पाकिस्तानी इंन्फ्लुएंसर ने टिक टॉक वीडियो के लिए आग लगा दी!
लोगों ने ऐसी क्लास लगाई कि वीडियो डिलीट करना पड़ गया.

हुमैरा असगर. पाकिस्तानी सोशल मीडिया इंफ़्लुएंसर हैं. अपने एक टिकटॉक वीडियो में हुमैरा ने लिटरली आग लगा दी. वीडियो हो गया वायरल और इसके बाद लोग हुमैरा को जमकर ट्रोल कर रहे हैं.
Humaira Asgar ने आग लगा दी आग!टिकटॉक के क्रिएटिव शूरवीरों ने क्या क्या नहीं किया है. ट्रेन के साथ दौड़े, पटरी पर लेटे, मुंह से पानी निकाला, ख़ुद पानी से निकले. लेकिन पाकिस्तान की इस इंफ़्लुएंसर ने जो किया, वो तो ओवर-द-टॉप से भी एकाध फ्लोर ऊपर की बात है.
हुमैरा असगर ने टिकटॉक पर एक वीडियो पोस्ट किया. हां, टिकटॉक पर क्योंकि पाकिस्तान में टिकटॉक बैन नहीं है. पाकिस्तान चीन पर ऐसा ‘स्ट्रैटेजिक हमला’ करना अफ़ोर्ड नहीं कर सकता है न. इस क्लिप में हुमैरा एक पहाड़ी से उतरती दिख रही हैं. सिल्वर बॉल गाउन पहनी हुईं हैं. वीडियो के बैकड्रॉप में आग लगी हुई है. कथित तौर पर ये आग हुमैरा ने ही लगाई थी. डेडीकेशन (कथित तौर पर). कैप्शन में लिखा है,
“मैं जहां भी जाती हूं, आग लग जाती है.”
मामले ने ‘आग’ तब पकड़ी जब पाकिस्तान नेचर नाम के ट्विटर अकाउंट ने ये वीडियो ट्वीट किया. साथ ही कैप्शन में लिखा,
“पाकिस्तान की इस टिकटॉकर ने 15 सेकेंड के वीडियो के लिए जंगल में आग लगा दी. सरकार को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि टिकटॉकर के साथ उस ब्रैंड को भी दंडित किया जाए, जिसके साथ ये काम कर रही हैं.”
इस ट्वीट के बाद तो ‘बाढ़’ आ गई. लोगों ने हुमैरा के इस ऐक्ट को बहुत असंवेदनशील बताया. टिकटॉक पर भी असगर के वीडियो पर ज़्यादातर कॉमेंट्स इसी लहजे के हैं कि ये ऐक्ट ‘इग्नोरेंस और मैडनेस’ से भरा हुआ है.
पर्यावरण के लिए काम करने वाली एक्टिविस्ट और इस्लामाबाद वाइल्ड फ़ायर मैनेजमेंट बोर्ड की अध्यक्ष रीना सईद ख़ान सत्ती ने न्यूज़ एजेंसी AFP से कहा,
“आग को ग्लैमराइज़ करने के बजाय उसे बुझाने के लिए उसे (हुमैरा को) एक बाल्टी पानी रखना चाहिए था.”
हाल के दिनों में पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में तापमान 51 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. हीट वेव का सामना कर रहे पाकिस्तानी लोकल्स के लिए ये वीडियो एक बड़ा डिसापॉइंटमेंट है.
हुमैरा असगर के टिकटॉक पर 11 मिलियन यानी 1.1 करोड़ से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हैं. सोशल मीडिया के गुस्से के बाद ये क्लिप हटा लिया गया है. साथ ही असगर की तरफ़ से सफ़ाई भी आई है. उनके मैनेजर द्वारा जारी एक बयान में कहा कि उन्होंने आग नहीं लगाई और वीडियो बनाने में कोई बुराई नहीं है.
अप्रैल के मिड से जुलाई के अंत तक जंगल में आग लगना आम है. तापमान और बिजली गिरने के साथ-साथ स्लैश-एंड-बर्न खेती के कारण होता है. स्लैश-एंड-बर्न खेती का एक तरीका है, जिसमें लोग खेत की एक फसल की कटाई के बाद खेत में आग लगा देते हैं. राख से भरी परत फसलों को न्यूट्रिएंट-रिच बनाने में मदद करती है.
NGO जर्मनवाच के ग्लोबल क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स के हिसाब से पाकिस्तान क्लाइमेट चेंज की वजह से एक्स्ट्रीम वेदर कंडीशन्स के लिए वल्नरेबल होने वाला आठवां सबसे कमज़ोर देश है. इसके साथ ही विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यावरण के मुद्दों के बारे में आबादी में जागरूकता की कमी है.
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