन के घर की कीमत, भारत के बैंकों में मौजूद पैसों की जानकारी शामिल है. ये सब या तो पूर्वी के नाम पर है या फिर उनके मालिकाना हक वाली किसी कंपनी के नाम पर.


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