मुंह के कैंसर से जुड़े ये झूठ बड़ा नुकसान करवा देंगे!
मुंह के कैंसर का जल्दी पता लगाना बहुत जरूरी है.

(यहां बताई गईं बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
ओरल कैंसर यानी मुंह का कैंसर हिंदुस्तान में पुरुषों को होने वाला सबसे आम कैंसर है. हिंदुस्तान टाइम्स में छपी ख़बर के मुताबिक, इंडिया में हर साल 10 लाख लोगों की मौत ओरल कैंसर से होती है. इतने भयानक आंकड़े होने के बवाजूद, ओरल कैंसर को लेकर लोगों में जागरूकता कम है. इसे लेकर कई मिथक भी हैं. क्या हैं ये मिथक, डॉक्टर्स से जानते हैं. साथ ही बात करते हैं कि ओरल कैंसर की पहचान कैसे करें और बचाव के लिए क्या करना चाहिए.
ओरल कैंसर के मिथकये हमें बताया डॉक्टर दीपक सरीन ने.

-जब डॉक्टर को मुंह के कैंसर का शक होता है, तो सबसे पहले टेस्ट के तौर पर बायोप्सी करवाई जाती है
-बायोप्सी यानी उसका छोटा सा एक पीस निकालकर लैब में भेजा जाता है
-बहुत लोगों को ये ग़लतफ़हमी है कि बायोप्सी करने से कैंसर फैल जाता है
-ये सरासर गलत है
-लेकिन इस ग़लतफ़हमी के चक्कर में बहुत सारे लोग डायग्नोसिस में देर कर देते हैं
-दूसरी गलतफ़हमी ये है कि मुंह का कैंसर सिर्फ़ तंबाकू खाने वाले लोगों को होता है
-ये काफ़ी हद तक सच है
-10 में से 8 मरीजों को ये तंबाकू की वजह से होता है
-लेकिन 2 पेशेंट ऐसे होते हैं जिन्होंने तंबाकू कभी भी इस्तेमाल नहीं किया होता है
-ये एक मिथक है कि सिर्फ़ तंबाकू इस्तेमाल करने वालों को ही मुंह का कैंसर होता है
-ये किसी को भी हो सकता है
-लेकिन जो लोग तंबाकू या शराब का इस्तेमाल करते हैं, उनको ज्यादा रिस्क है
-तीसरी ग़लतफ़हमी है कि ओरल कैंसर केवल बुज़ुर्ग लोगों को होता है
-ओरल कैंसर बहुत कम उम्र में भी हो सकता है

-क्योंकि ऐसे लोगों ने बचपन में ही तंबाकू का इस्तेमाल शुरू कर दिया होता है
बचाव-अगर इस बीमारी से बचना है तो तंबाकू का इस्तेमाल करने से बचें
-तंबाकू न इस्तेमाल हो तो 80 प्रतिशत ओरल कैंसर के मामले खत्म हो सकते हैं
-दूसरा कारण शराब है
-जो लोग शराब और तंबाकू दोनों इस्तेमाल करते हैं, उनका रिस्क 10 गुना ज़्यादा है
-इन दोनों से बचे रहें तो ओरल कैंसर से भी बचे रहेंगे
पहचान-इसकी सबसे बड़ी पहचान है मुंह में छाला
-या एक गांठ जो ठीक नहीं होती
-ज़रूरी नहीं इस गांठ में दर्द हो
-लेकिन पहचान इससे होती है कि ये छाला ठीक नहीं होता
-इसके लिए डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करें
ओरल कैंसर की पहचान जितनी जल्दी हो जाए उतना अच्छा है. इसलिए अगर आपके मुंह में कोई ऐसा छाला या गांठ है, जो ठीक नहीं हो रहा तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं.
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